भारत अब अमेरिका से भी एलपीजी खरीदकर मिडिल ईस्ट से आयात में कमी को पूरा कर रहा है: सरकारी अधिकारी
सारांश
Key Takeaways
- भारत अमेरिका से गैस खरीद रहा है।
- एलपीजी की कोई कमी नहीं है।
- सरकार ने ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए कदम उठाए हैं।
- अधिकांश उपभोक्ता एलपीजी से पीएनजी में शिफ्ट हो रहे हैं।
- भारतीय जहाज और नाविक सुरक्षित हैं।
नई दिल्ली, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। एलपीजी की संभावित कमी को ध्यान में रखते हुए, भारत सरकार ने जानकारी दी है कि अब भारत मिडिल ईस्ट के साथ-साथ अमेरिका से भी गैस खरीद रहा है, ताकि सप्लाई चेन में आई रुकावट को दूर किया जा सके।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने दैनिक ब्रीफिंग में बताया कि लगातार जारी युद्ध के चलते स्थिति निश्चित रूप से चिंताजनक है, लेकिन देश में किसी भी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर पर गैस खत्म होने की कोई सूचना नहीं है।
उन्होंने आगे बताया कि ऑनलाइन बुकिंग 94 प्रतिशत तक पहुंच गई है और लगभग 83 प्रतिशत सिलेंडर की डिलीवरी डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड के माध्यम से हो रही है।
सुजाता शर्मा ने कहा कि घबराहट में की जाने वाली बुकिंग में कमी आई है और बुधवार को लगभग 57 लाख रिफिल बुकिंग की गईं। उन्होंने आगे कहा कि एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी सामान्य रूप से जारी है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि देश में कच्चे तेल और रिफाइनरी का कामकाज सुचारू है। घरेलू पीएनजी और सीएनजी की सप्लाई 100 प्रतिशत बनी हुई है। उन्होंने आम जनता से आग्रह किया कि जहां तक संभव हो, एलपीजी की जगह पीएनजी का उपयोग करें। पिछले तीन दिनों में 5,600 से ज्यादा उपभोक्ता एलपीजी से पीएनजी में परिवर्तित हुए हैं।
सुजाता शर्मा ने यह बताया कि मिडिल ईस्ट में किसी भी समस्या का असर भारत पर पड़ता है। इसीलिए भारत ने अपने तेल और गैस आयात को विविधता दी है। अब देश का लगभग 70 प्रतिशत तेल आयात मिडिल ईस्ट के बाहर के देशों से हो रहा है, जिनमें अमेरिका, रूस और नाइजीरिया जैसे अफ्रीकी देश शामिल हैं।
सरकार ने सभी राज्यों को पत्र लिखकर ब्लैक मार्केटिंग और जमाखोरी की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा है। बुधवार को देशभर में लगभग 6,000 छापे मारे गए।
उत्तर प्रदेश में 1,100 छापों के दौरान 1,000 सिलेंडर जब्त किए गए, जबकि मध्य प्रदेश में 1,632 छापों में 2,300 सिलेंडर जब्त किए गए।
केंद्र सरकार ने राज्यों से कहा है कि जहां भी नियमों का उल्लंघन हो, वहां सख्त कार्रवाई की जाए।
राज्यों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, लगभग 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जबकि लगभग 25 राज्यों में जिला स्तर पर निगरानी समितियां भी स्थापित की गई हैं।
इस बीच, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में सभी भारतीय जहाज और नाविक सुरक्षित हैं।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में 22 भारतीय जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पश्चिम में उपस्थित हैं और पिछले 24 घंटों में 16 से ज्यादा भारतीय नाविक अपने कार्यकाल पूरा करने के बाद भारत लौट चुके हैं। मंत्रालय इस पूरे हालात पर निरंतर नजर रखे हुए है।