महादेव बेटिंग ऐप केस: शेफाली बग्गा बोलीं — 'अनजाने में ब्रांड प्रमोट किए, ₹1.20 करोड़ लौटाए'
सारांश
मुख्य बातें
टेलीविजन स्पोर्ट्स प्रेजेंटर शेफाली बग्गा ने 8 अक्टूबर 2026 को महादेव बेटिंग ऐप के हाई-प्रोफाइल मामले में अपनी भूमिका को लेकर सफाई पेश की। उन्होंने कहा कि उनकी भूमिका केवल सोशल मीडिया पर कुछ ब्रांड्स को 'अनजाने में' प्रमोट करने तक सीमित थी और उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जाँच में पूरा सहयोग किया है। ईडी की चार्जशीट के अनुसार, पूछताछ के बाद शेफाली ने ₹1.20 करोड़ जमा कर दिए।
शेफाली बग्गा का पक्ष
शेफाली बग्गा ने अपना बयान देते हुए कहा, 'मेरा काम बस सोशल मीडिया पर कुछ ब्रांड्स को अनजाने में प्रमोट करने तक ही सीमित था, जैसा कि कई मशहूर हस्तियाँ और सेलिब्रिटी करते हैं। इसके अलावा, उन ब्रांड्स या किसी दूसरी संस्था से जुड़ी किसी भी गतिविधि या कामकाज में मेरी कोई भूमिका या जुड़ाव नहीं था। मैंने विभाग की जाँच में पूरा सहयोग किया है, पैसे लौटा दिए हैं और मुझे हमारे कानून पर पूरा भरोसा है।' उनका यह बयान उस समय आया है जब ईडी महादेव बेटिंग नेटवर्क से जुड़े हाई-प्रोफाइल लोगों की जाँच तेज़ कर रही है।
ईडी चार्जशीट में क्या है
ईडी की चार्जशीट के अनुसार, शेफाली बग्गा को महादेव बेटिंग ऐप सिंडिकेट के लिए प्रमोशनल वीडियो बनाने के बदले कथित तौर पर करीब ₹1.5 करोड़ मिले थे। नई दिल्ली स्थित उनके आवास पर जाँच के दौरान ईडी अधिकारियों ने ₹30 लाख नकद जब्त किए। चार्जशीट में दर्ज आरोपों के मुताबिक, यह राशि महादेव प्लेटफॉर्म पर बेटिंग ऐप्स के प्रमोशन के एवज में दी गई थी।
महादेव बेटिंग ऐप क्या है
महादेव बुक, जिसे महादेव बेटिंग ऐप के नाम से भी जाना जाता है, हाल के वर्षों में भारत के सबसे बड़े अवैध ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म में से एक बनकर उभरा है। यह मोबाइल ऐप और वेबसाइटों के ज़रिए क्रिकेट और फुटबॉल जैसे खेलों पर करोड़ों रुपए की अवैध सट्टेबाज़ी की सुविधा देता है। गौरतलब है कि यह नेटवर्क पूरे देश में फैल चुका है और खबरों के अनुसार इसमें कई हाई-प्रोफाइल हस्तियाँ शामिल हैं।
ईडी की जाँच का दायरा
पिछली जाँच में ईडी ने करोड़ों रुपए की संपत्ति जब्त की थी और इस घोटाले से जुड़े लोगों को गिरफ्तार किया था। एजेंसी इस देशव्यापी बेटिंग नेटवर्क के खिलाफ अपनी जाँच का दायरा लगातार बढ़ा रही है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के मामले सोशल मीडिया प्रभावशाली लोगों और सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
आगे क्या होगा
यह मामला न्यायिक प्रक्रिया में है और ईडी की जाँच जारी है। शेफाली बग्गा द्वारा ₹1.20 करोड़ जमा करने और जाँच में सहयोग करने के बाद उनकी कानूनी स्थिति क्या रहेगी, यह अदालत के निर्णय पर निर्भर करेगा। इस मामले में आने वाले हफ्तों में और हाई-प्रोफाइल नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।