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मैसूरु गैंगरेप: बंगाल की युवती की शिकायत पर तीन आरोपी 24 घंटे में गिरफ्तार, पुलिस तथ्यों की जाँच में जुटी

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मैसूरु गैंगरेप: बंगाल की युवती की शिकायत पर तीन आरोपी 24 घंटे में गिरफ्तार, पुलिस तथ्यों की जाँच में जुटी

सारांश

मैसूरु में बंगाल की युवती के साथ कथित गैंगरेप के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा। पुलिस अभी भी तथ्यों की पुष्टि कर रही है — आरोपियों और पीड़िता के बयान परस्पर विरोधी हैं। पर्यटन नगरी मैसूरु में यह दूसरी बड़ी घटना है।

मुख्य बातें

कर्नाटक के मैसूरु में पश्चिम बंगाल की युवती के साथ कथित गैंगरेप का मामला सामने आया।
पुलिस ने 24 घंटे के भीतर तीन आरोपियों — किरण, किशोर और रियान — को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा।
नरसीपुरा बस स्टैंड से शुरू हुई; कथित दुष्कर्म संतेमाराहल्ली के एक लॉज में हुआ।
आरोपियों का दावा है कि महिला स्वेच्छा से गई थी; पुलिस दोनों पक्षों के बयानों की जाँच कर रही है।
10 अक्टूबर 2025 को मैसूर पैलेस के पास 10 वर्षीय बच्चे की हत्या के बाद यह शहर में दूसरी बड़ी अपराध घटना है।

कर्नाटक के मैसूरु जिले में पश्चिम बंगाल की एक युवती के साथ कथित गैंगरेप के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों — किरण, किशोर और रियान — को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों ने मंगलवार, 21 जुलाई को स्पष्ट किया कि वे अभी भी मामले के तथ्यों और पीड़िता द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि कर रहे हैं।

घटनाक्रम: क्या हुआ था

पीड़िता की शिकायत के अनुसार, यह घटना टी. नरसीपुरा टाउन पुलिस स्टेशन क्षेत्र में हुई। महिला ने बताया कि जब वह टी. नरसीपुरा प्राइवेट बस स्टैंड पर खड़ी थी, तब आरोपी उसे जबरदस्ती एक कार में बैठा कर ले गए। इसके बाद उन्हें संतेमाराहल्ली शहर के एक लॉज में ले जाया गया, जहाँ कथित तौर पर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया।

महिला की शिकायत दर्ज होते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया। उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

आरोपियों का पक्ष और जाँच की स्थिति

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने दावा किया है कि महिला अपनी इच्छा से उनके साथ गई थी। आरोपियों ने यह भी आरोप लगाया कि लॉज में वीडियो रिकॉर्डिंग को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद उन्होंने महिला को उसके स्थान पर वापस छोड़ दिया। इसके पश्चात पीड़िता ने गैंगरेप की शिकायत दर्ज कराई।

अधिकारियों ने बताया कि वे पीड़िता की पृष्ठभूमि की जाँच के साथ-साथ आरोपियों के बयानों की भी पड़ताल कर रहे हैं। जाँच अभी जारी है और किसी भी पक्ष के दावों को अंतिम रूप से सत्यापित नहीं किया गया है।

पर्यटन नगरी में महिला सुरक्षा पर चिंता

अधिकारियों ने इस घटना को लेकर विशेष चिंता जताई है, क्योंकि मैसूरु कर्नाटक के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है, जहाँ देश-विदेश से लाखों पर्यटक आते हैं। महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिकता बताई गई है।

मैसूरु में पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएँ

गौरतलब है कि 10 अक्टूबर 2025 को मैसूर पैलेस के निकट 10 वर्षीय एक बच्चे का यौन उत्पीड़न कर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। पीड़ित का परिवार हक्की पिक्की खानाबदोश जनजाति समुदाय के लगभग 50 अन्य लोगों के साथ दशहरा उत्सव के दौरान कलबुर्गी से मैसूरु आया था और पैलेस के मैदान के पास डेरा डाले हुए था। उस मामले में पुलिस ने कोल्लेगल से संदिग्ध कार्तिक को गिरफ्तार किया था; गिरफ्तारी के दौरान भागने की कोशिश में उसके पैर में गोली मारनी पड़ी थी।

यह ऐसे समय में आया है जब मैसूरु में अपराध और पर्यटक सुरक्षा को लेकर बहस तेज़ हो रही है। वर्तमान मामले में पुलिस की त्वरित गिरफ्तारी सकारात्मक संकेत है, लेकिन जाँच के निष्कर्ष ही अंतिम तस्वीर स्पष्ट करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जाँच अधिकारियों का यह सार्वजनिक बयान कि वे पीड़िता की 'पृष्ठभूमि की जाँच' कर रहे हैं, चिंताजनक है — यह दृष्टिकोण पीड़िता को ही संदेह के घेरे में खड़ा करता है, जो यौन हिंसा के मामलों में स्थापित कानूनी और नैतिक मानकों के विपरीत है। अक्टूबर 2025 की बच्चे की हत्या के बाद यह दूसरी बड़ी घटना है, जो दर्शाती है कि पर्यटन नगरी के रूप में मैसूरु की छवि और ज़मीनी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गहरी खाई है। असली सवाल यह है कि क्या त्वरित गिरफ्तारी के बाद निष्पक्ष और पीड़ित-केंद्रित जाँच सुनिश्चित होगी।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मैसूरु गैंगरेप मामले में क्या हुआ?
पश्चिम बंगाल की एक युवती ने शिकायत दर्ज कराई कि टी. नरसीपुरा बस स्टैंड से उसे जबरदस्ती कार में बैठाकर संतेमाराहल्ली के एक लॉज में ले जाया गया, जहाँ उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
मैसूरु गैंगरेप में कितने लोग गिरफ्तार हुए और उनके नाम क्या हैं?
इस मामले में तीन आरोपियों — किरण, किशोर और रियान — को गिरफ्तार किया गया है। तीनों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
क्या मैसूरु गैंगरेप मामले में पुलिस ने तथ्यों की पुष्टि कर ली है?
नहीं। अधिकारियों ने 21 जुलाई को स्पष्ट किया कि वे अभी भी मामले के तथ्यों और पीड़िता के आरोपों की पुष्टि कर रहे हैं। आरोपियों और पीड़िता के बयान परस्पर विरोधी हैं और जाँच जारी है।
आरोपियों ने अपने बचाव में क्या कहा?
आरोपियों का दावा है कि महिला अपनी इच्छा से उनके साथ गई थी और लॉज में वीडियो रिकॉर्डिंग को लेकर विवाद के बाद उन्होंने उसे वापस छोड़ दिया। पुलिस इन दावों की स्वतंत्र रूप से जाँच कर रही है।
क्या मैसूरु में पहले भी ऐसी गंभीर अपराध घटनाएँ हुई हैं?
हाँ। 10 अक्टूबर 2025 को मैसूर पैलेस के पास हक्की पिक्की जनजाति के एक 10 वर्षीय बच्चे का यौन उत्पीड़न कर हत्या कर दी गई थी। उस मामले में कोल्लेगल से संदिग्ध कार्तिक को गिरफ्तार किया गया था।
राष्ट्र प्रेस
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