'राख' में रज्जो बने रामदीप यादव बोले — 'हर बुरे किरदार के पीछे एक वजह छिपी होती है'
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता रामदीप यादव इन दिनों ओटीटी प्लेटफॉर्म प्राइम वीडियो पर स्ट्रीमिंग क्राइम-थ्रिलर वेब सीरीज 'राख' में एक सीरियल किलर का किरदार निभाकर दर्शकों का ध्यान खींच रहे हैं। 1970 के दशक की पृष्ठभूमि पर आधारित इस सीरीज में उनका किरदार 'रज्जो' एक ऐसे शख्स की कहानी है जो हिंसा की राह पर धीरे-धीरे बढ़ता है — एक झटके में नहीं। यादव ने अपने इस जटिल किरदार और उसकी मनोवैज्ञानिक परतों के बारे में विस्तार से बात की।
रज्जो का किरदार: धीमी आग, तुरंत विस्फोट नहीं
रामदीप यादव ने बताया, 'मैं सीरीज में रज्जो नामक व्यक्ति का किरदार निभा रहा हूं, जो एक सीरियल किलर है। यह किरदार एक जैसा नहीं है — यह धीरे-धीरे बदलता है और आगे बढ़ता है, जबकि सीरीज में एक दूसरा किरदार ज्यादा तेज और तुरंत हिंसा करने वाला दिखाया गया है। मेरे और उस किरदार में बड़ा फर्क है।'
यह अंतर महत्वपूर्ण है। जहाँ एक तरफ तात्कालिक हिंसा है, वहीं रज्जो का खतरा धीमा, सोचा-समझा और इसीलिए और भी भयावह है। यादव के अनुसार, इस बारीकी को पर्दे पर उतारने के लिए किरदार की भीतरी दुनिया को समझना ज़रूरी था।
कलाकार की नज़र: बुराई के पीछे की वजह
जब उनसे पूछा गया कि क्या रज्जो की हिंसा बिना सोच-विचार की है, तो यादव ने स्पष्ट किया, 'ऐसा नहीं है। एक कलाकार सिर्फ बाहर से देखकर किरदार नहीं निभाता। उसे हर बात को समझना पड़ता है। बाहर से देखने पर लग सकता है कि किरदार बिना सोचे काम कर रहा है, लेकिन असल में हर सीन के पीछे एक सोच होती है। चाहे किरदार कितना भी बुरा क्यों न हो, उसके पीछे कोई न कोई वजह जरूर होती है।'
यह दृष्टिकोण आधुनिक क्राइम-ड्रामा की उस प्रवृत्ति से मेल खाता है जिसमें खलनायक को महज़ राक्षस नहीं, बल्कि एक इंसान के रूप में दिखाया जाता है — जिसकी जड़ें समाज और परिस्थितियों में होती हैं।
किरदार की पृष्ठभूमि: हरियाणा, आपातकाल और नशे की लत
रामदीप यादव ने रज्जो के अतीत के बारे में बताया, 'मेरा किरदार हरियाणा से आता है और उसका जीवन काफी मुश्किलों में बीता है। उसने अपने जीवन में कई परेशानियाँ देखी हैं। आपातकाल के समय उसके जीवन पर बड़ा असर पड़ता है और वह नशे की लत में फंस जाता है। इन सब चीजों ने उसके सोचने और जीने के तरीके को बदल दिया — इसी वजह से मेरा किरदार ऐसा बन गया।'
गौरतलब है कि 1970 का दशक भारत में सामाजिक और राजनीतिक उथल-पुथल का दौर था। आपातकाल (1975–77) की पृष्ठभूमि इस किरदार की त्रासदी को और गहरा बनाती है, क्योंकि यह सिर्फ एक व्यक्ति की कहानी नहीं, बल्कि उस दौर की सामाजिक दरारों का प्रतिबिंब भी है।
सीरीज के बारे में: असल घटना से प्रेरित कहानी
'राख' एक क्राइम-थ्रिलर है जो कथित तौर पर एक वास्तविक घटना से प्रेरित बताई जाती है, जिसमें बच्चों के अपहरण और हत्या का मामला था। इस मामले को सुलझाने के लिए पुलिस और जाँच एजेंसियों की टीम जुटती है। सीरीज में अली फजल, सोनाली बेंद्रे, प्रोसित रॉय, अनुषा नंदकुमार, आमिर बशीर और संदीप साकेत जैसे अनुभवी कलाकार अहम भूमिकाओं में हैं।
'राख' फिलहाल प्राइम वीडियो पर उपलब्ध है। रामदीप यादव का यह प्रदर्शन उनके करियर में एक नया और गहरा मोड़ साबित हो सकता है।