भारतीय सरकार ने होटलों और रेस्तरां में 'एलपीजी शुल्क' पर रोक लगाई, उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई

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भारतीय सरकार ने होटलों और रेस्तरां में 'एलपीजी शुल्क' पर रोक लगाई, उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई

सारांश

भारत सरकार ने होटलों और रेस्तरां में ग्राहकों से 'एलपीजी शुल्क' वसूलने पर कड़ी रोक लगाई है, इसे अनुचित व्यापार प्रथा माना गया है। यह कदम ग्राहकों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है।

Key Takeaways

  • सरकार ने एलपीजी शुल्क वसूलने पर रोक लगाई है।
  • अनुचित व्यापार प्रथाओं पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
  • उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नई दिल्ली, २५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। वैश्विक गैस संकट के मद्देनजर, भारतीय सरकार ने होटलों एवं रेस्तरां में ग्राहकों से “एलपीजी शुल्क” वसूलने पर कड़ी एडवाइजरी जारी की है। इसे अनुचित व्यापार प्रथा मानते हुए तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है।

उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने उपभोक्ता बिलों में "एलपीजी शुल्क", "गैस सरचार्ज" और "ईंधन लागत वसूली" जैसे अतिरिक्त शुल्क लगाने वाले होटलों एवं रेस्तरांओं पर सख्त नजर रखी है। इस प्रथा को उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, २०१९ के अंतर्गत अनुचित व्यापार व्यवहार माना गया है।

बयान में यह भी कहा गया है कि सेवा शुल्क के मौजूदा दिशानिर्देशों से बचने के लिए, ऐसे शुल्क स्वचालित रूप से लगाए जा रहे हैं। सीसीपीए ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम २०१९ की धारा १० के तहत जारी नई एडवाइजरी में यह निर्देश दिया है कि ऐसे किसी भी शुल्क को स्वचालित रूप से नहीं लिया जाएगा। उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

सरकार ने यह भी बताया कि राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) पर मिल रही शिकायतों और मीडिया रिपोर्टों के आधार पर सीसीपीए ने पाया है कि कुछ होटल और रेस्तरां मेनू में प्रदर्शित खाद्य एवं पेय पदार्थों की कीमतों के अलावा उपभोक्ता बिल में डिफॉल्ट रूप से ऐसे शुल्क जोड़ रहे हैं। इस प्रकार की प्रथाओं के चलते पारदर्शिता में कमी और उपभोक्ताओं पर अनुचित वित्तीय बोझ पड़ता है।

सीसीपीए ने यह स्पष्ट किया है कि ईंधन, एलपीजी, बिजली तथा अन्य परिचालन व्यय जैसे इनपुट लागतें व्यवसाय की मूलभूत लागत का हिस्सा हैं और इन्हें मेनू आइटम की कीमतों में शामिल किया जाना चाहिए। अलग से वसूला जाने वाला शुल्क अधिनियम की धारा २(४७) के तहत अनुचित व्यापार व्यवहार माना जाएगा।

सीसीपीए ने अपनी एडवाइजरी में यह भी कहा कि कोई भी होटल या रेस्तरां बिल में "एलपीजी शुल्क", "गैस शुल्क" या अन्य समान शुल्क स्वचालित रूप से नहीं वसूलेगा और मेनू में प्रदर्शित कीमत ही अंतिम कीमत होगी, जिसमें केवल लागू कर अलग से जोड़े जा सकते हैं।

Point of View

जिससे उपभोक्ताओं को पारदर्शिता और उचित लागत का लाभ मिल सके।
NationPress
26/03/2026

Frequently Asked Questions

एलपीजी शुल्क क्या है?
एलपीजी शुल्क एक अतिरिक्त शुल्क है जो कुछ होटल और रेस्तरां ग्राहकों से भोजन और पेय पदार्थों के लिए वसूलते हैं।
सरकार ने यह रोक क्यों लगाई?
यह रोक उपभोक्ताओं की सुरक्षा और अनुचित व्यापार प्रथाओं को रोकने के लिए लगाई गई है।
उल्लंघन करने पर क्या कार्रवाई होगी?
उल्लंघन करने वाले होटलों और रेस्तरां पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
क्या सभी होटल और रेस्तरां पर यह नियम लागू होंगे?
हाँ, यह नियम सभी होटल और रेस्तरां पर लागू होंगे जो अतिरिक्त शुल्क वसूलते हैं।
उपभोक्ता हेल्पलाइन पर शिकायत कैसे करें?
उपभोक्ता हेल्पलाइन पर फोन करके या वेबसाइट पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
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