सीमा पाहवा ने 'बरेली की बर्फी' और 'शुभ मंगल सावधान' के 9 साल पूरे होने पर शेयर कीं यादगार तस्वीरें
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड अभिनेत्री सीमा पाहवा ने 18 अगस्त 2026 को इंस्टाग्राम पर अपनी दो चर्चित फिल्मों — 'बरेली की बर्फी' और 'शुभ मंगल सावधान' — के 9 वर्ष पूरे होने पर बिहाइंड-द-सीन तस्वीरें और यादें साझा कीं। इन तस्वीरों में उनके सह-कलाकार कृति सेनन, आयुष्मान खुराना, भूमि पेडनेकर, राजकुमार राव और पंकज त्रिपाठी भी नज़र आते हैं।
किन तस्वीरों ने बटोरा ध्यान
सीमा पाहवा द्वारा साझा की गई तस्वीरों में एक में वह कृति सेनन के साथ सेट पर दिख रही हैं, जबकि दूसरी में भूमि पेडनेकर के साथ उनका अनौपचारिक पल कैद है। एक अन्य तस्वीर में आयुष्मान खुराना और पंकज त्रिपाठी समेत पूरी टीम एक साथ खाना खाते हुए नज़र आती है।
अभिनेत्री ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'फिल्म, बरेली की बर्फी और शुभ मंगल सावधान के 9 साल पूरे।' उन्होंने पोस्ट में कृति सेनन, आयुष्मान खुराना, राजकुमार राव, पंकज त्रिपाठी, निर्देशक आर.एस. प्रसन्ना और दोनों फिल्मों से जुड़े अन्य सदस्यों को टैग भी किया।
'बरेली की बर्फी' — एक आज़ाद ख़याल की कहानी
फिल्म 'बरेली की बर्फी' का निर्देशन अश्विनी अय्यर तिवारी ने किया था और यह 18 अगस्त 2017 को सिनेमाघरों में आई थी। फिल्म में कृति सेनन ने बिट्टी मिश्रा, आयुष्मान खुराना ने चिराग दुबे और राजकुमार राव ने प्रीतम विद्रोही का किरदार निभाया था। पंकज त्रिपाठी और सीमा पाहवा ने बिट्टी के माता-पिता — नरोत्तम और सुशीला मिश्रा — की भूमिका में दर्शकों का दिल जीता था।
फिल्म की कहानी बिट्टी के इर्द-गिर्द बुनी गई है — एक ऐसी लड़की जो समाज की परंपरागत अपेक्षाओं को नकारती है। उसकी ज़िंदगी में नया मोड़ तब आता है जब उसे 'बरेली की बर्फी' नाम का एक उपन्यास मिलता है और वह मान बैठती है कि उसका लेखक उसे भीतर से समझता है।
'शुभ मंगल सावधान' — संवेदनशील विषय पर हास्य का जादू
फिल्म 'शुभ मंगल सावधान' भी 2017 में ही प्रदर्शित हुई थी। इसका निर्देशन आर.एस. प्रसन्ना ने किया था। यह फिल्म पुरुषों से जुड़ी एक संवेदनशील और प्रायः अनदेखी स्वास्थ्य समस्या — इरेक्टाइल डिस्फंक्शन — को हल्के-फुल्के हास्य के ज़रिए पर्दे पर लेकर आई।
फिल्म में आयुष्मान खुराना और भूमि पेडनेकर मुख्य भूमिका में थे। सीमा पाहवा ने नायिका सुगंधा की माँ विमला का किरदार अपने स्वाभाविक अभिनय से जीवंत किया। कहानी एक ऐसे जोड़े की है जिनकी शादी तय होती है, लेकिन विवाह से पहले ही मुदित को एक गुप्त शारीरिक समस्या का पता चलता है — जिससे दोनों परिवारों में हास्य और असमंजस की लहर दौड़ जाती है।
दोनों फिल्मों का करियर में महत्व
दोनों फिल्में 2017 में रिलीज़ होकर अपनी-अपनी कास्ट के करियर की अहम कड़ियाँ बन गईं। 'बरेली की बर्फी' ने कृति सेनन को एक सशक्त कॉमेडी अभिनेत्री के रूप में स्थापित किया, वहीं 'शुभ मंगल सावधान' ने आयुष्मान खुराना की सामाजिक विषयों पर आधारित फिल्मों की एक विशिष्ट पहचान को और मज़बूत किया। सीमा पाहवा की दोनों फिल्मों में यादगार उपस्थिति ने उन्हें हिंदी सिनेमा के सहायक किरदारों में एक विश्वसनीय नाम के रूप में पक्का किया।
इन नौ वर्षों के बाद भी दोनों फिल्में दर्शकों के बीच अपनी ताज़गी बनाए हुए हैं — यही इनकी असली विरासत है।