सड़क पर चलने वाले लोगों की जिंदगी आपके हाथों में है, सोनू सूद का युवाओं के लिए संदेश
सारांश
Key Takeaways
- सड़क पर सुरक्षा सभी की जिम्मेदारी है।
- नाबालिगों को गाड़ी चलाने से रोकें।
- सोनू सूद का संदेश युवाओं और माता-पिता के लिए महत्वपूर्ण है।
- गाड़ी चलाते समय सावधानी बरतें।
- सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाएं।
मुंबई, ११ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली सहित कई राज्यों में ऐसे मामले सामने आए हैं, जहाँ तेज गति और नाबालिगों द्वारा गाड़ी चलाने के कारण लोगों की जानें गई हैं।
हाल ही में द्वारका में एक नाबालिग ने एक २३ वर्षीय युवक को कुचल दिया था, जिसके बाद युवक की मां ने सोशल मीडिया पर न्याय की मांग की थी। इसी मामले को लेकर सोनू सूद ने युवाओं और माता-पिता से विशेष अपील की है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि किसी को भी सड़क पर चलने वाले लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने का अधिकार नहीं है।
सोनू सूद ने हमेशा की तरह एक महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दे पर अपनी राय रखी है। एक पिता होने के नाते, अभिनेता ने इस बात की ओर ध्यान दिलाया कि स्कूल के साथ-साथ संस्कारों की शिक्षा कितनी महत्वपूर्ण है। उन्होंने सड़कों पर गाड़ी चलाने वाले युवाओं से अनुरोध किया है कि वे अपनी गाड़ी की गति को नियंत्रित रखें।
अभिनेता ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए कहा, "आज हम ऐसी जिंदगी जी रहे हैं, जहाँ सड़क पर चलने वाले लोगों की जिंदगी आपके हाथ में है। आप कितनी तेजी से दौड़ते हैं और कितनी तेजी से ब्रेक लगाते हैं, यह तय करता है कि सामने वाला कितना सुरक्षित रहेगा।"
उन्होंने आगे कहा, "मैं सभी बच्चों से गुजारिश करता हूँ कि जो बच्चे गाड़ी चलाना चाहते हैं और उनकी उम्र पूरी नहीं हुई है, वे सही समय का इंतज़ार करें। माता-पिता को यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि वाहन की चाबी कहाँ है, क्योंकि बच्चे अवसर पाते ही गाड़ी ले जाते हैं, जिससे घातक दुर्घटनाएँ हो सकती हैं।"
अभिनेता के इस पोस्ट को यूजर्स का समर्थन मिल रहा है, और उनका कहना है कि आज की पीढ़ी जल्दी बड़ी होना चाहती है, और यही कारण है कि देश में दुर्घटनाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
यह भी उल्लेखनीय है कि इससे पहले सोनू सूद ने संयुक्त अरब अमीरात में फंसे लोगों की मदद का ऐलान किया था। उन्होंने वहां फंसे किसी भी देश के नागरिक को सीधे उनसे संपर्क करने की सलाह दी थी। अभिनेता उन लोगों की मदद कर रहे हैं, जिनके पास घर नहीं है और वे किसी सुरक्षित स्थान से दूर हैं। कोविड के समय से ही वह लोगों की सहायता करने में लगे हुए हैं। चाहे महामारी हो या बाढ़, हर परिस्थिति में वह लोगों की मदद के लिए तत्पर हैं।