अगोडा पर ₹299 की जगह ₹4,764 कैंसलेशन चार्ज: मंत्री प्रल्हाद जोशी ने CCPA को जांच के दिए निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी ने शनिवार, 23 मई 2026 को उपभोक्ता मामलों के विभाग और केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) को निर्देश दिए कि वे अगोडा सहित अन्य ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म्स द्वारा कथित तौर पर वसूले जा रहे अत्यधिक कैंसलेशन शुल्क की जांच करें। यह कार्रवाई तब सामने आई जब एक सोशल मीडिया पोस्ट में यह दावा किया गया कि अगोडा ने अकासा एयर की टिकट रद्द करने पर एयरलाइन के वास्तविक शुल्क से करीब 15 गुना अधिक राशि काटी।
मामले की पृष्ठभूमि
भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के राष्ट्रीय सचिव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि उन्होंने अकासा एयर की टिकट अगोडा के ज़रिए बुक की थी और गलती से मुंबई की जगह नवी मुंबई चुन लिया था। जब उन्होंने टिकट रद्द करने की कोशिश की, तो अगोडा ने ₹4,764 कैंसलेशन शुल्क दिखाया और केवल ₹1,571 रिफंड बताई।
इसके विपरीत, जब उन्होंने सीधे अकासा एयर की आधिकारिक वेबसाइट पर जाँच की, तो वहाँ केवल ₹299 की कटौती और ₹6,076 का रिफंड दिखाया गया। अकासा एयर के कस्टमर केयर ने भी पुष्टि की कि एयरलाइन का कैंसलेशन चार्ज मात्र ₹299 है, तथापि रिफंड अगोडा के ज़रिए ही प्रोसेस होगा क्योंकि बुकिंग उसी प्लेटफॉर्म से की गई थी।
मंत्री की प्रतिक्रिया और जांच के निर्देश
मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, 'मैंने उपभोक्ता मामलों के विभाग और CCPA को यह जांच करने के निर्देश दिए हैं कि क्या ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म उपभोक्ताओं से एयरलाइंस द्वारा लिए जाने वाले शुल्क या बुकिंग के समय बताई गई राशि से अधिक कैंसलेशन चार्ज वसूल रहे हैं।'
जोशी ने यह भी स्पष्ट किया कि देश में सक्रिय अन्य ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म्स की कार्यप्रणाली की भी जांच के दायरे में लाया जाएगा। उनके अनुसार, इस तरह की गतिविधियाँ पारदर्शिता और उपभोक्ताओं के भरोसे को कमज़ोर करती हैं।
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत संभावित कार्रवाई
मंत्री ने चेतावनी दी कि यदि जांच में उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन या अनुचित व्यापारिक गतिविधि पाई जाती है, तो इसे उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत अनुचित व्यापार व्यवहार माना जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि CCPA उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कार्रवाई करेगी, जिसमें ज़रूरत पड़ने पर सामूहिक कार्रवाई (क्लास एक्शन) भी शामिल होगी।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब ऑनलाइन ट्रैवल एग्रीगेटर्स पर छिपे शुल्क और अपारदर्शी रिफंड नीतियों को लेकर उपभोक्ता शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। CCPA इससे पहले भी होटल और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ कार्रवाई कर चुका है।
आगे क्या होगा
जांच के नतीजों के आधार पर CCPA संबंधित प्लेटफॉर्म्स को नोटिस जारी कर सकता है, जुर्माना लगा सकता है या उपभोक्ताओं के लिए सामूहिक राहत की माँग कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस जांच से ऑनलाइन ट्रैवल बुकिंग क्षेत्र में कैंसलेशन नीतियों के मानकीकरण की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम उठाया जा सकता है।