26 जुलाई 2026
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मडिकेरी होमस्टे यौन उत्पीड़न मामला: कर्नाटक सरकार हाई कोर्ट को सौंपेगी जांच रिपोर्ट

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मडिकेरी होमस्टे यौन उत्पीड़न मामला: कर्नाटक सरकार हाई कोर्ट को सौंपेगी जांच रिपोर्ट

सारांश

मडिकेरी के एक होमस्टे में अमेरिकी महिला पर्यटक के साथ कथित यौन उत्पीड़न का मामला अब कर्नाटक हाई कोर्ट की निगरानी में है। होमस्टे मालिक की जांच रोकने की याचिका खारिज करते हुए कोर्ट ने सरकार से रिपोर्ट माँगी है — यह मामला भारत में विदेशी पर्यटकों की सुरक्षा और होमस्टे नियमन पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

मुख्य बातें

कर्नाटक पुलिस मंगलवार को कर्नाटक हाई कोर्ट में मडिकेरी होमस्टे यौन उत्पीड़न मामले की जांच रिपोर्ट सौंपेगी।
मुख्य आरोपी वृजेश कुमार (झारखंड निवासी, होमस्टे रसोइया) पर पेय में नशीला पदार्थ मिलाकर वाशिंगटन की महिला पर्यटक के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप है।
होमस्टे मालिक पालेकंडा पोनप्पा उर्फ विशाल पर कथित तौर पर घटना दबाने और तीन दिनों तक वाई-फाई बंद रखने का आरोप है।
नागप्रसन्ना की पीठ ने विशाल की जांच पर रोक की याचिका अस्वीकार की; अगली सुनवाई 11 जून को।
होमस्टे को जनवरी 2024 में लाइसेंस मिला था, लेकिन कथित तौर पर सुरक्षा एसओपी का उल्लंघन किया गया।
पूर्व गृह मंत्री जी.
परमेश्वर ने कहा कि सरकार ने सभी होमस्टे में सुरक्षा नियम सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं।

कर्नाटक पुलिस मंगलवार, 10 जून 2026 को कर्नाटक हाई कोर्ट में उस मामले की जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी, जिसमें मडिकेरी के एक होमस्टे में झारखंड निवासी एक कर्मचारी पर वाशिंगटन की एक अमेरिकी महिला पर्यटक के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप है। यह मामला अप्रैल 2026 में सामने आया था और तब से राज्य की पर्यटन सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठा रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

अप्रैल 2026 में वाशिंगटन निवासी एक महिला पर्यटक मडिकेरी के एक होमस्टे विला में ठहरी थीं। आरोपों के अनुसार, वहाँ कार्यरत रसोइए वृजेश कुमार — जो झारखंड के निवासी हैं — ने कथित तौर पर महिला के पेय में नशीला पदार्थ मिलाया और बेहोश होने की स्थिति में उनके साथ यौन उत्पीड़न किया। शिकायत के अनुसार, होमस्टे मालिक पालेकंडा पोनप्पा उर्फ विशाल ने कथित तौर पर घटना को दबाने की कोशिश की और तीन दिनों तक संपत्ति का वाई-फाई बंद रखा, ताकि पीड़िता अमेरिकी दूतावास या स्थानीय अधिकारियों से संपर्क न कर सके।

पीड़िता ने मैसूर जाने का बहाना बनाकर वहाँ से निकलने में सफलता पाई और तुरंत अमेरिकी दूतावास को सूचित किया। इसके बाद विदेश मंत्रालय और स्थानीय पुलिस ने आपराधिक मामला दर्ज किया। पुलिस ने वृजेश कुमार और होमस्टे मालिक विशाल — दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

हाई कोर्ट की सुनवाई

जस्टिस एम. नागप्रसन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह निर्देश होमस्टे मालिक विशाल की उस याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया, जिसमें उसने अपने खिलाफ चल रही जांच पर अंतरिम रोक की माँग की थी। सोमवार को कोर्ट ने स्पष्ट किया कि देश में एक विदेशी महिला के साथ इस स्तर का गंभीर अपराध अत्यंत चिंताजनक है और इस चरण में जांच पर रोक संभव नहीं। कोर्ट ने पहले जांच से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा करने की बात कही।

याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि होमस्टे मालिक पर बलात्कार का प्रत्यक्ष आरोप नहीं है और शेष कथित अपराध जमानती प्रकृति के हैं। यह भी दलील दी गई कि बिना पूर्व सूचना के की गई गिरफ्तारी उनके मौलिक अधिकारों का हनन है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई बुधवार, 11 जून तक के लिए स्थगित कर दी है।

सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया

घटना पर व्यापक आक्रोश के बाद विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने जांच की प्रगति की निगरानी के लिए मडिकेरी का दौरा किया। पर्यटन विभाग ने बताया कि इस होमस्टे को जनवरी 2024 में लाइसेंस मिला था, लेकिन कथित तौर पर इसने सुरक्षा से संबंधित सभी मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का उल्लंघन किया।

कर्नाटक के पूर्व गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने पुष्टि की कि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से मामले को दबाने की कोशिशें नाकाम कर दी गईं। उन्होंने कहा, 'ऐसी घटनाएं हमारे राज्य और भारतीय समाज के लिए शर्मनाक हैं, खासकर तब जब इनमें विदेशी नागरिक शामिल हों।' परमेश्वर ने यह भी बताया कि सरकार ने जिला प्रशासन को क्षेत्र के सभी होमस्टे में सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं।

आम जनता और पर्यटन क्षेत्र पर असर

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब कर्नाटक — विशेष रूप से कूर्ग क्षेत्र — विदेशी पर्यटकों के बीच तेज़ी से लोकप्रिय हो रहा है। होमस्टे उद्योग पर नियामक निगरानी की माँग अब राज्य विधानसभा तक पहुँच रही है। आलोचकों का कहना है कि लाइसेंसिंग प्रक्रिया में पुलिस वेरिफिकेशन और सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य किए बिना केवल कागज़ी नियम पर्याप्त नहीं हैं।

क्या होगा आगे

11 जून की सुनवाई में कर्नाटक पुलिस की जांच रिपोर्ट के आधार पर हाई कोर्ट यह तय करेगा कि होमस्टे मालिक विशाल की याचिका पर आगे क्या कार्रवाई हो। मुख्य आरोपी वृजेश कुमार पहले से न्यायिक हिरासत में है। विदेश मंत्रालय की नज़र इस मामले पर बनी हुई है, और यह मामला भारत में विदेशी पर्यटकों की सुरक्षा के व्यापक नीतिगत सवालों से भी जुड़ा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और यह कोई अपवाद नहीं — देशभर में हज़ारों होमस्टे बिना पुलिस वेरिफिकेशन या नियमित ऑडिट के संचालित होते हैं। विदेश मंत्रालय की त्वरित सक्रियता सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या राज्य सरकारें पर्यटन राजस्व की होड़ में सुरक्षा मानकों को दरकिनार कर रही हैं। हाई कोर्ट की निगरानी इस मामले में जवाबदेही तय कर सकती है — बशर्ते जांच रिपोर्ट पारदर्शी हो।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मडिकेरी होमस्टे यौन उत्पीड़न मामला क्या है?
अप्रैल 2026 में मडिकेरी के एक होमस्टे में ठहरी वाशिंगटन की एक अमेरिकी महिला पर्यटक के साथ कथित यौन उत्पीड़न का मामला है। आरोप है कि होमस्टे के रसोइए वृजेश कुमार ने पेय में नशीला पदार्थ मिलाया और बेहोश अवस्था में महिला के साथ दुर्व्यवहार किया। पुलिस ने वृजेश कुमार और होमस्टे मालिक विशाल — दोनों को गिरफ्तार किया है।
कर्नाटक हाई कोर्ट इस मामले में क्यों सुनवाई कर रहा है?
होमस्टे मालिक पालेकंडा पोनप्पा उर्फ विशाल ने अपने खिलाफ चल रही जांच पर अंतरिम रोक के लिए हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। जस्टिस एम. नागप्रसन्ना की पीठ ने रोक देने से इनकार करते हुए सरकार से जांच रिपोर्ट माँगी, जो मंगलवार को सौंपी जाएगी।
होमस्टे मालिक विशाल पर क्या आरोप हैं?
विशाल पर आरोप है कि उसने घटना को दबाने की कोशिश की और तीन दिनों तक होमस्टे का वाई-फाई बंद रखा ताकि पीड़िता अमेरिकी दूतावास या स्थानीय अधिकारियों से संपर्क न कर सके। याचिकाकर्ता के वकील का तर्क है कि विशाल पर बलात्कार का प्रत्यक्ष आरोप नहीं है और अन्य आरोप जमानती प्रकृति के हैं।
पीड़िता ने मामला कैसे दर्ज कराया?
पीड़िता ने मैसूर जाने का बहाना बनाकर होमस्टे से निकलने में सफलता पाई और वहाँ से तुरंत अमेरिकी दूतावास से संपर्क किया। दूतावास की सूचना पर विदेश मंत्रालय और स्थानीय पुलिस ने आपराधिक मामला दर्ज किया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
इस मामले के बाद कर्नाटक सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
कर्नाटक सरकार ने जिला प्रशासन को क्षेत्र के सभी होमस्टे में सुरक्षा नियम सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने जांच की निगरानी के लिए मडिकेरी का दौरा किया और पर्यटन विभाग ने सुरक्षा एसओपी उल्लंघन की पुष्टि की है।
राष्ट्र प्रेस
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