श्रद्धा कपूर की 'ईठा' का ट्रेलर रिलीज़, लावणी सम्राज्ञी विठाबाई की कहानी 4 दिसंबर को परदे पर
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री श्रद्धा कपूर की बहुप्रतीक्षित बायोग्राफिकल म्यूजिकल ड्रामा 'ईठा' का ट्रेलर शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को रिलीज़ किया गया, जो महाराष्ट्र की लावणी सम्राज्ञी विठाबाई नारायणगांवकर के जीवन-संघर्ष और उनकी अदम्य कलासाधना की दास्तान को परदे पर उतारती है। फिल्म 4 दिसंबर 2026 को सिनेमाघरों में दर्शकों के सामने आएगी।
ट्रेलर में क्या दिखा
करीब तीन मिनट के इस ट्रेलर में महाराष्ट्र की पारंपरिक लावणी लोककला की रंगीन और चमक-दमक भरी दुनिया को बेहद करीब से पेश किया गया है। साथ ही उस दुनिया के पीछे छिपे संघर्ष और दर्द को भी बखूबी दर्शाया गया है। नौवारी साड़ी, भारी पारंपरिक गहने और हाथों में बँधे घुंघरू के साथ श्रद्धा का रूप किरदार को प्रामाणिकता देता है।
ट्रेलर में श्रद्धा का एक संवाद दर्शकों के बीच चर्चा का केंद्र बन गया है — 'देखते हैं क्या टूटता है, मेरा भरोसा या मेरा घमंड। मेरा भरोसा ही मेरा घमंड था रे। जब वो टूट गया ना, सब टूट गया।' यह संवाद विठाबाई की आत्मशक्ति और उनके टूटने की पीड़ा — दोनों को एक साथ समेटता है।
संवाद जो कहानी की जान हैं
अभिनेता मोहम्मद जीशान अय्यूब के किरदार का एक अहम संवाद ट्रेलर में खास असर छोड़ता है। वह विठाबाई से कहते हैं, 'तुझसे तो नाच के मुकाबले में तकदीर भी नहीं जीत सकती, ईठा। बिना नाचे जाएगी क्या? देख, आसमान का मंडप है, चांद की लाइट है, हवाओं के स्पीकर हैं। कोई हो न हो, तेरा रिवाज तो है।' इस पर विठाबाई का जवाब है — 'पर नाचते हुए मरी तो मिसाल बन जाऊंगी।'
नौवारी साड़ी पर श्रद्धा का एक और संवाद भी प्रभावशाली है — 'ये सिर्फ कपड़ा नहीं, अभिमान है। जिसे पहनने मिले, वो भाग्यवान है।' यह दृश्य पारंपरिक पहनावे को महिला की पहचान, सम्मान और जड़ों से जुड़े होने के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत करता है।
कलाकार और तकनीकी टीम
फिल्म में श्रद्धा कपूर के साथ रणदीप हुड्डा, मोहम्मद जीशान अय्यूब और नाना पाटेकर अहम भूमिकाओं में हैं। रणदीप हुड्डा फिल्म में अन्ना सावंत मर्चेंट का किरदार निभा रहे हैं — एक ऐसा पात्र जो विठाबाई के जीवन से गहरे रूप से जुड़ा है। हुड्डा ने हाल ही में सोशल मीडिया पर अपना फर्स्ट लुक पोस्टर साझा किया था, जिसमें वह बड़ी मूंछों और भारी-भरकम शरीर के साथ एकदम बदले रूप में नज़र आए। इसके अलावा अनंत जोशी, सिद्धार्थ जाधव, अक्षरा सिंह और उल्का गुप्ता भी फिल्म में हैं।
फिल्म का संगीत मशहूर जोड़ी अजय-अतुल ने तैयार किया है, जो महाराष्ट्र की लोककला की धुनों को परदे पर नया जीवन देंगे। डांस सीक्वेंस की कोरियोग्राफी वैभवी मर्चेंट ने की है। फिल्म का निर्देशन लक्ष्मण उतेकर ने किया है और निर्माण दिनेश विजान, लक्ष्मण उतेकर और करिश्मा शर्मा ने मैडॉक फिल्म्स और कठपुतली क्रिएशन्स के बैनर तले किया है।
विठाबाई नारायणगांवकर: लावणी सम्राज्ञी की विरासत
विठाबाई नारायणगांवकर महाराष्ट्र की दिग्गज लावणी कलाकार थीं, जिन्हें लावणी सम्राज्ञी की उपाधि से सम्मानित किया जाता है। उनका जन्म सोलापुर जिले के पंढरपुर में एक कलाकार परिवार में हुआ था। उनके पिता और चाचा का अपना कला-दल था, जिसके चलते बचपन से ही लावणी, गवलन और भेदिक जैसे लोकगीतों से उनका नाता जुड़ा। बहुत कम उम्र में मंच पर कदम रखने वाली विठाबाई ने अपनी अदाकारी, गायन और नृत्य से लोककला की दुनिया में एक अनूठी पहचान बनाई।
2002 में उनका निधन हुआ, लेकिन महाराष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत में उनका योगदान आज भी अमिट है। गौरतलब है कि लावणी जैसी लोककलाओं पर केंद्रित बायोपिक हिंदी सिनेमा में अपेक्षाकृत कम बनी हैं — यही 'ईठा' को एक अलग सांस्कृतिक महत्व देता है।
फिल्म का महत्व और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब हिंदी सिनेमा में क्षेत्रीय लोककला और उनके प्रतिनिधित्व को लेकर दर्शकों की रुचि बढ़ी है। 'ईठा' सिर्फ एक बायोपिक नहीं — यह महाराष्ट्र की एक अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर को मुख्यधारा सिनेमा के ज़रिए नई पीढ़ी तक पहुँचाने का प्रयास है। फिल्म 4 दिसंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।