कर्नाटक होमस्टे पंजीकरण अनिवार्य: 500 से अधिक आवेदन, 45 दिनों में मिलेगा प्रमाण पत्र
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक सरकार ने राज्य में संचालित सभी होमस्टे के लिए पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। कर्नाटक होमस्टे पंजीकरण दिशानिर्देश-2025 के तहत अब तक 500 से अधिक होमस्टे मालिकों ने आवेदन कर दिया है, जबकि लगभग 400 आवेदनों का दस्तावेज़ सत्यापन पूरा हो चुका है। यह कदम पर्यटन क्षेत्र में पारदर्शिता, सुरक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में राज्य सरकार का महत्वपूर्ण नीतिगत हस्तक्षेप है।
नई नीति में क्या है खास
नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, कर्नाटक में संचालित प्रत्येक होमस्टे को आधिकारिक नियामक ढाँचे के अंतर्गत पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण प्रमाण पत्र अनुमोदन के 45 दिनों के भीतर जारी किए जाएंगे और ये पाँच वर्षों के लिए वैध रहेंगे, जिसके बाद नवीनीकरण अनिवार्य होगा।
जो होमस्टे निर्धारित न्यूनतम मानकों को पूरा नहीं करते, उन्हें पंजीकरण नहीं दिया जाएगा। हालाँकि, संचालकों को कमियाँ दूर कर नए सिरे से आवेदन करने की छूट होगी।
मूल्यांकन प्रक्रिया
प्रत्येक आवेदन की जाँच पर्यटन विभाग, पुलिस विभाग, उपायुक्त कार्यालय और जिला पंचायत अथवा जिला शहरी विकास प्रकोष्ठ के अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से की जाती है। मूल्यांकन में बुनियादी ढाँचे, सुरक्षा उपायों, स्वच्छता और परिचालन मानकों को प्राथमिकता दी जाती है। विभाग के अनुसार, भौतिक निरीक्षण वर्तमान में जारी हैं।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
पर्यटन विभाग के आयुक्त वी. राम प्रसाद मनोहर ने कहा कि नए दिशा-निर्देश लागू होने के बाद राज्य भर के हितधारकों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने उन होमस्टे संचालकों से आग्रह किया जिन्होंने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है, कि वे जल्द से जल्द पर्यटन विभाग के माध्यम से यह प्रक्रिया पूरी करें।
पर्यटन और ऊर्जा मंत्री केजे जॉर्ज ने कहा कि नई नीति को मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया कर्नाटक के पर्यटन उद्योग के लिए सकारात्मक संकेत है। उनके अनुसार, अनिवार्य पंजीकरण से पर्यटकों का विश्वास बढ़ेगा और यह क्षेत्र और अधिक संगठित होगा।
आम जनता और पर्यटकों पर असर
इस नीति से कर्नाटक आने वाले पर्यटकों को पंजीकृत और सत्यापित होमस्टे में ठहरने का विकल्प मिलेगा, जिससे उनकी सुरक्षा और सेवा की गुणवत्ता सुनिश्चित होगी। होमस्टे संचालकों के लिए यह एक औपचारिक पहचान का अवसर भी है, जो उन्हें पर्यटन उद्योग की मुख्यधारा से जोड़ेगा।
आगे क्या होगा
विभाग के अनुसार, भौतिक निरीक्षण प्रक्रिया जारी है और शेष आवेदनों पर कार्रवाई शीघ्र पूरी होने की उम्मीद है। अपंजीकृत होमस्टे संचालकों को जल्द से जल्द आवेदन करने की सलाह दी गई है, ताकि वे नियामक ढाँचे के बाहर न रह जाएँ।