श्रिया पिलगांवकर ने पिता सचिन की फिल्म के लिए पहले माँगी थी स्क्रिप्ट, 'कोण होणार करोडपती' में सुनाया पहली फिल्म का किस्सा
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता और फिल्ममेकर सचिन पिलगांवकर ने मराठी क्विज शो 'कोण होणार करोडपती' में बतौर मेहमान शिरकत करते हुए अभिनेत्री और शो की होस्ट माधुरी दीक्षित को अपनी बेटी, अभिनेत्री श्रिया पिलगांवकर की पहली फिल्म से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा सुनाया। यह खुलासा उस वक्त हुआ जब सचिन ने बताया कि श्रिया ने उनके फिल्म ऑफर को तुरंत स्वीकार नहीं किया था, बल्कि पहले स्क्रिप्ट पढ़ने की शर्त रखी थी।
दस मिनट के नाटक ने बदल दी राह
सचिन ने शो में बताया कि उन्होंने पहली बार श्रिया की अभिनय प्रतिभा उसके महज दस मिनट के एक नाटक में देखी थी। श्रिया ने अपने माता-पिता — सचिन और सुप्रिया पिलगांवकर — को यह नाटक देखने के लिए बुलाया था। उसी प्रदर्शन ने सचिन के मन में एक फिल्म बनाने का विचार जगाया।
सचिन के अनुसार, घर लौटते वक्त उन्होंने श्रिया से कहा, 'श्रिया, मुझे एक फिल्म बनाने का मन कर रहा है और मैं चाहता हूँ कि तुम उसमें एक्टिंग करो। यह ख्याल मुझे सिर्फ तुम्हारा काम देखने के बाद ही आया — इससे पहले मेरे मन में ऐसा कभी नहीं आया था।'
श्रिया की अनोखी शर्त
पिता के ऑफर पर श्रिया ने तुरंत हाँ कहने के बजाय पहले स्क्रिप्ट पढ़ने की माँग रखी। सचिन ने मुस्कुराते हुए याद किया कि बेटी का यह जवाब सुनकर वे एक पल के लिए चुप हो गए और मन ही मन सोचा, 'आखिर वह मेरी बेटी है।' श्रिया ने स्क्रिप्ट पढ़ी, उसे पसंद आई और उन्होंने फिल्म की।
यह व्यावसायिक दृष्टिकोण श्रिया की परिपक्वता को दर्शाता है — एक ऐसे उद्योग में, जहाँ अक्सर पारिवारिक संबंध ही पहली फिल्म की कुंजी बन जाते हैं, उन्होंने काम को गुणवत्ता की कसौटी पर कसा।
'एकुलती एक' और पहली ही फिल्म में पुरस्कारों की झड़ी
सचिन जिस फिल्म का ज़िक्र कर रहे थे, वह थी मराठी ड्रामा 'एकुलती एक', जो 2013 में रिलीज़ हुई थी। इस फिल्म को सचिन पिलगांवकर ने ही लिखा, निर्देशित और निर्मित किया था। पहली ही फिल्म में श्रिया को कई पुरस्कार मिले, और उसके बाद उन्होंने मराठी के साथ-साथ हिंदी और वेब इंडस्ट्री में भी अपनी खुद की पहचान बनाई।
फिल्म की कहानी
'एकुलती एक' एक मशहूर पार्श्व गायक अरुण देशपांडे की कहानी है, जो 18 साल पहले अपने संगीत करियर को प्राथमिकता देते हुए पत्नी नंदिनी और बेटी स्वरा से अलग हो गए थे। सालों बाद, युवा स्वरा अपने पिता को जानने और उनके दिल में जगह बनाने के लिए मुंबई आती है। फिल्म में बाप-बेटी के बीच के जज़्बातों, तकरार और एक टूटे हुए परिवार के फिर से जुड़ने की भावुक कहानी को बखूबी दर्शाया गया है।
इंडस्ट्री में श्रिया की अपनी राह
सचिन ने गर्व के साथ बताया कि पहली फिल्म की सफलता के बाद श्रिया ने अपना खुद का रास्ता बनाया और उद्योग में स्वतंत्र रूप से अपनी जगह पक्की की। गौरतलब है कि फिल्मी परिवार से आने के बावजूद श्रिया ने शुरू से ही पेशेवर दृष्टिकोण अपनाया, जिसे सचिन खुद उनकी सबसे बड़ी खूबी मानते हैं। आगे भी उनकी और परियोजनाओं पर उद्योग की नज़रें टिकी रहेंगी।