महादेव बेटिंग मामला: ईडी ने ईबीक्स चेयरमैन विकास गर्ग को गिरफ्तार किया, ₹940.77 करोड़ की संपत्ति अटैच
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 14 जुलाई को महादेव ऑनलाइन बेटिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए ईबीक्स के चेयरमैन विकास गर्ग को नई दिल्ली स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया। अदालत से ट्रांजिट रिमांड हासिल करने के बाद उन्हें रायपुर ले जाया जा रहा है, जहाँ अधिकारियों के अनुसार उन्हें बुधवार को पीएमएलए कोर्ट में पेश किया जाएगा।
मुख्य घटनाक्रम
ईडी की जाँच में कथित तौर पर यह सामने आया कि अवैध ऑनलाइन बेटिंग गतिविधियों से अर्जित धन को विकास गर्ग से जुड़ी कंपनियों में स्थानांतरित किया गया। जाँच एजेंसी का आरोप है कि इन राशियों को कई कंपनियों के माध्यम से अलग-अलग लेनदेन में घुमाया गया और बाद में शेयर, सिक्योरिटीज तथा अन्य संपत्तियों की खरीद में इस्तेमाल किया गया।
इससे पहले ईडी के रायपुर ज़ोनल कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत विकास गर्ग, उनके परिवार के सदस्यों और उनके स्वामित्व या नियंत्रण वाली कंपनियों की ₹940.77 करोड़ की चल व अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया था।
अटैच संपत्तियों का ब्यौरा
जाँच एजेंसी के अनुसार, अटैच की गई संपत्तियों में रिहायशी मकान, जमीन के भूखंड, इक्विटी शेयर और अन्य वित्तीय प्रतिभूतियाँ शामिल हैं। यह कार्रवाई महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की व्यापक जाँच का हिस्सा बताई जा रही है।
ईबीक्सकैश कनेक्शन
विकास गर्ग तीन सूचीबद्ध कंपनियों — विकास इकोटेक लिमिटेड, विकास लाइफकेयर लिमिटेड और एराया लाइफस्पेस लिमिटेड — के प्रमोटर हैं। ईडी की जाँच में कथित तौर पर यह उजागर हुआ कि अवैध बेटिंग से जुड़े फंड का उपयोग एराया लाइफस्पेस लिमिटेड के माध्यम से ईबीक्सकैश में 64 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए किया गया।
जाँच की पृष्ठभूमि
ईडी ने छत्तीसगढ़ के दुर्ग पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में दर्ज अन्य मामलों के आधार पर यह जाँच शुरू की थी। इन मामलों में अवैध ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म के संचालकों, प्रमोटरों और सहयोगियों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी जैसे आरोप लगाए गए हैं।
गौरतलब है कि ईडी के अनुसार यह बेटिंग सिंडिकेट विदेश से संचालित फ्रेंचाइजी आधारित 'पैनल' नेटवर्क के जरिए काम करता था, जिससे कथित तौर पर हर महीने ₹450 करोड़ से अधिक की अवैध कमाई की जाती थी।
आगे क्या होगा
विकास गर्ग को रायपुर की पीएमएलए कोर्ट में पेश किए जाने के बाद ईडी उनकी न्यायिक हिरासत या रिमांड की माँग कर सकती है। यह गिरफ्तारी महादेव बेटिंग मामले में अब तक की सबसे बड़ी कॉर्पोरेट कार्रवाई मानी जा रही है, और जाँच का दायरा आगे और बढ़ने की संभावना है।