क्या खो गया है... जो लेके आए थे? सिद्धांत चतुर्वेदी ने एक अद्भुत कविता लिखी

सारांश
Key Takeaways
- सिद्धांत चतुर्वेदी की कविता में गहरी भावनाएं हैं।
- समाज में असली भावनाएं खो रही हैं।
- कविता लिखना एक व्यक्तिगत अनुभव है।
- सपनों को साकार करने के लिए मेहनत जरूरी है।
- इंस्टाग्राम पर उनकी कविताओं की एक विशेष श्रृंखला है।
मुंबई, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बॉलीवुड के उभरते सितारे सिद्धांत चतुर्वेदी, जो 'गली बॉय', 'फोन भूत', और 'गहराइयां' जैसी फिल्मों में अपने प्रभावशाली अभिनय के लिए प्रसिद्ध हैं, ने हाल ही में एक नई पहचान बनाई है। पर्दे के पीछे उनकी एक और दुनिया है, जो विशेष रूप से शांत, चिंतनशील और भावनात्मक है।
हाल ही में, उन्होंने इंस्टाग्राम पर कुछ तस्वीरें साझा कीं, जहाँ वह कभी वर्कआउट करते और कभी किसी निस्वार्थ स्थान पर प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेते नजर आए। लेकिन इन तस्वीरों से ज्यादा ध्यान उनकी भावुक कविता ने खींचा, जो उन्होंने कैप्शन में लिखी।
सिद्धांत ने अपनी इस पोस्ट में न केवल अपनी झलक दिखाई, बल्कि दिल की गहराइयों से अपनी भावनाएं भी व्यक्त कीं।
उन्होंने लिखा, ''क्या लेके आए थे... जो खो गया? यूं तो हजार ख्वाहिशें बिकती हैं बाजार में... बस एक कलम है, जो खो गई इस 'ऑटो-करेक्ट' समाज में... एक दो पन्ने भी खोए हैं... जिसपे सपने लिखे-मिटाए थे, 'कोई देख ना ले' के लाज में... वो 'मिसफिट' सी शर्ट जो अलमारी में पड़ी रह गई... उस एक दिन का इंतज़ार है... यहीं तो कुछ अपना पुराना था, जो खो गया... यूं तो सारी ख्वाहिशें खत्म रखी हैं, आज रिप्ड जीन्स की जेबों में... सपने जो शर्मिंदा करते थे पन्नों पे किसी दिन, आज छपते हैं अखबारों में...।''
उन्होंने अपनी कविता के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की कि आज के समाज में असली भावनाएं कहीं खो गई हैं, और कई लोग अपने सपनों को डर या संकोच के चलते दबा देते हैं।
यह उल्लेखनीय है कि सिद्धांत का कविता से जुड़ाव नया नहीं है। उन्होंने पहले भी कई इंटरव्यू में कहा है कि उन्हें हिंदी से गहरा लगाव है और वे स्वयं कविताएं और मुक्तक लिखते हैं। यह सब तब शुरू हुआ जब वे 19 से 24 साल की उम्र के बीच बेरोजगार थे और अपने दोस्तों को करियर में आगे बढ़ते देख रहे थे।
उन्होंने एक बार कहा था, ''मेरे सपनों की क्या कीमत बताऊं, बस रोज कम होता उधार मेरा।'' इस एक वाक्य में उन्होंने अपने सपनों की अनमोलता को बयाँ किया है।
सिद्धांत चतुर्वेदी का इंस्टाग्राम पर एक विशेष पेज 'सिड चैट्स' भी है, जहाँ वे अपनी कविताएं साझा करते हैं।