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सोना मोहपात्रा ने आशा भोसले के अदम्य उत्साह को श्रद्धांजलि दी

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सोना मोहपात्रा ने आशा भोसले के अदम्य उत्साह को श्रद्धांजलि दी

सारांश

सोना मोहपात्रा ने आशा भोसले के निधन पर अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की और उनके अदम्य उत्साह को याद किया। आशा भोसले ने न सिर्फ संगीत की दुनिया में अपनी छाप छोड़ी, बल्कि महिलाओं के लिए भी एक प्रेरणा बनीं।

मुख्य बातें

आशा भोसले का निधन एक युग का अंत है।
सोना मोहपात्रा ने आशा जी के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की।
आशा भोसले ने महिलाओं के लिए एक प्रेरणा बनीं।
सोना का संदेश: कृतज्ञता और प्रेरणा का एक अनोखा मिश्रण।
आशा भोसले का संगीत हमेशा याद रखा जाएगा।

मुंबई, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। विख्यात प्लेबैक सिंगर आशा भोसले अब हमारे बीच नहीं रहीं। 92 वर्ष की आयु में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उनका निधन हो गया। बुधवार को प्रसिद्ध गायिका सोना मोहपात्रा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से आशा भोसले के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की।

सोना मोहपात्रा ने अपने इंस्टाग्राम पर एक नोट साझा किया। उन्होंने अपने नोट में स्वयं से प्रश्न करते हुए लिखा कि आशाजी के निधन का दुख इतना गहरा और व्यक्तिगत क्यों लग रहा है। उन्होंने लिखा, "मंच पर और मंच के बाहर बार-बार रोना क्या केवल दिखावा था? क्या वे ड्रामा क्वीन बन रही थीं, जबकि मैं तो आशा भोसले को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानती थी।"

उन्होंने आगे लिखा, "फिर सुबह मुझे एहसास हुआ कि यह शोक नहीं, बल्कि कृतज्ञता है। एक गहरी और दिल को छू लेने वाली। यह उन ऊंचे मानकों के लिए है, जो आशाजी ने स्थापित किए थे। समाज के बंधनों को तोड़ने के लिए, उत्कृष्टता की अनवरत चाह के लिए और जीवन के प्रति उनके निर्भीक उत्साह के लिए।"

सोना ने आगे कहा कि आशा भोसले ने हर सुर को अपना बनाया, हर साड़ी को अपनी शैली दी और हर मुस्कान को खास बनाया। उन्होंने लिखा, "उन्होंने इच्छाओं, चंचलता और आकर्षण को एक आवाज दी। उस समय जब महिलाओं के लिए ये सारे काम वर्जित माने जाते थे, तब उन्होंने केवल गाने नहीं गाए, बल्कि यह भी दिखाया कि एक महिला क्या-क्या कर सकती है।"

उन्होंने अपनी बात को समाप्त करते हुए लिखा, "यह इस महानता को अपनी आँखों से देखने का अनुभव है। उनसे कुछ सीखने और यह जानने का एहसास कि मेरी अपनी आवाज का एक हिस्सा इसलिए मौजूद है क्योंकि सबसे पहले हिम्मत उन्होंने दिखाई थी। ऐसी कृतज्ञता हमेशा बनी रहेगी।"

सोना ने नोट पोस्ट करते हुए लिखा, "और आशा जी की तस्वीर सच में बहुत खास है, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह सामाजिक पहलुओं पर भी विचार करने का समय है। सोना मोहपात्रा का यह कृतज्ञता पत्र हमें यह याद दिलाता है कि कैसे एक महिला ने समाज की सीमाओं को पार करते हुए अपनी पहचान बनाई।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आशा भोसले का निधन कब हुआ?
आशा भोसले का निधन 15 अप्रैल को हुआ।
सोना मोहपात्रा ने आशा भोसले के प्रति अपनी कृतज्ञता कैसे व्यक्त की?
सोना मोहपात्रा ने अपने सोशल मीडिया पर एक नोट साझा किया, जिसमें उन्होंने आशा भोसले के अदम्य उत्साह की सराहना की।
आशा भोसले क्यों प्रसिद्ध थीं?
आशा भोसले अपने अद्वितीय गायन कौशल और साहसिकता के लिए जानी जाती थीं।
सोना मोहपात्रा का मुख्य संदेश क्या था?
सोना का मुख्य संदेश था कि आशा भोसले ने न केवल संगीत में बल्कि जीवन में भी महिलाओं के लिए एक प्रेरणा बनीं।
सोना ने अपने नोट में क्या लिखा?
सोना ने लिखा कि आशा भोसले की प्रेरणा ने उन्हें अपनी आवाज खोजने में मदद की।
राष्ट्र प्रेस
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