सीसीपीए ने 41 रेस्तरां पर कसा शिकंजा, बिना मंजूरी सर्विस चार्ज वसूली पर सख्त कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने 19 जुलाई 2026 को देशभर के 41 रेस्तरां के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू की है। इन प्रतिष्ठानों पर आरोप है कि उन्होंने उपभोक्ताओं की स्पष्ट सहमति के बिना बिल में सर्विस चार्ज जोड़कर अनुचित व्यापारिक तरीके अपनाए। यह कार्रवाई राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) पर दर्ज शिकायतों और उनके साथ संलग्न बिलों की जांच के बाद की गई है।
मुख्य घटनाक्रम
सीसीपीए को एनसीएच पर ऐसी शिकायतें मिलीं जिनमें उपभोक्ताओं ने बिल संलग्न कर यह दर्शाया कि रेस्तरां ने उनकी अनुमति लिए बिना डिफॉल्ट रूप से सर्विस चार्ज वसूला। जांच में पाया गया कि यह व्यवहार 4 जुलाई 2022 को जारी सरकारी दिशा-निर्देशों का सीधा उल्लंघन है, जिनके तहत कोई भी होटल या रेस्तरां बिल में स्वतः सर्विस चार्ज नहीं जोड़ सकता।
इन दिशा-निर्देशों के अनुसार, सर्विस चार्ज पूरी तरह स्वैच्छिक है और किसी भी उपभोक्ता को इसे देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। साथ ही, सर्विस चार्ज न देने पर ग्राहक को प्रवेश या सेवा से वंचित करना भी नियमों का उल्लंघन है।
चायोस पर ₹50,000 का जुर्माना
इस श्रृंखला में सबसे उल्लेखनीय कार्रवाई चायोस (सनशाइन टीहाउस प्राइवेट लिमिटेड) के खिलाफ की गई, जिस पर सीसीपीए ने अंतिम आदेश जारी करते हुए ₹50,000 का जुर्माना लगाया। प्राधिकरण ने कंपनी को निर्देश दिया कि वह प्रभावित उपभोक्ता से वसूला गया सर्विस चार्ज वापस करे।
इसके अतिरिक्त, चायोस को अपने सभी आउटलेट्स की सॉफ्टवेयर आधारित बिलिंग प्रणाली में बदलाव करने का निर्देश दिया गया, ताकि भविष्य में किसी भी बिल में सर्विस चार्ज या समकक्ष शुल्क स्वतः न जुड़ सके। यह निर्देश तकनीकी स्तर पर उल्लंघन को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
शेष 41 रेस्तरां पर आगे की कार्रवाई
जिन अन्य रेस्तरां के खिलाफ शिकायतें प्राप्त हुई हैं और जांच पूरी हो चुकी है, उनके मामलों में भी कार्रवाई जारी है। सीसीपीए ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान एकबारगी नहीं, बल्कि उपभोक्ता अधिकारों की निरंतर निगरानी का हिस्सा है। गौरतलब है कि 2022 के दिशा-निर्देश जारी होने के बाद भी कई प्रतिष्ठानों ने व्यवहार में बदलाव नहीं किया, जो इस कार्रवाई की पृष्ठभूमि बनी।
उपभोक्ताओं के अधिकार और नियम
4 जुलाई 2022 को जारी दिशा-निर्देशों के प्रमुख प्रावधान इस प्रकार हैं: कोई भी होटल या रेस्तरां बिल में डिफॉल्ट रूप से सर्विस चार्ज नहीं जोड़ सकता; उपभोक्ता को सर्विस चार्ज देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता; और ग्राहक को स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए कि यह शुल्क पूरी तरह ऐच्छिक है। सर्विस चार्ज न देने पर किसी उपभोक्ता को रेस्तरां में प्रवेश या सेवा से वंचित करना भी प्रतिबंधित है।
उपभोक्ता कहाँ करें शिकायत
सीसीपीए ने उपभोक्ताओं से आग्रह किया है कि यदि कोई रेस्तरां बिना अनुमति के बिल में सर्विस चार्ज जोड़ता है, तो वे राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन के टोल-फ्री नंबर 1915 पर या एनसीएच के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकते हैं। यह पहल उपभोक्ता जागरूकता और संस्थागत जवाबदेही दोनों को एक साथ मजबूत करने की कोशिश है।