रामायण में कैकेयी बनीं लारा दत्ता, रिलीज़ के दिन पिता को किया भावुक याद
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री लारा दत्ता महाकाव्य फिल्म 'रामायण' में माता कैकेयी की भूमिका में नज़र आ रही हैं, जो 5 नवंबर 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई। फिल्म के प्रदर्शन के इस ऐतिहासिक अवसर पर लारा ने अपने दिवंगत पिता को याद किया और कहा कि काश वे आज यहाँ होते।
माता कैकेयी की भूमिका पर लारा का उद्गार
फिल्म की रिलीज़ से पहले लारा दत्ता ने इंस्टाग्राम पर अपने किरदार की तस्वीरें साझा करते हुए एक विस्तृत भावनात्मक नोट लिखा। उन्होंने लिखा, 'जो कई साल पहले एक दिली इच्छा के तौर पर शुरू हुआ था — किसी ऐसे प्रोजेक्ट का हिस्सा बनना, जो अपने आप में ऐतिहासिक है। कुछ ऐसा जो वक्त से भी आगे निकल जाए और हमारी जिंदगी का ही हिस्सा हो। आज, वो इच्छा एक ऐसी कहानी में जगह बना रही है, जो अनंत काल से टाइमलेस है।'
लारा ने माता कैकेयी को इतिहास की 'सबसे गलत समझी जाने वाली महिलाओं में से एक' बताया। उन्होंने कहा कि इस किरदार का गुस्सा, कमज़ोरी, अपराधबोध और पछतावा पर्दे पर जीवंत करने की ज़िम्मेदारी उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण रही।
पिता की यादें और भावनात्मक संदेश
अपने नोट के अंत में लारा दत्ता ने भावुक होते हुए अपने पिता को याद किया। उन्होंने लिखा, 'आज मुझे अपने पिता की बहुत याद आ रही है और काश वो यहाँ मेरे साथ इसे देखने के लिए होते।' यह एक ऐसा निजी पल था जिसने उनके लाखों प्रशंसकों को भी भावुक कर दिया।
टीम को दिया धन्यवाद
लारा ने फिल्म में अपनी भूमिका के लिए प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा और निर्देशक नितेश तिवारी का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने सह-कलाकारों और क्रू सदस्यों के प्रति भी कृतज्ञता जताई और इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने को अपना सौभाग्य बताया।
फिल्म का महत्व और आगे की उम्मीदें
महाकाव्य 'रामायण' को नितेश तिवारी के निर्देशन में बनाया गया है और इसे हिंदी सिनेमा के सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स में से एक माना जा रहा है। लारा ने दर्शकों से आग्रह किया कि वे माता कैकेयी की भूमिका को सदियों की पारंपरिक धारणाओं से परे जाकर देखें। उन्होंने लिखा, 'कुछ कहानियाँ सिर्फ सुनाई नहीं जातीं — उन्हें जिया जाता है, महसूस किया जाता है और अपने अंदर संभाल कर रखा जाता है।' फिल्म के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन पर सभी की नज़रें टिकी हैं।