'शोर से दूर रहकर ही कलाकार बेहतर काम कर सकते हैं', सोशल मीडिया ट्रोलिंग पर रकुल प्रीत सिंह का बयान

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'शोर से दूर रहकर ही कलाकार बेहतर काम कर सकते हैं', सोशल मीडिया ट्रोलिंग पर रकुल प्रीत सिंह का बयान

सारांश

रकुल प्रीत सिंह का मानना है कि डिजिटल शोर से दूरी बनाना कलाकारों के लिए अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया की हर प्रतिक्रिया को गंभीरता से लेने से मानसिक स्वास्थ्य और पेशेवर प्रदर्शन दोनों प्रभावित होते हैं।

मुख्य बातें

रकुल प्रीत सिंह के अनुसार, कलाकारों को सोशल मीडिया के शोर से खुद को अलग रखना सीखना चाहिए।
सोशल मीडिया पर हर प्रतिक्रिया को गंभीरता से लेने से मानसिक स्वास्थ्य और पेशेवर काम दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
कोविड-19 के बाद सोशल मीडिया का उपयोग तेजी से बढ़ा है, जिससे ऑनलाइन ट्रोलिंग में भी वृद्धि हुई है।
रकुल के अनुसार, करियर की शुरुआत में सोशल मीडिया इतना व्यापक नहीं था, जिससे मानसिक दबाव कम था।
कलाकार का मुख्य काम अभिनय करना है, न कि हर ऑनलाइन ट्रोलिंग का जवाब देना।

मुंबई, 13 मई। वर्तमान समय में सोशल मीडिया अभिनेताओं के लिए लोकप्रियता और आलोचना दोनों का एक समवर्ती स्रोत बन गया है। जहाँ प्रशंसक अपने पसंदीदा सितारों से जुड़ पाते हैं, वहीं ऑनलाइन ट्रोलिंग में भी तेजी से वृद्धि हो रही है। इसी विषय पर अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह ने सोशल मीडिया के प्रभाव और उससे दूरी बनाए रखने की आवश्यकता पर अपने विचार साझा किए।

मानसिक स्वास्थ्य और पेशेवर फोकस

रकुल प्रीत सिंह ने कहा, ''एक कलाकार के लिए यह अत्यावश्यक है कि वह सोशल मीडिया पर चल रहे शोर और लगातार आने वाली प्रतिक्रियाओं से खुद को अलग रखना सीखे। अगर कोई कलाकार इंटरनेट पर लिखी हर बात को दिल से लगाने लगे, तो उसका असर उसके काम और मानसिक स्थिति दोनों पर पड़ सकता है। ऐसे में जरूरी है कि वह अपनी ऊर्जा अपने काम पर लगाए।''

डिजिटल युग में बदलती परिस्थितियाँ

अपने अनुभव साझा करते हुए रकुल ने कहा, ''जब मैंने अपने करियर की शुरुआत की थी, तब सोशल मीडिया इतना व्यापक नहीं था। उस समय कलाकारों को आज की तरह तुरंत प्रतिक्रिया नहीं मिलती थी, जिससे मानसिक दबाव भी कम रहता था। उस दौर में आलोचना और चर्चा का तरीका अलग था, जबकि आज के समय में हर व्यक्ति अपनी राय तुरंत और मुखर होकर सोशल मीडिया पर व्यक्त करता है।''

उन्होंने आगे कहा, ''कोविड-19 महामारी के बाद सोशल मीडिया का उपयोग काफी बढ़ गया है। पिछले कुछ सालों में लोगों के पास अधिक समय था, जिससे हर विषय पर राय व्यक्त करने का प्रवृत्ति तेजी से बढ़ा। इसका परिणाम यह हुआ कि कलाकारों को लगातार आलोचना और टिप्पणियों का सामना करना पड़ता है।''

ट्रोलिंग से निपटने की रणनीति

रकुल प्रीत सिंह ने कहा, ''एक अभिनेता को इस शोर से खुद को दूर रखना चाहिए। कलाकार का मुख्य काम अभिनय करना और अपने किरदार को बेहतर तरीके से निभाना है, न कि हर ऑनलाइन ट्रोलिंग का जवाब देना। अगर कोई व्यक्ति सोशल मीडिया की हर बात को गंभीरता से लेने लगेगा, तो उसका ध्यान भटक जाएगा और उसके काम पर भी असर पड़ेगा।''

मानसिक दृढ़ता की आवश्यकता

उन्होंने कहा, ''मानसिक रूप से मजबूत रहना आज के समय में कलाकारों के लिए बहुत जरूरी है। मुझे लगता है कि हर अभिनेता को अपने चारों ओर एक सुरक्षा दीवार बनानी चाहिए, ताकि बाहरी नकारात्मकता सीधे उनके काम पर असर न डाल सके। कभी-कभी सोशल मीडिया से दूरी बनाना और केवल अपने काम पर ध्यान केंद्रित करना ही सही तरीका होता है।''

यह विचार उस बढ़ती प्रवृत्ति को रेखांकित करता है जहाँ कई प्रभावशाली व्यक्तित्व अपनी मानसिक कल्याण को प्राथमिकता देने के लिए सोशल मीडिया से सामयिक विराम लेते हैं। रकुल का यह दृष्टिकोण उस व्यापक संवाद का हिस्सा है जो डिजिटल युग में व्यक्तिगत सीमाएँ बनाने के महत्व पर केंद्रित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पेशेवर उत्कृष्टता के लिए भी आवश्यक है। जहाँ पहले आलोचना संपादित और फ़िल्टर्ड थी, वहाँ अब हर नागरिक तुरंत और बिना दायित्व के अपनी राय थोपता है। यह परिवर्तन विशेषकर सार्वजनिक व्यक्तित्वों के लिए मनोवैज्ञानिक रूप से कठोर है। हालांकि, यह भी ध्यान देने योग्य है कि सोशल मीडिया से पूर्ण विच्छेद अव्यावहारिक है — आधुनिक मनोरंजन उद्योग में दर्शकों से जुड़ाव व्यावसायिक रूप से महत्वपूर्ण है। इसलिए, रकुल का सुझाव सचेत दूरी का है, न कि पूर्ण अलगाववाद का। यह संतुलन खोजना ही आज के कलाकार की वास्तविक चुनौती है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रकुल प्रीत सिंह के अनुसार कलाकारों को सोशल मीडिया से कैसे निपटना चाहिए?
रकुल प्रीत सिंह के अनुसार, कलाकारों को सोशल मीडिया के शोर से दूर रहकर अपने काम पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर ऑनलाइन ट्रोलिंग का जवाब देने से बेहतर है कि कलाकार अपनी ऊर्जा अपने पेशेवर काम में लगाएँ।
सोशल मीडिया ट्रोलिंग से कलाकारों के काम पर क्या असर पड़ता है?
रकुल के अनुसार, अगर कोई कलाकार सोशल मीडिया पर लिखी हर बात को दिल से लगाने लगे, तो इसका असर उसके काम और मानसिक स्थिति दोनों पर पड़ता है। इससे ध्यान भटकता है और पेशेवर प्रदर्शन प्रभावित होता है।
क्या डिजिटल युग में कलाकारों का दबाव बढ़ा है?
हाँ, रकुल के अनुसार कोविड-19 महामारी के बाद सोशल मीडिया का उपयोग तेजी से बढ़ा है। पहले कलाकारों को तुरंत प्रतिक्रिया नहीं मिलती थी, लेकिन अब हर व्यक्ति अपनी राय तुरंत सोशल मीडिया पर व्यक्त करता है, जिससे मानसिक दबाव बढ़ गया है।
मानसिक रूप से मजबूत रहने के लिए रकुल क्या सुझाव देती हैं?
रकुल का सुझाव है कि कलाकारों को अपने चारों ओर एक मानसिक सुरक्षा दीवार बनानी चाहिए, ताकि बाहरी नकारात्मकता उनके काम पर सीधा असर न डाल सके। कभी-कभी सोशल मीडिया से दूरी बनाना ही सही तरीका होता है।
राष्ट्र प्रेस
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