महादेव बेटिंग ऐप स्कैम: सीबीआई ने मुख्य आरोपी अभिषेक कुमार को हैदराबाद एयरपोर्ट पर दबोचा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 24 सितंबर 2026 को महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप स्कैम के एक प्रमुख वॉन्टेड आरोपी अभिषेक कुमार को गिरफ्तार कर बड़ी कामयाबी हासिल की। दुबई से लौट रहे अभिषेक को हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर विमान से उतरते ही एजेंसी के अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया।
आरोपी की भूमिका और जांच के निष्कर्ष
सीबीआई की जांच से पता चला है कि अभिषेक कुमार 'महादेव बुक' के तहत ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए का नेटवर्क संचालित करने में सक्रिय भूमिका निभाता था। जांच एजेंसी के अनुसार, वह पैनल को समन्वित करने, अवैध धन एकत्र करने और बेटिंग-जुए से अर्जित काले धन से दुबई में अचल संपत्ति खरीदने में प्रत्यक्ष रूप से शामिल था।
यह ऐसे समय में आया है जब सीबीआई इस मामले में कई देशों में फैले नेटवर्क की कड़ियाँ जोड़ने में लगी है। जांचकर्ताओं के अनुसार, अभिषेक मुख्य प्रमोटरों — सौरभ चंद्राकर और शुभम सोनी — के साथ मिलकर इस अवैध ऑपरेशन को चला रहा था।
गिरफ्तारी के बाद जब्ती और न्यायिक कार्यवाही
गिरफ्तारी के फौरन बाद तलाशी के दौरान आरोपी के पास से आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई, जो महादेव बेटिंग ऐप के संचालन में उसकी सक्रिय भूमिका की पुष्टि करती है।
इसके बाद अभिषेक को हैदराबाद की स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहाँ तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड मंजूर की गई। तत्पश्चात उसे रायपुर की अदालत में पेश कर दो दिन की पुलिस हिरासत रिमांड पर लिया गया।
मामले की पृष्ठभूमि: छत्तीसगढ़ से सीबीआई तक
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के विभिन्न पुलिस थानों में दर्ज 13 एफआईआर सीबीआई को सौंपी थीं, जिन्हें एजेंसी ने अपने अधिकार क्षेत्र में ले लिया। अब तक सीबीआई इस मामले में 100 आरोपियों के विरुद्ध 8 चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इनमें महादेव बेटिंग ऐप के मुख्य प्रमोटर, पैनल ऑपरेटर, हवाला ऑपरेटर और छत्तीसगढ़ सरकार के तत्कालीन सरकारी कर्मचारी शामिल हैं।
यह देश के सबसे बड़े ऑनलाइन सट्टेबाजी घोटालों में से एक है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय हवाला नेटवर्क, विदेशी अचल संपत्ति और सरकारी मिलीभगत के आरोप शामिल हैं।
फरार आरोपियों के लिए प्रत्यर्पण की कोशिशें
महादेव बेटिंग ऐप के मुख्य प्रमोटरों को भारत वापस लाने के प्रयास जारी हैं। अब तक 7 रेड कॉर्नर नोटिस और 2 प्रत्यर्पण प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं, जबकि 2 आरोपियों के विरुद्ध प्रत्यर्पण की प्रक्रिया सक्रिय रूप से चल रही है। फरार बाकी आरोपियों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
अभिषेक कुमार की गिरफ्तारी से इस नेटवर्क के अन्य सूत्रों का भी खुलासा होने की उम्मीद है, और आगे की पूछताछ में नए नामों के सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।