महादेव ऐप घोटाला: सौरभ चंद्राकर को 8 दिन की सीबीआई हिरासत, 12 नवंबर को होगी अगली पेशी
सारांश
मुख्य बातें
रायपुर स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने 4 नवंबर 2026 को महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप घोटाले के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को 8 दिन की सीबीआई हिरासत में भेजने का आदेश दिया। छत्तीसगढ़ की इस अदालत ने पेशी के दौरान केंद्रीय जाँच ब्यूरो की रिमांड याचिका स्वीकार कर ली। चंद्राकर को अब पूछताछ के लिए नई दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय ले जाया जाएगा और 12 नवंबर को उसे दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा।
प्रत्यर्पण से रिमांड तक का घटनाक्रम
कथित तौर पर ₹6,000 करोड़ के इस ऑनलाइन सट्टेबाजी घोटाले का मुख्य सूत्रधार सौरभ चंद्राकर वर्ष 2023 से दुबई में फरार था। उसके विरुद्ध इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था। 8 जुलाई 2026 को ओमान की रॉयल पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया और 116 दिनों बाद 1 नवंबर 2026 को उसे भारत लाया गया। इससे पहले दिल्ली की राउज़ एवेन्यू अदालत ने सोमवार को उसे दो दिन की ट्रांजिट रिमांड पर सीबीआई को सौंपा था, जिसके बाद मंगलवार को एजेंसी उसे रायपुर लेकर आई।
ईडी भी मैदान में, वकील ने उठाए सवाल
सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारी और वकील भी अदालत में उपस्थित रहे। ईडी ने भी चंद्राकर की रिमांड की माँग की है और धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के पहलू की जाँच जारी है; ईडी उसके विरुद्ध अभियोजन शिकायत पहले ही दर्ज कर चुकी है। दूसरी ओर, चंद्राकर के वकील तुषार गिरी ने सीबीआई की रिमांड याचिका का विरोध करते हुए इसे अनुचित बताया। उन्होंने ओमान की अदालत के आदेश का हवाला देते हुए तर्क दिया कि भारत के प्रत्यर्पण अनुरोध को केवल ईडी के मामले में मंजूरी मिली थी, सीबीआई के मामले में नहीं — अतः उनके मुवक्किल के विरुद्ध केवल उन्हीं मामलों में कार्रवाई की जा सकती है जिनके आधार पर प्रत्यर्पण हुआ। अदालत परिसर के आसपास सुनवाई के मद्देनज़र भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
महादेव ऐप घोटाला: जाँच की पृष्ठभूमि
सीबीआई के अनुसार, सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और उनके सहयोगियों ने महादेव ऐप को बढ़ावा देते हुए ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए कई प्लेटफॉर्म बनाए और उससे अर्जित धन को विभिन्न बैंक खातों के ज़रिए संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) भेजा। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस मामले की 13 एफआईआर सीबीआई को सौंपी हैं, जिनमें से दो मामलों में चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है। गौरतलब है कि यह मामला केवल सट्टेबाजी तक सीमित नहीं — इसमें बड़े पैमाने पर धनशोधन और विदेश में धन हस्तांतरण के गंभीर आरोप हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि मामले के मुख्य आरोपी को भारत वापस लाया जा चुका है और सीबीआई की पूछताछ में कई अन्य नाम भी सामने आ सकते हैं। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी ने अपने हितों के लिए लोकतंत्र को कमज़ोर किया और अब लोकतांत्रिक मूल्यों की बात कर रही है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सौरभ चंद्राकर को भले ही भारत लाया गया है, लेकिन सह-आरोपी रवि उप्पल और शुभम सोनी अब भी फरार हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान इस मामले में 72 से अधिक एफआईआर दर्ज की गई थीं और कई छापेमारी व गिरफ्तारियाँ भी हुई थीं।
आगे क्या होगा
सीबीआई अब 8 दिनों की हिरासत में चंद्राकर से महादेव ऐप के वित्तीय नेटवर्क, यूएई में धन हस्तांतरण के रास्तों और फरार सह-आरोपियों के ठिकानों के बारे में पूछताछ करेगी। ईडी की रिमांड माँग पर भी अदालत का फैसला अपेक्षित है। 12 नवंबर को होने वाली अगली पेशी यह तय करेगी कि जाँच किस दिशा में आगे बढ़ती है — और क्या अन्य बड़े नाम इस मामले में सामने आते हैं।