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दावणगेरे में 41 वर्षीय महिला से सामूहिक दुष्कर्म, लिफ्ट का झांसा देकर 10 आरोपी गिरफ्तार

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दावणगेरे में 41 वर्षीय महिला से सामूहिक दुष्कर्म, लिफ्ट का झांसा देकर 10 आरोपी गिरफ्तार

सारांश

दावणगेरे में घरेलू विवाद के बाद रात में अकेले निकली 41 वर्षीय महिला को लिफ्ट का झांसा देकर बेहोश किया गया और कथित तौर पर 10 युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। वीडियो वायरल होने के बाद पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराई और पुलिस ने कुछ ही घंटों में सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

मुख्य बातें

3 जून को दावणगेरे के चन्नागिरी तालुक में 41 वर्षीय महिला के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना घटी।
आरोपियों ने कथित तौर पर कोल्ड ड्रिंक में शराब मिलाकर पीड़िता को बेहोश किया और सुनसान जगह ले गए।
घटना को मोबाइल पर रिकॉर्ड कर पीड़िता को वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई, जिससे वह पहले चुप रही।
वीडियो वायरल होने के बाद पीड़िता ने मंगलवार रात 12:30 बजे शिकायत दर्ज कराई; सुबह 4:30 बजे तक FIR दर्ज।
10 आरोपी — जिनमें एक नाबालिग भी शामिल — गिरफ्तार, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए।
पुलिस ने बताया कि आगे की जाँच जारी है।

दावणगेरे के चन्नागिरी तालुक में 3 जून को एक 41 वर्षीय महिला के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है, जिसमें 10 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता घरेलू विवाद के बाद रात में अकेले अपने मायके जा रही थी, तभी आरोपियों ने उसे मोटरसाइकिल से घर छोड़ने का प्रस्ताव दिया और कथित तौर पर उसके साथ यह जघन्य अपराध किया।

घटनाक्रम: कैसे हुई वारदात

पुलिस के अनुसार, 3 जून की रात पीड़िता का अपने पति से झगड़ा हुआ और वह अकेले मायके की ओर निकल पड़ी। रास्ते में कुछ युवकों ने उसे रोककर दोस्ती का हाथ बढ़ाया और मोटरसाइकिल से घर छोड़ने की पेशकश की। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर कोल्ड ड्रिंक में शराब मिलाकर महिला को पिलाई, और जब वह बेहोश हो गई तो उसे एक सुनसान स्थान पर ले जाया गया, जहाँ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया गया।

वीडियो से धमकी, फिर शिकायत

आरोप है कि आरोपियों ने घटना को अपने मोबाइल फोन पर रिकॉर्ड किया और पीड़िता को धमकी दी कि यदि उसने खुलासा किया तो वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया जाएगा। इस धमकी के कारण महिला पहले चुप रही। हालाँकि, वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पीड़िता मंगलवार की रात करीब 12:30 बजे बसवापटना पुलिस स्टेशन पहुँची और शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने तेज़ी से कदम उठाए। सुबह 4:30 बजे तक सभी 10 आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया गया और कुछ ही घंटों में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में इष्ट्री नागराज, अर्जुन, बसवंथा, कुंदुरु मारुति, हेग्गा मारुति, मनु, जोगी सुनील, प्रदीप, मधु और कानून से संघर्षरत एक नाबालिग शामिल हैं।

न्यायिक हिरासत में भेजे गए आरोपी

चन्नागिरी तालुक अस्पताल में मेडिकल जाँच के बाद सभी आरोपियों को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने बताया कि मामले की आगे की जाँच जारी है।

गौरतलब संदर्भ

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब कर्नाटक सहित देश भर में महिला सुरक्षा को लेकर बहस तेज़ है। रात में अकेले यात्रा कर रही महिलाओं को निशाना बनाने, नशीला पदार्थ मिलाने और वीडियो से ब्लैकमेल करने जैसे तत्व इस मामले को विशेष रूप से गंभीर बनाते हैं। आलोचकों का कहना है कि ऐसे मामलों में पीड़िता की चुप्पी तोड़ने के लिए सामाजिक समर्थन तंत्र को और मज़बूत किए जाने की आवश्यकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वीडियो रिकॉर्डिंग और डिजिटल ब्लैकमेल। वीडियो वायरल न होता तो संभवतः शिकायत भी नहीं होती — यह बताता है कि पीड़ितों पर चुप रहने का दबाव कितना गहरा है। पुलिस की त्वरित गिरफ्तारी सराहनीय है, लेकिन असली परीक्षा अदालत में आरोप-पत्र की मज़बूती और नाबालिग आरोपी के मामले में किशोर न्याय प्रक्रिया की पारदर्शिता होगी। ब्लैकमेल के लिए इस्तेमाल हुए डिजिटल साक्ष्य को सुरक्षित रखना और साइबर कानून के तहत अतिरिक्त धाराएँ जोड़ना जाँच की दिशा तय करेगा।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दावणगेरे सामूहिक दुष्कर्म मामला क्या है?
यह कर्नाटक के दावणगेरे जिले के चन्नागिरी तालुक में 3 जून को घटी घटना है, जिसमें 41 वर्षीय महिला को लिफ्ट का झांसा देकर बेहोश किया गया और कथित तौर पर 10 युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। आरोपियों ने घटना रिकॉर्ड कर पीड़िता को ब्लैकमेल भी किया।
क्या सभी आरोपी गिरफ्तार हो गए हैं?
हाँ, पुलिस ने सभी 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है — जिनमें इष्ट्री नागराज, अर्जुन, बसवंथा, कुंदुरु मारुति, हेग्गा मारुति, मनु, जोगी सुनील, प्रदीप, मधु और एक नाबालिग शामिल हैं। सभी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराने में देरी क्यों की?
आरोपियों ने कथित तौर पर घटना का वीडियो बनाकर पीड़िता को धमकी दी थी कि शिकायत करने पर वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिया जाएगा। इस ब्लैकमेल के कारण महिला पहले चुप रही और वीडियो वायरल होने के बाद ही उसने मंगलवार रात बसवापटना पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
मामले में अब आगे क्या होगा?
पुलिस ने बताया कि जाँच जारी है। मेडिकल जाँच हो चुकी है और आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। मोबाइल वीडियो साक्ष्य के आधार पर आरोप-पत्र दाखिल किया जाएगा; नाबालिग आरोपी का मामला किशोर न्याय प्रक्रिया के तहत अलग से चलेगा।
क्या इस मामले में साइबर अपराध की धाराएँ भी लगाई गई हैं?
अभी तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार पुलिस ने मुख्य FIR दर्ज की है और जाँच जारी है। वीडियो रिकॉर्डिंग और ब्लैकमेल से जुड़ी साइबर कानून की धाराओं के संभावित समावेश पर जाँच के दौरान निर्णय लिया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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