क्या खास वजह से ‘छोटे नवाब’ के हाथ से निकल गई थी पहली फिल्म?

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क्या खास वजह से ‘छोटे नवाब’ के हाथ से निकल गई थी पहली फिल्म?

सारांश

बॉलीवुड के छोटे नवाब सैफ अली खान के जीवन की कुछ अनकही कहानियाँ। जानिए कैसे एक धर्मसंकट ने उनके करियर की दिशा बदली। इस जन्मदिन पर उनके संघर्ष और सफलता की कहानी पर नजर डालते हैं।

मुख्य बातें

सैफ अली खान का संघर्ष उनके करियर का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।
उनकी पहली फिल्म ‘बेखुदी’ से बाहर होने का अनुभव उनके लिए एक बड़ा मोड़ था।
सैफ का परिवार और पृष्ठभूमि उनके करियर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सैफ ने अपनी फिल्मों से कई पुरस्कार जीते हैं।
उनकी निजी जिंदगी भी चर्चा का विषय रही है।

मुंबई, 15 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बॉलीवुड के ‘छोटे नवाब’ का नाम सुनते ही शाही अंदाज और बेमिसाल अभिनय की तस्वीर उभरती है। 16 अगस्त को सैफ अली खान का 55वां जन्मदिन है। सैफ ने न केवल अपनी एक्टिंग से दर्शकों का दिल जीता, बल्कि जिंदगी के उतार-चढ़ाव से भी सुर्खियां बटोरीं।

पटौदी खानदान से ताल्लुक रखने वाले सैफ ने एक इंटरव्यू में एक्टिंग करियर में आने वाले स्ट्रगल के साथ ही पहली फिल्म से बाहर किए जाने का किस्सा भी साझा किया था।

एक पुराने इंटरव्यू में सैफ ने खुलासा किया था कि उनकी पहली फिल्म ‘बेखुदी’ (1992) से उन्हें निकाल दिया गया था, जब निर्देशक ने उन्हें गर्लफ्रेंड और फिल्म के बीच एक का चयन करने का अल्टीमेटम दिया था। सैफ ने माना था कि इस ‘धर्मसंकट’ ने उनके करियर की शुरुआत को नाटकीय बना दिया था।

सैफ अली खान का जन्म 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में हुआ, वह एक शाही और सिनेमाई परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता मंसूर अली खान पटौदी भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान थे, और मां शर्मिला टैगोर हिंदी सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री। सैफ ने अपनी पढ़ाई लॉरेंस स्कूल, सनावर और बाद में यूके के लॉकर पार्क स्कूल और विनचेस्टर कॉलेज में की। हालांकि, उन्होंने खुद स्वीकार किया कि वह पढ़ाई में ज्यादा रुचि नहीं रखते थे।

सैफ का फिल्मी करियर 1993 में यश चोपड़ा की फिल्म ‘परंपरा’ से शुरू हुआ, लेकिन यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही। इससे पहले, वह राहुल रवैल की फिल्म ‘बेखुदी’ में काजोल के साथ डेब्यू करने वाले थे। इंटरव्यू में सैफ ने बताया था कि निर्देशक ने उनसे स्पष्ट कहा था, “या तो गर्लफ्रेंड छोड़ो या फिल्म छोड़ो।” हालांकि, सैफ ने फिल्म को छोड़ दिया और गर्लफ्रेंड को चुना, यह घटना उनके करियर की शुरुआत में एक बड़े झटके की तरह थी।

सैफ के अभिनय का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा। साल 1990 के दशक में सैफ का करियर कई असफल फिल्मों जैसे ‘आशिक आवारा’ और ‘पहचान’ के साथ डगमगाई। लेकिन, 1994 में ‘ये दिल्लगी’ और ‘मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी’ ने उन्हें एक खास पहचान दिलाई। साल 1999 में ‘कच्चे धागे’ और ‘हम साथ-साथ हैं’ ने उनके करियर को नई दिशा दी। साल 2001 में आई ‘दिल चाहता है’ फिर 2003 में ‘कल हो ना हो’ और साल 2004 में आई ‘हम तुम’ ने उन्हें रोमांटिक हीरो के रूप में स्थापित किया, जिसमें ‘हम तुम’ के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड भी मिला।

हालांकि, इन किरदारों से परे साल 2006 में आई ‘ओमकारा’, जिसमें उनके नकारात्मक किरदार को काफी पसंद किया गया।

सैफ की निजी जिंदगी भी चर्चा में रही। साल 1991 में उन्होंने अभिनेत्री अमृता सिंह से शादी की, जिनसे उनकी बेटी सारा और बेटा इब्राहिम हैं। हालांकि, यह शादी ज्यादा दिनों तक नहीं चल सकी और साल 2004 में दोनों का तलाक हो गया। इसके बाद, 2012 में सैफ ने करीना कपूर से शादी की, और उनके दो बेटे तैमूर और जहांगीर हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

मैं यह मानता हूं कि सैफ का सफर हमारे समाज में प्रेरणा का स्रोत है। हर व्यक्ति को अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहना चाहिए, चाहे कितनी भी मुश्किलें आएं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सैफ अली खान की पहली फिल्म कौन सी थी?
सैफ अली खान की पहली फिल्म ‘बेखुदी’ थी, जिसमें उन्हें बाहर कर दिया गया था।
सैफ अली खान का जन्म कब हुआ?
सैफ अली खान का जन्म 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में हुआ।
सैफ अली खान ने किससे शादी की?
सैफ अली खान ने पहले अमृता सिंह से शादी की और फिर करीना कपूर से।
सैफ अली खान को कौन सा राष्ट्रीय पुरस्कार मिला?
सैफ अली खान को फिल्म ‘हम तुम’ के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार मिला।
सैफ का करियर किस फिल्म से शुरू हुआ?
सैफ का करियर 1993 में यश चोपड़ा की फिल्म ‘परंपरा’ से शुरू हुआ।
राष्ट्र प्रेस