रोहित शेट्टी के घर फायरिंग मामले में गोलू पंडित को न्यायिक हिरासत में भेजा गया, पुलिस नहीं कर पाई साक्ष्य जुटाना
सारांश
Key Takeaways
- रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग की घटना。
- 14 लोगों की गिरफ्तारी और गोलू पंडित की न्यायिक हिरासत।
- पुलिस द्वारा ठोस साक्ष्य जुटाने में असफलता।
- लॉरेंस बिश्नोई गैंग का संबंध।
- रणवीर सिंह को मिली धमकी।
मुंबई, 1 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। फिल्म निर्देशक और निर्माता रोहित शेट्टी के जुहू स्थित निवास पर हुई फायरिंग के मामले में अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। क्राइम ब्रांच इस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।
बुधवार को, आरोपी गोलू पंडित को 11 दिनों की पुलिस हिरासत के बाद अदालत में पेश किया गया, जहां उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। गोलू के वकील का कहना है कि उन्होंने अदालत में अपना पक्ष मजबूती से रखा है।
गोलू पंडित उर्फ प्रदीप शर्मा के वकील दिलीप शुक्ला ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि अदालत ने उसे आगे की पुलिस हिरासत में भेजने से इनकार कर दिया। गोलू पहले से 11 दिन की पुलिस हिरासत में था, लेकिन पुलिस का कहना है कि और जांच के लिए पूछताछ आवश्यक है। हालांकि, उन्होंने जो आधार प्रस्तुत किया था, वह पुनरावृत्त था।
क्राइम ब्रांच ने कहा कि गोलू मुख्य आरोपी शूटर के संपर्क में था, लेकिन हमने अदालत को बताया कि वह इस समय मुंबई में नहीं था। पुलिस ने गोलू के पुराने आपराधिक मामलों को भी अदालत में प्रस्तुत किया, लेकिन उन मामलों का इस मामले से कोई संबंध नहीं है, और उसे राजस्थान हाईकोर्ट से जमानत भी मिल चुकी है।
दिलीप शुक्ला ने बताया कि 11 दिनों की हिरासत के बाद भी पुलिस कोई ठोस साक्ष्य नहीं जुटा पाई। पूछताछ के दौरान आरोपी के पास से दोषारोपण से संबंधित कोई सामग्री नहीं मिली, जिससे अदालत ने पुलिस को आगे की हिरासत देने से मना कर दिया।
गौरतलब है कि निर्देशक के घर पर फायरिंग की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली है। अभिनेता रणवीर सिंह को भी एक धमकी भरा वॉयस नोट भेजा गया था, जिसमें उन्हें और उनके परिवार को नुकसान पहुंचाने की चेतावनी दी गई थी। पुलिस इस वॉयस नोट की जांच भी कर रही है।