क्या किसी को बुरा दिखाकर हम खुद को अच्छा बना सकते हैं? सोनल चौहान ने पेड नेगेटिव पीआर पर जताई चिंता

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क्या किसी को बुरा दिखाकर हम खुद को अच्छा बना सकते हैं? सोनल चौहान ने पेड नेगेटिव पीआर पर जताई चिंता

सारांश

बॉलीवुड में पेड नेगेटिव पीआर और ट्रोलिंग की समस्या ने कई एक्टर्स को परेशान कर रखा है। सोनल चौहान ने इस पर अपनी राय रखी है कि किसी को नीचा दिखाकर खुद को ऊंचा नहीं किया जा सकता। जानिए इस मुद्दे पर और क्या कहते हैं अन्य अभिनेता।

Key Takeaways

  • पेड नेगेटिव पीआर से मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है।
  • इंडस्ट्री में सकारात्मकता की आवश्यकता है।
  • एक-दूसरे का समर्थन करना जरूरी है।

मुंबई, १३ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बॉलीवुड में पेड नेगेटिव पीआर और सोशल मीडिया ट्रोलिंग अब एक गंभीर समस्या बन चुकी है। कई अभिनेता इस जानबूझकर फैलायी जा रही नकारात्मकता से त्रस्त हैं। इस संदर्भ में अभिनेत्री सोनल चौहान ने खुलकर अपनी बात रखी और कहा कि किसी को नीचा दिखाकर कोई खुद को ऊपर नहीं उठा सकता।

सोनल के अनुसार, बॉलीवुड में कॉम्पिटिशन होना चाहिए, लेकिन यह सकारात्मक और रचनात्मक होना चाहिए। ट्रोलिंग और पेड नेगेटिविटी से केवल एक्टर्स की मानसिक शांति पर ही असर नहीं पड़ता, बल्कि उनके काम और मेहनत पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

उन्होंने इंस्टाग्राम पर पोस्ट के माध्यम से अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा, "एक्टर्स के खिलाफ चल रही यह पेड पीआर अब समाप्त होनी चाहिए। इतनी नेगेटिविटी की कोई आवश्यकता नहीं है। किसी को बुरा दिखाकर कोई अच्छा नहीं बन सकता। हमें एक-दूसरे के लिए खुश क्यों नहीं रहना चाहिए? सभी बहुत मेहनत करते हैं, यदि हम एक-दूसरे का समर्थन करें, तो इंडस्ट्री का माहौल बहुत बेहतर हो सकता है। हमें बस थोड़ा सकारात्मक रहना होगा।"

सोनल से पहले कई एक्टर्स ने पेड नेगेटिव पीआर के खिलाफ अपनी आवाज उठाई है। तारा सुतारिया ने हाल ही में बताया कि उनके खिलाफ पेड नेगेटिव पीआर चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि झूठी अफवाहें और ट्रोलिंग उनके मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर रही हैं। वे चाहती हैं कि लोग उनके काम पर ध्यान दें, न कि बनाई गई कहानियों पर।

यामी गौतम ने भी पेड हाइप और नेगेटिव कैंपेन को इंडस्ट्री के लिए खतरनाक बताया। उन्होंने कहा कि यह एक प्रकार की वसूली है, जो धीरे-धीरे दीमक की तरह पूरी इंडस्ट्री को समाप्त कर देगी। इसके साथ ही उन्होंने इंडस्ट्री से इस संस्कृति को खत्म करने की अपील की।

ऋतिक रोशन ने पेड पीआर पर गहरा बयान दिया। उन्होंने बताया कि सबसे कीमती चीज जो खो जाती है, वह है पत्रकारों की सच्ची आवाज। पैसे के दबाव में उनकी कलम बंध जाती है, सच बोलने की आजादी छिन जाती है। सच्ची राय ही असली फीडबैक है, जो हमें बेहतर बनाती है। लेकिन, पेड पीआर के प्रभाव में वह चीज खत्म हो जाती है।

Point of View

बल्कि यह बॉलीवुड की संस्कृति को भी प्रभावित करता है। यह एक गंभीर विषय है, जिस पर सभी को ध्यान देने की आवश्यकता है।
NationPress
06/03/2026

Frequently Asked Questions

पेड नेगेटिव पीआर क्या है?
पेड नेगेटिव पीआर एक प्रकार की नकारात्मक प्रचार रणनीति है, जिसका उद्देश्य किसी व्यक्ति या समूह की छवि को खराब करना है।
सोनल चौहान ने इस मुद्दे पर क्या कहा?
सोनल चौहान ने कहा है कि किसी को नीचा दिखाकर खुद को ऊपर नहीं उठाया जा सकता।
कौन-कौन से अन्य अभिनेता इस मुद्दे पर बोल चुके हैं?
तारा सुतारिया, यामी गौतम और ऋतिक रोशन ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखी है।
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