ईरान ने जर्मन विदेश मंत्री के बयान को बताया 'शर्मनाक', अमेरिका-इजरायल हमले के बचाव पर तीखी प्रतिक्रिया
सारांश
मुख्य बातें
ईरानी विदेश मंत्रालय ने गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को जर्मन विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल के उस बयान की कड़ी निंदा की, जिसमें उन्होंने ईरान पर हुई अमेरिका-इजरायल संयुक्त सैन्य कार्रवाई को परोक्ष रूप से उचित ठहराने का प्रयास किया था। तेहरान ने इस बयान को 'शर्मनाक और निम्न स्तर का' करार देते हुए कहा कि यह वक्तव्य यूरोपीय नेतृत्व के नैतिक पतन को दर्शाता है।
प्रवक्ता बाघेई का तीखा पलटवार
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के ज़रिए जर्मन रुख की आलोचना की। उन्होंने जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की उस पुरानी टिप्पणी की भी याद दिलाई जो उन्होंने ईरान पर हुए हमलों के संदर्भ में दी थी।
बाघेई ने लिखा, 'एक समय चांसलर मर्ज ने बड़े उत्साह से कहा था कि इजरायल, ईरान पर हमला करके 'गंदा काम' कर रहा है। लेकिन कुछ ही महीनों बाद, वही चांसलर अब इस बात पर अफसोस जता रहे हैं कि इस युद्ध की वजह से यूरोपीय अर्थव्यवस्था को 100 अरब यूरो का नुकसान हो रहा है।'
प्रवक्ता ने आगे कहा कि जर्मन विदेश मंत्री भी अब ईरान पर हुए सैन्य हमले को सही ठहराने पर 'मजबूर' दिख रहे हैं। बाघेई के अनुसार, इस रवैये से स्पष्ट होता है कि वे 'न तो मानवीय क्षति और युद्ध अपराधों को महसूस कर पा रहे हैं, और न ही अपने देश व पूरे यूरोप को हो रहे आर्थिक नुकसान को समझ पा रहे हैं।'
जर्मन कहावत से किया करारा वार
बाघेई ने एक जर्मन कहावत — 'नुकसान उठाने से इंसान समझदार बनता है' — का हवाला देते हुए व्यंग्यात्मक टिप्पणी की। उन्होंने जर्मन साहित्यिक पात्र 'हंस गुक-इन-दी-लुफ्ट' (अर्थात लापरवाह व्यक्ति) का उल्लेख करते हुए कहा कि 'कुछ लोगों को कोई भी सबक नहीं सिखाया जा सकता।'
यह भाषाई पलटवार कूटनीतिक दृष्टि से उल्लेखनीय है, क्योंकि ईरान ने जर्मनी को उसी की सांस्कृतिक विरासत से जवाब दिया।
वाडेफुल का पॉडकास्ट बयान और विवाद की जड़
विदेश मंत्री वाडेफुल का एक पॉडकास्ट बुधवार को प्रसारित हुआ, जिसमें उन्होंने सैन्य हमले को सीधे तौर पर सही नहीं ठहराया, लेकिन कहा कि 'इस टकराव का कारण जाहिर तौर पर ईरान है, जो खुद को परमाणु हथियारों से लैस करने की तैयारी कर रहा है और कई पड़ोसी देशों में ऐसे मिलिशिया समूहों का समर्थन करता है जो उन देशों की संप्रभुता का सम्मान नहीं करते।' ईरान ने इस वक्तव्य की व्याख्या अमेरिका और इजरायल के पक्ष में की।
गौरतलब है कि जून 2026 में चांसलर मर्ज ने इजरायल-अमेरिका के ईरान पर हमलों को लेकर संतुलित बयान देने की कोशिश करते हुए कहा था कि इजरायल 'सभी की तरफ से गंदा काम कर रहा है।' यह बयान उस समय भी विवादास्पद रहा था।
व्यापक संदर्भ: यूरोप और पश्चिम एशिया
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब पश्चिम एशिया में सैन्य तनाव के चलते यूरोपीय अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ रहा है। ईरान के बयान में 100 अरब यूरो के आर्थिक नुकसान का उल्लेख एक महत्वपूर्ण सांकेतिक प्रहार है — यह दर्शाता है कि तेहरान, यूरोपीय देशों को उनके अपने हितों की दृष्टि से उनकी नीतियों के विरोधाभास का आईना दिखाना चाहता है।
आलोचकों का कहना है कि जर्मनी की यह नीति अस्पष्ट है — न पूर्ण निंदा, न पूर्ण समर्थन — जो ईरान और अन्य क्षेत्रीय शक्तियों की नज़र में विश्वसनीयता को कमज़ोर करती है।
आगे क्या
इस कूटनीतिक तकरार के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जर्मनी इस बयानबाज़ी पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करता है या नहीं। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच यूरोपीय देशों की स्थिति और अधिक जटिल होती जा रही है, और ईरान-जर्मनी के बीच यह वाक्-युद्ध उस व्यापक तनाव का प्रतिबिंब है।