20 जुलाई 2026
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सीसीपीए ने 41 रेस्तरां पर कसा शिकंजा, बिना मंजूरी सर्विस चार्ज वसूली पर सख्त कार्रवाई

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सीसीपीए ने 41 रेस्तरां पर कसा शिकंजा, बिना मंजूरी सर्विस चार्ज वसूली पर सख्त कार्रवाई

सारांश

सीसीपीए ने बिना उपभोक्ता सहमति के सर्विस चार्ज वसूलने पर 41 रेस्तरां के खिलाफ कार्रवाई की है। चायोस पर ₹50,000 जुर्माना और बिलिंग सिस्टम बदलने का आदेश — 2022 के नियमों के बावजूद उल्लंघन जारी रहना प्रवर्तन की खामियों को उजागर करता है।

मुख्य बातें

सीसीपीए ने 19 जुलाई 2026 को देशभर के 41 रेस्तरां के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई शुरू की।
चायोस (सनशाइन टीहाउस प्राइवेट लिमिटेड) पर ₹50,000 जुर्माना लगाया गया और वसूला गया सर्विस चार्ज वापस करने का आदेश दिया गया।
चायोस को अपने सभी आउटलेट्स की सॉफ्टवेयर बिलिंग प्रणाली में बदलाव कर स्वतः सर्विस चार्ज जोड़ने की सुविधा हटाने का निर्देश दिया गया।
4 जुलाई 2022 के दिशा-निर्देशों के तहत रेस्तरां बिल में डिफॉल्ट सर्विस चार्ज नहीं जोड़ सकते; यह शुल्क पूरी तरह स्वैच्छिक है।
उपभोक्ता राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन के टोल-फ्री नंबर 1915 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने 19 जुलाई 2026 को देशभर के 41 रेस्तरां के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू की है। इन प्रतिष्ठानों पर आरोप है कि उन्होंने उपभोक्ताओं की स्पष्ट सहमति के बिना बिल में सर्विस चार्ज जोड़कर अनुचित व्यापारिक तरीके अपनाए। यह कार्रवाई राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) पर दर्ज शिकायतों और उनके साथ संलग्न बिलों की जांच के बाद की गई है।

मुख्य घटनाक्रम

सीसीपीए को एनसीएच पर ऐसी शिकायतें मिलीं जिनमें उपभोक्ताओं ने बिल संलग्न कर यह दर्शाया कि रेस्तरां ने उनकी अनुमति लिए बिना डिफॉल्ट रूप से सर्विस चार्ज वसूला। जांच में पाया गया कि यह व्यवहार 4 जुलाई 2022 को जारी सरकारी दिशा-निर्देशों का सीधा उल्लंघन है, जिनके तहत कोई भी होटल या रेस्तरां बिल में स्वतः सर्विस चार्ज नहीं जोड़ सकता।

इन दिशा-निर्देशों के अनुसार, सर्विस चार्ज पूरी तरह स्वैच्छिक है और किसी भी उपभोक्ता को इसे देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। साथ ही, सर्विस चार्ज न देने पर ग्राहक को प्रवेश या सेवा से वंचित करना भी नियमों का उल्लंघन है।

चायोस पर ₹50,000 का जुर्माना

इस श्रृंखला में सबसे उल्लेखनीय कार्रवाई चायोस (सनशाइन टीहाउस प्राइवेट लिमिटेड) के खिलाफ की गई, जिस पर सीसीपीए ने अंतिम आदेश जारी करते हुए ₹50,000 का जुर्माना लगाया। प्राधिकरण ने कंपनी को निर्देश दिया कि वह प्रभावित उपभोक्ता से वसूला गया सर्विस चार्ज वापस करे।

इसके अतिरिक्त, चायोस को अपने सभी आउटलेट्स की सॉफ्टवेयर आधारित बिलिंग प्रणाली में बदलाव करने का निर्देश दिया गया, ताकि भविष्य में किसी भी बिल में सर्विस चार्ज या समकक्ष शुल्क स्वतः न जुड़ सके। यह निर्देश तकनीकी स्तर पर उल्लंघन को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

शेष 41 रेस्तरां पर आगे की कार्रवाई

जिन अन्य रेस्तरां के खिलाफ शिकायतें प्राप्त हुई हैं और जांच पूरी हो चुकी है, उनके मामलों में भी कार्रवाई जारी है। सीसीपीए ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान एकबारगी नहीं, बल्कि उपभोक्ता अधिकारों की निरंतर निगरानी का हिस्सा है। गौरतलब है कि 2022 के दिशा-निर्देश जारी होने के बाद भी कई प्रतिष्ठानों ने व्यवहार में बदलाव नहीं किया, जो इस कार्रवाई की पृष्ठभूमि बनी।

उपभोक्ताओं के अधिकार और नियम

4 जुलाई 2022 को जारी दिशा-निर्देशों के प्रमुख प्रावधान इस प्रकार हैं: कोई भी होटल या रेस्तरां बिल में डिफॉल्ट रूप से सर्विस चार्ज नहीं जोड़ सकता; उपभोक्ता को सर्विस चार्ज देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता; और ग्राहक को स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए कि यह शुल्क पूरी तरह ऐच्छिक है। सर्विस चार्ज न देने पर किसी उपभोक्ता को रेस्तरां में प्रवेश या सेवा से वंचित करना भी प्रतिबंधित है।

उपभोक्ता कहाँ करें शिकायत

सीसीपीए ने उपभोक्ताओं से आग्रह किया है कि यदि कोई रेस्तरां बिना अनुमति के बिल में सर्विस चार्ज जोड़ता है, तो वे राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन के टोल-फ्री नंबर 1915 पर या एनसीएच के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकते हैं। यह पहल उपभोक्ता जागरूकता और संस्थागत जवाबदेही दोनों को एक साथ मजबूत करने की कोशिश है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन एक असुविधाजनक सवाल उठती है — 2022 के दिशा-निर्देश जारी हुए चार साल बीत चुके हैं, फिर भी 41 रेस्तरां खुलेआम उल्लंघन करते रहे। यह प्रवर्तन तंत्र की संरचनात्मक कमज़ोरी को दर्शाता है, जहाँ नियम बनाना और उन्हें लागू करना दो अलग-अलग दुनिया हैं। चायोस जैसे बड़े ब्रांड पर ₹50,000 का जुर्माना उस कारोबार के लिए नगण्य है जिसके देशभर में सैकड़ों आउटलेट हैं — असली निवारक तभी बनेगा जब जुर्माने की राशि उल्लंघन के पैमाने के अनुपात में हो। बिलिंग सॉफ्टवेयर बदलने का निर्देश एक सही तकनीकी हस्तक्षेप है, लेकिन बिना नियमित ऑडिट के यह भी कागज़ी आदेश बनकर रह सकता है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीसीपीए ने 41 रेस्तरां के खिलाफ क्यों कार्रवाई की?
सीसीपीए ने इन रेस्तरां पर उपभोक्ताओं की स्पष्ट सहमति के बिना बिल में सर्विस चार्ज जोड़ने का आरोप लगाया है, जो 4 जुलाई 2022 के सरकारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है। राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर मिली शिकायतों और बिलों की जांच के बाद यह कार्रवाई की गई।
चायोस पर क्या कार्रवाई हुई?
सीसीपीए ने चायोस (सनशाइन टीहाउस प्राइवेट लिमिटेड) पर ₹50,000 का जुर्माना लगाया और उपभोक्ता से वसूला गया सर्विस चार्ज वापस करने का आदेश दिया। इसके साथ ही कंपनी को अपने सभी आउटलेट्स की बिलिंग प्रणाली में बदलाव कर स्वतः सर्विस चार्ज जोड़ने की सुविधा हटाने का निर्देश दिया गया।
रेस्तरां में सर्विस चार्ज को लेकर नियम क्या हैं?
4 जुलाई 2022 को जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, कोई भी होटल या रेस्तरां बिल में डिफॉल्ट रूप से सर्विस चार्ज नहीं जोड़ सकता। यह शुल्क पूरी तरह स्वैच्छिक है और सर्विस चार्ज न देने पर किसी उपभोक्ता को प्रवेश या सेवा से वंचित नहीं किया जा सकता।
अगर रेस्तरां बिना अनुमति सर्विस चार्ज जोड़े तो शिकायत कहाँ करें?
उपभोक्ता राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन के टोल-फ्री नंबर 1915 पर या एनसीएच के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं। सीसीपीए ने स्वयं उपभोक्ताओं से इस माध्यम का उपयोग करने की अपील की है।
क्या सभी 41 रेस्तरां पर जुर्माना लग चुका है?
अभी तक केवल चायोस के खिलाफ अंतिम आदेश जारी हुआ है और ₹50,000 का जुर्माना लगाया गया है। शेष रेस्तरां के मामलों में जांच पूरी हो चुकी है और आगे की कार्रवाई जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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