एलपीजी कनेक्शन छोड़ने वाले 6,000 पीएनजी उपभोक्ताओं से बढ़ेगी एलपीजी उपलब्धता

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एलपीजी कनेक्शन छोड़ने वाले 6,000 पीएनजी उपभोक्ताओं से बढ़ेगी एलपीजी उपलब्धता

सारांश

6,000 पीएनजी ग्राहकों ने अपने एलपीजी कनेक्शन छोड़े हैं, जिससे एलपीजी की उपलब्धता में सुधार होगा। यह कदम उन लोगों के लिए फायदेमंद साबित होगा, जिनके निकट पीएनजी की सुविधा उपलब्ध नहीं है। जानें इस निर्णय के पीछे की वजह और सरकार की योजनाएं।

Key Takeaways

  • 6,000 पीएनजी ग्राहकों ने एलपीजी कनेक्शन छोड़े।
  • एलपीजी की उपलब्धता में सुधार होगा।
  • सरकार की पॉलिसी से कालाबाजारी पर नियंत्रण।
  • सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं।
  • ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग में बढ़ोतरी।

नई दिल्ली, 29 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। लगभग 6,000 पीएनजी ग्राहकों ने अपने एलपीजी कनेक्शन को छोड़ने का निर्णय लिया है। इससे उन उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की उपलब्धता में सुधार होगा, जिनके निवास स्थान पर पीएनजी की सुविधा नहीं है। यह जानकारी रविवार को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा साझा की गई।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस सचिव नीरज मित्तल ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "कल तक लगभग 6000 पीएनजी उपभोक्ताओं ने अपने एलपीजी कनेक्शन को छोड़ दिया है। इन सभी का आभार! आप भी उन नागरिकों में शामिल हों, जिन्होंने एलपीजी का उपयोग बंद करके बिना पीएनजी वालों की सहायता की है।"

उन्होंने आगे कहा, "आज ही मायपीएनजीडीडॉटइन पर जाकर अपना एलपीजी कनेक्शन छोड़ें।"

उन्होंने उन अन्य लोगों से भी निवेदन किया जिन्होंने पीएनजी कनेक्शन लिया है लेकिन अभी भी एलपीजी का उपयोग कर रहे हैं, कि वे भी एलपीजी छोड़ दें।

मंत्रालय के अनुसार, शनिवार को पूरे देश में 54 लाख से अधिक एलपीजी सिलेंडर्स की डिलीवरी की गई है। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं के बावजूद घरेलू स्तर पर आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। देश के किसी भी डीलरशिप पर एलपीजी खत्म होने की कोई सूचना नहीं मिली है। ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग में 91 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

वितरक स्तर पर कालाबाजारी को रोकने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) की हिस्सेदारी 84 प्रतिशत हो गई है, जबकि फरवरी 2026 में यह 53 प्रतिशत थी।

मंत्रालय ने आगे कहा कि सभी रिफाइनरियां अपने पूर्ण क्षमता पर कार्य कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, "देश में पेट्रोल और डीजल का भी पर्याप्त भंडार है। घरेलू खपत को पूरा करने के लिए रिफाइनरियों से एलपीजी उत्पादन में वृद्धि की गई है।"

उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी गई है और पीएनजी के घरेलू उपभोक्ताओं और ट्रांसपोर्ट सीएनजी की 100 प्रतिशत मांग को पूरा किया जा रहा है। ग्रिड से जुड़े औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को उनकी औसत खपत का 80 प्रतिशत आपूर्ति की जा रही है।

बयान में कहा गया, "एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए कई राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में छापेमारी जारी है। अब तक लगभग 2,900 छापे मारे जा चुके हैं और कल 1,700 से अधिक सिलेंडर जब्त किए गए हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (ओएमसी) ने अब तक एलपीजी वितरकों को 390 से अधिक कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।"

इसके अतिरिक्त, देश भर में सभी खुदरा ईंधन आउटलेट सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं। सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपए प्रति लीटर की कमी की है।

Point of View

बल्कि यह उन उपभोक्ताओं के लिए भी एक सकारात्मक कदम है जो पीएनजी की सुविधा से वंचित हैं। सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम से उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
NationPress
31/03/2026

Frequently Asked Questions

एलपीजी कनेक्शन छोड़ने का क्या लाभ है?
इससे उन लोगों को एलपीजी की उपलब्धता में सुधार होगा, जिनके पास पीएनजी की सुविधा नहीं है।
क्या सभी ग्राहक एलपीजी छोड़ सकते हैं?
हाँ, अगर आपके पास पीएनजी कनेक्शन है और आप अभी भी एलपीजी का उपयोग कर रहे हैं, तो आप इसे छोड़ सकते हैं।
क्या सरकार ने एलपीजी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए कोई कदम उठाए हैं?
जी हाँ, सरकार ने एलपीजी उत्पादन बढ़ाने और कालाबाजारी रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं।
क्या एलपीजी की डिलीवरी सामान्य है?
हाँ, देशभर में एलपीजी सिलेंडर्स की डिलीवरी सामान्य है और कोई कमी नहीं है।
क्या ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग में वृद्धि हुई है?
जी हाँ, ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग में 91 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
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