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महादेव बेटिंग मामला: ईडी ने ईबीक्स चेयरमैन विकास गर्ग को गिरफ्तार किया, ₹940.77 करोड़ की संपत्ति अटैच

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महादेव बेटिंग मामला: ईडी ने ईबीक्स चेयरमैन विकास गर्ग को गिरफ्तार किया, ₹940.77 करोड़ की संपत्ति अटैच

सारांश

महादेव बेटिंग मामले में ईडी ने ईबीक्स चेयरमैन विकास गर्ग को दिल्ली से गिरफ्तार कर रायपुर रवाना किया। ₹940.77 करोड़ की संपत्ति पहले ही अटैच है। आरोप है कि बेटिंग के पैसों से ईबीक्सकैश में 64% हिस्सेदारी खरीदी गई — यह महादेव नेटवर्क में अब तक की सबसे बड़ी कॉर्पोरेट कड़ी है।

मुख्य बातें

ईडी ने 14 जुलाई को ईबीक्स चेयरमैन विकास गर्ग को नई दिल्ली स्थित आवास से गिरफ्तार किया।
ट्रांजिट रिमांड के बाद उन्हें रायपुर ले जाया जा रहा है; पीएमएलए कोर्ट में बुधवार को पेशी होगी।
ईडी ने पहले ही गर्ग और उनसे जुड़ी कंपनियों की ₹940.77 करोड़ की संपत्तियाँ अस्थायी रूप से अटैच की हैं।
कथित तौर पर अवैध बेटिंग फंड से एराया लाइफस्पेस के ज़रिए ईबीक्सकैश में 64% हिस्सेदारी खरीदी गई।
बेटिंग सिंडिकेट से कथित रूप से हर महीने ₹450 करोड़ से अधिक की अवैध कमाई होती थी।
जाँच महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क पर केंद्रित है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 14 जुलाई को महादेव ऑनलाइन बेटिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए ईबीक्स के चेयरमैन विकास गर्ग को नई दिल्ली स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया। अदालत से ट्रांजिट रिमांड हासिल करने के बाद उन्हें रायपुर ले जाया जा रहा है, जहाँ अधिकारियों के अनुसार उन्हें बुधवार को पीएमएलए कोर्ट में पेश किया जाएगा।

मुख्य घटनाक्रम

ईडी की जाँच में कथित तौर पर यह सामने आया कि अवैध ऑनलाइन बेटिंग गतिविधियों से अर्जित धन को विकास गर्ग से जुड़ी कंपनियों में स्थानांतरित किया गया। जाँच एजेंसी का आरोप है कि इन राशियों को कई कंपनियों के माध्यम से अलग-अलग लेनदेन में घुमाया गया और बाद में शेयर, सिक्योरिटीज तथा अन्य संपत्तियों की खरीद में इस्तेमाल किया गया।

इससे पहले ईडी के रायपुर ज़ोनल कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत विकास गर्ग, उनके परिवार के सदस्यों और उनके स्वामित्व या नियंत्रण वाली कंपनियों की ₹940.77 करोड़ की चल व अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया था।

अटैच संपत्तियों का ब्यौरा

जाँच एजेंसी के अनुसार, अटैच की गई संपत्तियों में रिहायशी मकान, जमीन के भूखंड, इक्विटी शेयर और अन्य वित्तीय प्रतिभूतियाँ शामिल हैं। यह कार्रवाई महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की व्यापक जाँच का हिस्सा बताई जा रही है।

ईबीक्सकैश कनेक्शन

विकास गर्ग तीन सूचीबद्ध कंपनियों — विकास इकोटेक लिमिटेड, विकास लाइफकेयर लिमिटेड और एराया लाइफस्पेस लिमिटेड — के प्रमोटर हैं। ईडी की जाँच में कथित तौर पर यह उजागर हुआ कि अवैध बेटिंग से जुड़े फंड का उपयोग एराया लाइफस्पेस लिमिटेड के माध्यम से ईबीक्सकैश में 64 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए किया गया।

जाँच की पृष्ठभूमि

ईडी ने छत्तीसगढ़ के दुर्ग पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में दर्ज अन्य मामलों के आधार पर यह जाँच शुरू की थी। इन मामलों में अवैध ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म के संचालकों, प्रमोटरों और सहयोगियों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी जैसे आरोप लगाए गए हैं।

गौरतलब है कि ईडी के अनुसार यह बेटिंग सिंडिकेट विदेश से संचालित फ्रेंचाइजी आधारित 'पैनल' नेटवर्क के जरिए काम करता था, जिससे कथित तौर पर हर महीने ₹450 करोड़ से अधिक की अवैध कमाई की जाती थी।

आगे क्या होगा

विकास गर्ग को रायपुर की पीएमएलए कोर्ट में पेश किए जाने के बाद ईडी उनकी न्यायिक हिरासत या रिमांड की माँग कर सकती है। यह गिरफ्तारी महादेव बेटिंग मामले में अब तक की सबसे बड़ी कॉर्पोरेट कार्रवाई मानी जा रही है, और जाँच का दायरा आगे और बढ़ने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अगर मासिक अवैध कमाई का आँकड़ा ₹450 करोड़ सही है, तो यह एक बहुत बड़े हिमखंड की नोक हो सकती है। असली परीक्षा अब अदालत में होगी — जहाँ ईडी को कथित फंड-फ्लो की श्रृंखला को साक्ष्य के साथ साबित करना होगा।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विकास गर्ग को ईडी ने क्यों गिरफ्तार किया?
ईडी ने महादेव ऑनलाइन बेटिंग मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में विकास गर्ग को गिरफ्तार किया है। जाँच एजेंसी का आरोप है कि अवैध बेटिंग से अर्जित धन को उनसे जुड़ी कंपनियों के माध्यम से शेयर और संपत्तियों में लगाया गया।
ईडी ने विकास गर्ग की कितनी संपत्ति अटैच की है?
ईडी ने पीएमएलए, 2002 के तहत विकास गर्ग, उनके परिवार और उनसे जुड़ी कंपनियों की ₹940.77 करोड़ की चल व अचल संपत्तियाँ अस्थायी रूप से अटैच की हैं। इनमें रिहायशी मकान, जमीन, इक्विटी शेयर और वित्तीय प्रतिभूतियाँ शामिल हैं।
महादेव ऑनलाइन बेटिंग मामला क्या है?
महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज से जुड़ा यह मामला एक कथित अवैध ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क से संबंधित है, जो विदेश से संचालित फ्रेंचाइजी 'पैनल' प्रणाली के जरिए काम करता था। ईडी के अनुसार इससे हर महीने ₹450 करोड़ से अधिक की अवैध कमाई होती थी।
ईबीक्सकैश का इस मामले से क्या संबंध है?
ईडी की जाँच में कथित तौर पर यह सामने आया कि अवैध बेटिंग फंड का उपयोग एराया लाइफस्पेस लिमिटेड के माध्यम से ईबीक्सकैश में 64 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए किया गया। विकास गर्ग एराया लाइफस्पेस सहित तीन सूचीबद्ध कंपनियों के प्रमोटर हैं।
विकास गर्ग को आगे कहाँ पेश किया जाएगा?
अधिकारियों के अनुसार विकास गर्ग को बुधवार को रायपुर की पीएमएलए कोर्ट में पेश किया जाएगा। दिल्ली से ट्रांजिट रिमांड हासिल करने के बाद उन्हें रायपुर ले जाया जा रहा है, जहाँ ईडी का ज़ोनल कार्यालय इस मामले की जाँच कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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