रेमो डिसूजा: संघर्ष से सफलता तक का सफर, बॉलीवुड में बन गए टॉप कोरियोग्राफर

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रेमो डिसूजा: संघर्ष से सफलता तक का सफर, बॉलीवुड में बन गए टॉप कोरियोग्राफर

सारांश

रेमो डिसूजा का नाम बॉलीवुड में एक प्रेरणा है। संघर्ष से भरे उनके जीवन ने उन्हें सफलता के शीर्ष पर पहुंचाया है। जानें कैसे उन्होंने भूखे रहकर भी अपने डांस के जुनून को न छोड़कर अपने सपनों को सच किया।

Key Takeaways

  • रेमो डिसूजा का संघर्ष और सफलता का सफर प्रेरणादायक है।
  • उन्होंने कड़ी मेहनत और जुनून के बल पर बॉलीवुड में नाम कमाया।
  • बैकग्राउंड डांसर से लेकर टॉप कोरियोग्राफर और निर्देशक बनने तक का सफर।
  • रेमो ने कई सफल डांस रियलिटी शोज की मेज़बानी भी की है।
  • उनकी सकारात्मकता और ऊर्जा उन्हें युवा दर्शकों का प्रिय बनाती है।

मुंबई, 1 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। रेमो डिसूजा... फिल्म इंडस्ट्री में एक ऐसा नाम है, जो पहचान की मोहताज नहीं। सिनेमा जगत के कई हिट गानों की कोरियोग्राफी करने वाले रेमो आज के समय में शीर्ष और सफल कोरियोग्राफर और निर्देशक माने जाते हैं। बहुत कम लोग जानते हैं कि उन्होंने संघर्ष के दिन भी देखे हैं, जब उन्हें मुंबई की सड़कों पर कई दिनों तक भूखा रहना पड़ा।

रेमो डिसूजा का जन्म 2 अप्रैल को हुआ था। उन्हें इस मुकाम तक पहुंचने के लिए कई वर्षों की कड़ी मेहनत और संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने बैकग्राउंड डांसर के रूप में अपने करियर की शुरुआत की और आज वे फिल्में निर्देशित भी करते हैं और डांस रियलिटी शोज के सबसे लोकप्रिय होस्ट बन चुके हैं।

रेमो का असली नाम रमेश गोपी है। मुंबई आने के बाद उन्होंने अपना नाम बदलकर रेमो डिसूजा रख लिया। बचपन से ही उन्हें डांस का जुनून था। मुंबई में आने पर वे न तो ठहरने के लिए जगह रखते थे और न ही खाने के लिए पर्याप्त पैसे थे। कई दिनों तक भूखा रहना पड़ा और रातें सड़कों पर या छोटे किराए के कमरों में बितानी पड़ीं। लेकिन उनके डांस के प्रति जुनून ने उन्हें कभी हार नहीं मानने दिया।

संघर्ष के बाद रेमो को 1995 में राम गोपाल वर्मा की फिल्म ‘रंगीला’ में बैकग्राउंड डांसर के रूप में काम करने का मौका मिला। इस फिल्म में उनके काम ने उन्हें पहचान दिलाई और धीरे-धीरे उन्हें अन्य अवसर मिलने लगे। इसके बाद उन्होंने कोरियोग्राफर अहमद खान के साथ सहायक के रूप में काम करना शुरू किया। उनकी पहली बड़ी सफलता तब आई जब उन्हें संजय दत्त की फिल्म ‘कांटे’ में आइटम सॉन्ग ‘इश्क समंदर’ की कोरियोग्राफी करने का मौका मिला, जिसने उन्हें रातों-रात प्रसिद्ध कर दिया।

इसके बाद उन्हें कई मौके मिले और उनका संघर्ष रंग लाने लगा, जब वह बॉलीवुड के शीर्ष कोरियोग्राफर बन गए। उन्होंने ‘रंगीला’, ‘कांटे’, ‘मिशन इश्क’, ‘फितूर’, ‘स्ट्रीट डांसर’ जैसी कई फिल्मों में शानदार कोरियोग्राफी की। रेमो ने डांस रियलिटी शोज में भी अपनी छाप छोड़ी है। वे ‘डांस इंडिया डांस’ और ‘डांस प्लस’ जैसे लोकप्रिय शोज के जज और होस्ट रहे हैं।

उनकी ऊर्जा, सख्ती और सकारात्मकता उन्हें युवा फैंस का पसंदीदा बना चुकी है। रेमो केवल कोरियोग्राफी तक सीमित नहीं हैं, उन्होंने निर्देशक के रूप में भी कमाल दिखाया है। उन्होंने ‘स्ट्रीट डांसर 3डी’ जैसी फिल्में निर्देशित की हैं।

Point of View

बल्कि यह हमें यह भी सिखाता है कि जुनून और मेहनत से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उनका जीवन युवा पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा है।
NationPress
03/04/2026

Frequently Asked Questions

रेमो डिसूजा ने अपने करियर की शुरुआत कब की?
रेमो डिसूजा ने अपने करियर की शुरुआत बैकग्राउंड डांसर के रूप में 1995 में फिल्म 'रंगीला' से की।
रेमो का असली नाम क्या है?
रेमो का असली नाम रमेश गोपी है।
रेमो ने किन-किन फिल्मों में कोरियोग्राफी की है?
रेमो ने 'रंगीला', 'कांटे', 'मिशन इश्क', 'फितूर', 'स्ट्रीट डांसर' जैसी कई फिल्मों में कोरियोग्राफी की है।
रेमो डिसूजा कोरियोग्राफी के अलावा और क्या करते हैं?
रेमो डिसूजा कोरियोग्राफी के अलावा फिल्म निर्देशन भी करते हैं और डांस रियलिटी शोज के होस्ट भी हैं।
रेमो की सबसे बड़ी उपलब्धि कौन सी है?
रेमो की सबसे बड़ी उपलब्धि संजय दत्त की फिल्म 'कांटे' में आइटम सॉन्ग 'इश्क समंदर' कोरियोग्राफ करना है।
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