एलपीजी कनेक्शन छोड़कर 6,000 पीएनजी उपभोक्ताओं ने उपलब्धता बढ़ाई

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एलपीजी कनेक्शन छोड़कर 6,000 पीएनजी उपभोक्ताओं ने उपलब्धता बढ़ाई

सारांश

दिल्ली में करीब 6,000 पीएनजी ग्राहकों ने एलपीजी कनेक्शन छोड़ने का निर्णय लिया है, जिससे उन लोगों के लिए एलपीजी की उपलब्धता में सुधार होगा जिनके पास पीएनजी की सुविधा नहीं है। जानें इस बदलाव का क्या प्रभाव पड़ेगा।

Key Takeaways

  • 6,000 पीएनजी ग्राहकों ने एलपीजी कनेक्शन छोड़े।
  • एलपीजी की उपलब्धता में सुधार होगा।
  • देशभर में 54 लाख से अधिक एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी हुई।
  • ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग 91 प्रतिशत तक बढ़ी।
  • सरकार ने ईंधन पर 10 रुपए प्रति लीटर की कमी की।

नई दिल्ली, 29 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। लगभग 6,000 पीएनजी उपभोक्ताओं ने अपने एलपीजी कनेक्शन को छोड़ दिया है। इससे उन लोगों के लिए एलपीजी की उपलब्धता में सुधार होगा, जिनके घरों के आसपास पीएनजी की सुविधा नहीं है। यह जानकारी पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा रविवार को साझा की गई।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस सचिव नीरज मित्तल ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "कल तक लगभग 6000 पीएनजी उपभोक्ताओं ने अपना एलपीजी कनेक्शन छोड़ दिया। उन्हें दिल से धन्यवाद! आप भी उन साहसी नागरिकों के समूह में शामिल हों, जिन्होंने बिना पीएनजी वाले लोगों को एलपीजी दिलाने में मदद के लिए एलपीजी कनेक्शन का उपयोग बंद कर दिया है।"

उन्होंने आगे कहा, "आज ही मायपीएनजीडीडॉटइन पर अपना एलपीजी कनेक्शन छोड़ दें।"

उन्होंने उन अन्य लोगों से भी एलपीजी छोड़ने का आग्रह किया जिनके पास पीएनजी कनेक्शन हैं और जो अभी भी एलपीजी का लाभ उठा रहे हैं।

मंत्रालय के अनुसार, शनिवार को देशभर में 54 लाख से अधिक एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी की गई है। वैश्विक स्तर पर आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने के बावजूद, घरेलू स्तर पर आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। देश में किसी भी डीलरशिप पर एलपीजी खत्म होने की रिपोर्ट नहीं मिली है। ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग 91 प्रतिशत तक बढ़ गई है।

वितरक स्तर पर कालाबाजारी को रोकने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) की हिस्सेदारी 84 प्रतिशत हो गई है, जो कि फरवरी 2026 में 53 प्रतिशत थी।

मंत्रालय ने आगे कहा कि सभी रिफाइनरियां अपनी पूर्ण क्षमता से काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया, “देश में पेट्रोल और डीजल का भी पर्याप्त भंडार है। घरेलू खपत को पूरा करने के लिए रिफाइनरियों से एलपीजी उत्पादन बढ़ाया गया है।”

उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी गई है और पीएनजी के घरेलू उपभोक्ताओं और ट्रांसपोर्ट सीएनजी की 100 प्रतिशत मांग को पूरा किया जा रहा है। ग्रिड से जुड़े औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को उनकी औसत खपत का 80 प्रतिशत आपूर्ति की जा रही है।

बयान में कहा गया,“एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए कई राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में छापेमारी जारी है। अब तक लगभग 2,900 छापे मारे जा चुके हैं और कल 1,700 से अधिक सिलेंडर जब्त किए गए। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (ओएमसी) ने अब तक एलपीजी वितरकों को 390 से अधिक कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।”

इसके अलावा, देश भर में सभी खुदरा ईंधन आउटलेट सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपए प्रति लीटर की कमी की है।

Point of View

जिन्हें इसकी अधिक आवश्यकता है।
NationPress
30/03/2026

Frequently Asked Questions

पीएनजी ग्राहक एलपीजी कनेक्शन क्यों छोड़ रहे हैं?
पीएनजी ग्राहक एलपीजी कनेक्शन छोड़कर अन्य लोगों को एलपीजी उपलब्ध कराने में मदद कर रहे हैं।
एलपीजी की उपलब्धता में सुधार कैसे होगा?
जब अधिक पीएनजी ग्राहक अपना एलपीजी कनेक्शन छोड़ेंगे, तो यह उन लोगों के लिए अधिक एलपीजी उपलब्ध कराएगा, जिनके पास पीएनजी की सुविधा नहीं है।
क्या एलपीजी की डिलीवरी में कोई समस्या है?
नहीं, वर्तमान में एलपीजी की डिलीवरी सामान्य है और किसी भी डीलरशिप पर एलपीजी खत्म होने की रिपोर्ट नहीं मिली है।
डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) का क्या महत्व है?
डीएसी का उपयोग वितरक स्तर पर कालाबाजारी को रोकने के लिए किया जाता है, जिससे डिलीवरी की हिस्सेदारी बढ़ी है।
सरकार ने ईंधन की कीमतों में क्या बदलाव किया है?
सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपए प्रति लीटर की कमी की है।
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