क्या बिक्रमजीत कंवरपाल ने सेना से बॉलीवुड तक अपने बचपन का सपना पूरा किया?

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क्या बिक्रमजीत कंवरपाल ने सेना से बॉलीवुड तक अपने बचपन का सपना पूरा किया?

सारांश

बिक्रमजीत कंवरपाल की कहानी प्रेरणादायक है। भारतीय सेना से फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने वाले बिक्रमजीत ने अपने बचपन के सपने को साकार किया। जानें, कैसे उन्होंने बॉलीवुड में अपनी अदाकारी से सभी का दिल जीता।

Key Takeaways

  • बिक्रमजीत कंवरपाल ने अपने बचपन का सपना पूरा किया।
  • उन्होंने भारतीय सेना में सेवा देकर देश की रक्षा की।
  • बॉलीवुड में उन्होंने कई दमदार भूमिकाएं निभाईं।
  • उनकी अभिनय कला ने दर्शकों को प्रभावित किया।
  • वे एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व थे।

नई दिल्ली, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। फिल्मों से जुड़ाव या एक्टिंग का जज़्बा, यह बहुत कम देखने को मिलता है कि कोई व्यक्ति अपने बचपन के सपने को साकार कर सके। बिक्रमजीत कंवरपाल एक ऐसा नाम हैं, जिन्होंने भारतीय सेना से रिटायर होने के बाद अपने बचपन के सपने को पूरा करने के लिए बॉलीवुड में कदम रखा।

भारतीय फिल्म और टेलीविजन अभिनेता बिक्रमजीत कंवरपाल ने अपने शक्तिशाली अभिनय और अनुशासित व्यक्तित्व से दर्शकों के दिलों में एक खास स्थान बनाया। उनकी गहन और प्रभावशाली सहायक भूमिकाओं ने उन्हें हिंदी सिनेमा और टेलीविजन धारावाहिकों में एक प्रतिष्ठित चेहरा बना दिया।

29 अगस्त 1968 को हिमाचल प्रदेश के सोलन में जन्मे बिक्रमजीत के पिता द्वारका नाथ कंवरपाल भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल थे। उन्हें 1963 में उनकी बहादुरी के लिए कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया था। सैन्य परिवार से संबंध रखने वाले बिक्रमजीत ने अपने पिता के कदमों पर चलते हुए सेना में भर्ती होने का निर्णय लिया।

बिक्रमजीत ने 1989 में भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त किया और अपनी साहसिकता और वीरता का परिचय देते हुए 2002 में वे मेजर के पद से रिटायर हुए। उन्होंने लगभग 13 वर्षों तक सेना में सेवा की, लेकिन रिटायरमेंट के बाद उन्होंने आराम की जिंदगी जीने के बजाय अपने बचपन के सपने को पूरा करने का मन बनाया।

साल 2003 में उन्होंने पहली फिल्म 'पाप' से बॉलीवुड में डेब्यू किया और यहीं से उनकी जिंदगी का नया अध्याय शुरू हुआ। बिक्रमजीत ने 'पेज 3', 'रॉकेट सिंह: सेल्समैन ऑफ द ईयर', 'आरक्षण', 'मर्डर 2', '2 स्टेट्स', 'द गाजी अटैक', 'ओम शांति ओम' और 'डॉन' में सहायक भूमिकाएं निभाईं।

इसके अलावा, बिक्रमजीत ने कई प्रसिद्ध टीवी शो में भी काम किया, जिनमें 24 (अनिल कपूर के साथ) और वेब सीरीज स्पेशल ऑप्स शामिल हैं।

हालांकि बिक्रमजीत ने फिल्मों में सपोर्टिंग एक्टर का किरदार निभाया, लेकिन उन्होंने अपने हर कैरेक्टर में जान डाली। निगेटिव हो या पॉजिटिव, उन्होंने हर किरदार के अनुसार खुद को ढाला और दमदार एक्टिंग के दम पर दर्शकों का दिल जीता। उनकी डायलॉग डिलीवरी भी अद्भुत थी, जिसके प्रशंसक हर जगह मौजूद थे। उनकी आखिरी फिल्म शिनाख्त थी, जिसका निर्देशन प्रज्ञेश सिंह ने किया।

अपने फिल्मी करियर में बिक्रमजीत कंवरपाल ने दर्शकों को कभी निराश नहीं किया। फिल्मों और टीवी शोज में उनकी उपस्थिति हमेशा दर्शकों के लिए यादगार रही। बचपन के अधूरे सपने को पूरा करना शायद उनकी जिंदगी का अंतिम मकसद था। 1 मई, 2021 को कोरोना से लड़ते हुए 52 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली।

Point of View

NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

बिक्रमजीत कंवरपाल का जन्म कब हुआ?
बिक्रमजीत कंवरपाल का जन्म 29 अगस्त 1968 को हिमाचल प्रदेश के सोलन में हुआ।
उन्होंने बॉलीवुड में कब डेब्यू किया?
उन्होंने 2003 में फिल्म 'पाप' से बॉलीवुड में डेब्यू किया।
उनकी आखिरी फिल्म कौन सी थी?
उनकी आखिरी फिल्म 'शिनाख्त' थी।
बिक्रमजीत कंवरपाल ने कितनी समय तक भारतीय सेना में सेवा की?
उन्होंने लगभग 13 वर्षों तक भारतीय सेना में सेवा की।
बिक्रमजीत कंवरपाल का परिवार किस क्षेत्र से था?
बिक्रमजीत का परिवार सैन्य क्षेत्र से ताल्लुक रखता है।