'श्री रामायण कथा' में राम बनने से देव शर्मा ने किया था इनकार, पिता की एक बात ने पलट दिया फैसला
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता देव शर्मा आगामी फिल्म 'श्री रामायण कथा' में भगवान राम की भूमिका निभाने वाले हैं, लेकिन यह सफर उतना सीधा नहीं रहा जितना दिखता है। 23 सितंबर 2026 को मुंबई में हुई एक विशेष बातचीत में देव ने खुलासा किया कि उन्होंने शुरुआत में यह किरदार ठुकरा दिया था — और उनके दिवंगत पिता की एक छोटी-सी सलाह ने उनका पूरा नज़रिया बदल दिया। फिल्म 25 सितंबर को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है।
वह रविवार जिसने सब बदल दिया
देव ने उस दिन का ब्यौरा देते हुए बताया कि निर्देशक अभिषेक सिंह का फोन एक रविवार को सुबह करीब 11 या 12 बजे आया था, जब वह आलू के पराठे खा रहे थे। उन्होंने कहा, 'मुझे आज भी याद है, रविवार का दिन था। तभी फिल्म के निर्देशक अभिषेक सिंह का फोन आया। उन्होंने कहा कि हम 'रामायण' पर एक प्रोजेक्ट बना रहे हैं। मैंने उनसे कहा कि सर, मैं 'रामायण' नहीं करूंगा।'
देव का पहला अनुमान था कि उन्हें लक्ष्मण या रावण के किरदार के लिए संपर्क किया गया होगा, क्योंकि उनके अब तक के अधिकांश किरदार आधुनिक या मुखर स्वभाव के रहे हैं। जब निर्देशक ने स्पष्ट किया कि पेशकश सीधे भगवान राम की भूमिका के लिए है, तो देव के मुताबिक वे हैरान रह गए और उन्होंने बात दोहराने को कहा।
₹1,200 करोड़ की प्रतिस्पर्धा का सवाल
देव की झिझक की एक ठोस वजह बाज़ार में पहले से मौजूद प्रतिस्पर्धा भी थी। उन्होंने निर्माताओं से सीधा सवाल किया कि जब रणबीर कपूर और साई पल्लवी अभिनीत करीब ₹1,200 करोड़ के विशाल बजट वाली 'रामायण' पहले से बन रही है, तो इस फिल्म को बनाने की आवश्यकता क्या है।
यह सवाल महज़ व्यावसायिक नहीं था — देव इस बात को लेकर भी असमंजस में थे कि क्या दर्शक एक साथ दो रामायण-आधारित फिल्मों को स्वीकार करेंगे। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में पौराणिक कथाओं पर आधारित फिल्मों की बाढ़-सी आई है, और इस भीड़ में अलग पहचान बनाना किसी भी अभिनेता के लिए जोखिम भरा हो सकता है।
पिता की सलाह और भावनात्मक मोड़
देव ने बताया कि जब वे ये सवाल पूछ रहे थे, उस वक्त उनके पिता उनके पास ही बैठे थे। देव ने भावुक होते हुए कहा, 'मेरे पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं। मैंने करीब दो साल पहले अपने पिता को खो दिया था, लेकिन उस दिन पिता ने मुझे ऐसी सलाह दी, जिसने सब कुछ बदल दिया।'
उनके पिता का कहना था, 'इतने सारे सवाल पूछने के बजाय तुम एक बार जाकर उनसे मिल क्यों नहीं लेते?' देव के अनुसार यह सलाह उस रविवार को और भी खास थी क्योंकि वे उस दिन पिता के साथ वक्त बिताने की योजना बना रहे थे। पिता की बात मानते हुए वे फिल्म की टीम से मिलने निकल गए।
फिल्म की विशेषता और दृष्टिकोण
देव ने 'श्री रामायण कथा' के बारे में बताया कि इस फिल्म की कोशिश रामायण की मूल भावना और प्रामाणिकता को बनाए रखते हुए आज की पीढ़ी से जुड़ने की है। उनके अनुसार कहानी का आधार वही रखा गया है जिसे दर्शक सालों से सुनते, पढ़ते और देखते आए हैं, लेकिन फिल्म में कुछ ऐसे पहलू भी हैं जो इसे अन्य रामायण प्रोजेक्ट्स से अलग बनाते हैं।
फिल्म 25 सितंबर 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में प्रदर्शित होगी। अब देखना यह होगा कि दर्शक एक साथ दो बड़े रामायण प्रोजेक्ट्स में से किसे और कैसे स्वीकार करते हैं।