16 जुलाई 2026
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क्या रजा मुराद ने अपने पिता मुराद को 114वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी?

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क्या रजा मुराद ने अपने पिता मुराद को 114वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी?

सारांश

वरिष्ठ अभिनेता रजा मुराद ने अपने पिता मुराद की 114वीं जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने अपने पिता के योगदान और संघर्ष को याद करते हुए उनकी महानता का बखान किया। जानें, मुराद साहब के जीवन और करियर की कुछ विशेष बातें।

मुख्य बातें

रजा मुराद ने अपने पिता की 114वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी।
मुराद साहब ने 200 से ज्यादा फिल्मों में काम किया।
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1943 में की थी।
मुराद साहब को अनुशासन और पेशेवरिता का महत्व सिखाया।
उर्दू और फारसी में उनकी निपुणता थी।

मुंबई, 24 सितंबर (आईएएनस)। वरिष्ठ अभिनेता रजा मुराद ने बुधवार को अपने पिता मुराद की 114वीं जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

अभिनेता ने इंस्टाग्राम पर अपने पिता के साथ एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, "आज मेरे दिवंगत पिता, मुराद साहब की 114वीं जयंती है (24.09.1911)। वह एक प्रसिद्ध कैरेक्टर आर्टिस्ट रहे हैं, जिनका फिल्मी सफर 1940 के दशक की शुरुआत से लेकर 1990 के दशक के अंत तक चला। मैंने भी उनके नक्श-ए-कदम पर चलते हुए अभिनय की राह चुनी। उन्होंने ही मुझे 1969 में एफटीआईआई, पुणे में दाखिला दिलवाया था। मेरे पिता ने मुझे अनुशासन, समय की पाबंदी और प्रोफेशनल होने का महत्व सिखाया। एक अभिनेता के तौर पर उनका सफर बहुत ही शानदार रहा।"

उन्होंने आगे लिखा, "वह उर्दू और फारसी में बेहद निपुण थे। साथ ही, वह एक बहुत ही नेक दिल इंसान थे, जो जरूरत के समय दोस्तों की आर्थिक मदद करते रहते थे, लेकिन कभी अपनी दी हुई मदद वापस नहीं मांगते थे। उन्होंने 24 अप्रैल 1987 को इस दुनिया को अलविदा कहा। ऊपर वाला उनकी पुण्य आत्मा को शांति दे। आमीन।"

अभिनेता के पिता मुराद का असल नाम हामिद अली मुराद था, लेकिन वह मुराद नाम से मशहूर थे। वह भारतीय सिनेमा के एक सम्मानित कैरेक्टर आर्टिस्ट थे।

मुराद ने अपने करियर में 200 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है। उनकी फिल्में 1940 से 1980 के बीच की हैं। इसलिए उन्हें अंग्रेजों के जमाने का अभिनेता भी कहा जाता है।

उन्होंने साल 1943 में अपने अभिनय करियर की शुरुआत फिल्म 'नजमा' से की थी। लेकिन उन्हें असल पहचान महबूब खान की 'अनमोल घड़ी', 'अंदाज', 'आन', और 'अमर' जैसी फिल्मों में काम करके मिली थी।

उनकी पॉपुलर फिल्मों की बात करें तो वह 'आन', 'अंदाज', 'अनमोल घड़ी', 'दिलवाला', 'दो बीघा जमीन', 'मुगल-ए-आजम' (दिलीप कुमार के साथ), 'नजमा' से लेकर 'औलाद' जैसी फिल्मों में नजर आए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रजा मुराद के पिता का असली नाम क्या था?
रजा मुराद के पिता का असली नाम हामिद अली मुराद था।
मुराद साहब ने अपनी करियर की शुरुआत कब की?
मुराद साहब ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत 1943 में फिल्म 'नजमा' से की थी।
रजा मुराद अपने पिता से क्या सीखते हैं?
रजा मुराद ने अपने पिता से अनुशासन, समय की पाबंदी और पेशेवरिता का महत्व सीखा।
मुराद साहब की कुछ प्रसिद्ध फिल्में कौन सी हैं?
मुराद साहब की प्रसिद्ध फिल्मों में 'आन', 'अंदाज', 'अनमोल घड़ी', और 'मुगल-ए-आजम' शामिल हैं।
मुराद साहब का निधन कब हुआ?
मुराद साहब का निधन 24 अप्रैल 1987 को हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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