दिवाली से पहले कांग्रेस की रैली पर सीटीआई का ऐतराज़: ₹10,000 करोड़ के कारोबार पर मंडराया खतरा
सारांश
मुख्य बातें
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने 30 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि 1 नवंबर को रामलीला मैदान, नई दिल्ली में प्रस्तावित कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की रैली को या तो दिवाली के बाद आयोजित किया जाए या उसका स्थान बदला जाए। गोयल का कहना है कि यह रैली मध्य दिल्ली और पुरानी दिल्ली के ऐतिहासिक बाज़ारों में यातायात बाधित कर ₹10,000 करोड़ तक के कारोबार को नुकसान पहुँचा सकती है।
रैली से कारोबार पर संकट
गोयल के अनुसार, रामलीला मैदान के पाँच किलोमीटर के दायरे में लगभग 20 ऐतिहासिक बाज़ार हैं, जहाँ प्रतिदिन ₹10,000 से ₹12,000 करोड़ तक का कारोबार होता है। इनमें जामा मस्जिद, चांदनी चौक, खारी बावली, सदर बाज़ार, कश्मीरी गेट, अजमेरी गेट, करोल बाग, गफ्फार मार्केट, कनॉट प्लेस, पालिका बाज़ार, दरियागंज और मीना बाज़ार जैसे प्रमुख व्यापारिक केंद्र शामिल हैं। यदि एक या दो दिन यह बाज़ार बंद रहे या यातायात थम गया, तो कारोबारियों को कम से कम ₹10,000 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ सकता है।
वाहनों की भीड़ और जाम का खतरा
आयोजकों की ओर से रैली में करीब 10 लाख लोगों के आने का अनुमान जताया जा रहा है। गोयल ने बताया कि इतनी बड़ी भीड़ को लाने के लिए 15,000 से 20,000 बसों, टेम्पो और अन्य वाहनों की आवश्यकता पड़ सकती है, जबकि रामलीला मैदान में केवल 200 बसों की पार्किंग की ही व्यवस्था उपलब्ध है। गौरतलब है कि 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए एक कार्यक्रम में महज 5,000 से 7,000 लोगों की मौजूदगी से मध्य दिल्ली में भारी जाम लग गया था और लगभग 20 बाज़ार बंद हो गए थे।
धनतेरस-दिवाली की खरीदारी पर असर
यह रैली दिवाली के सबसे व्यस्त खरीदारी के दिनों से ठीक पहले आयोजित हो रही है। 6 नवंबर को धनतेरस और 8 नवंबर को दिवाली है। सीटीआई चेयरमैन ने चेतावनी दी कि नरेला, बवाना, मंगोलपुरी, उद्योग नगर और पीरागढ़ी जैसे औद्योगिक क्षेत्रों से रोज़ाना करीब 500 छोटे टेम्पो और टाटा-एस वाहन बाज़ारों में माल पहुँचाते हैं और लगभग 3,000 वाहन यहाँ से एनसीआर व देश के अन्य हिस्सों में सामान ले जाते हैं। उनका कहना है कि 31 अक्टूबर की दोपहर से ही रैली के वाहनों की आवाजाही शुरू होने की संभावना है, जिससे ट्रांसपोर्टर असमंजस में हैं कि माल की बुकिंग लें या नहीं।
व्यापारियों की माँग
विभिन्न बाज़ार एसोसिएशन पत्र और वीडियो संदेश जारी कर अपनी चिंता व्यक्त कर रही हैं। गोयल ने स्पष्ट किया कि व्यापारियों को रैली से कोई आपत्ति नहीं है — उनकी एकमात्र माँग यह है कि रैली दिवाली के बाद आयोजित हो या किसी अन्य स्थान पर कराई जाए। उन्होंने राहुल गांधी के 'मोहब्बत की दुकान' वाले नारे का संदर्भ देते हुए कहा कि व्यापारियों की मोहब्बत की दुकानें भी चलती रहनी चाहिए।
आगे क्या होगा
अभी तक कांग्रेस या इंडिया गठबंधन की ओर से इस पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। रैली की तारीख और स्थान में बदलाव होता है या नहीं, यह आने वाले घंटों में स्पष्ट होगा। व्यापारी समुदाय की नज़रें अब कांग्रेस नेतृत्व के जवाब पर टिकी हैं, क्योंकि दिवाली के मौसम में हर दिन का कारोबार निर्णायक होता है।