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सिंगीतम श्रीनिवास राव को सुधा चंद्रन की श्रद्धांजलि: 'मैं गीली मिट्टी थी, उन्होंने मुझे आकार दिया'

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सिंगीतम श्रीनिवास राव को सुधा चंद्रन की श्रद्धांजलि: 'मैं गीली मिट्टी थी, उन्होंने मुझे आकार दिया'

सारांश

सुधा चंद्रन ने उन्हें 'गीली मिट्टी को आकार देने वाला कुम्हार' कहा — और यही सिंगीतम श्रीनिवास राव की असली पहचान थी। 95 साल की उम्र में दिवंगत हुए इस फिल्मकार ने 'मयूरी' से सुधा को स्टार बनाया और 'पुष्पक विमान' से एक पूरी पीढ़ी को सिनेमा का नया व्याकरण सिखाया।

मुख्य बातें

दिग्गज फिल्मकार सिंगीतम श्रीनिवास राव का 95 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
अभिनेत्री सुधा चंद्रन ने उन्हें 'फिल्मों का पहला गुरु' बताते हुए सोशल मीडिया पर भावुक श्रद्धांजलि दी।
सिंगीतम के निर्देशन में बनी 'मयूरी' से सुधा चंद्रन ने तेलुगु सिनेमा में डेब्यू किया था।
राजामौली , कमल हासन , जूनियर एनटीआर , विजय देवरकोंडा और नानी सहित कई सितारों ने श्रद्धांजलि दी।
सिंगीतम ने 'आदित्य 369' , 'पुष्पक विमान' , 'माइकल मदना कामा राजन' जैसी कालजयी फिल्में बनाईं।

अभिनेत्री और शास्त्रीय नृत्यांगना सुधा चंद्रन ने दिग्गज फिल्मकार सिंगीतम श्रीनिवास राव के निधन पर भावुक श्रद्धांजलि अर्पित की है, उन्हें फिल्मी दुनिया में अपना 'पहला गुरु' बताते हुए। 95 वर्ष की आयु में दिवंगत हुए सिंगीतम के निर्देशन में बनी फिल्म 'मयूरी' से ही सुधा ने तेलुगु सिनेमा में अपना सफर शुरू किया था। सोशल मीडिया पर साझा की गई अपनी भावुक पोस्ट में उन्होंने अपने गुरु की स्मृतियों को शब्दों में पिरोया।

सुधा चंद्रन का भावुक संदेश

सुधा चंद्रन ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'फिल्मों में मेरे पहले गुरु... मुझे अपनी एक्टिंग और तकनीकी काम के लिए जब भी तारीफ मिलती है, तो उसके लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद, सर।' उन्होंने आगे कहा, 'मेरे करियर के शुरुआती दौर में सिंगीतम ने मेरा काफी मार्गदर्शन किया और अभिनय को निखारने में अहम भूमिका निभाई।'

सुधा ने अपने गुरु को याद करते हुए लिखा, 'मैं गीली मिट्टी की तरह थी — उन्होंने मुझे खूबसूरत आकार देकर संवारा। वह एक दूरदर्शी और नेक इंसान थे, जो हमेशा मुस्कुराते रहते थे। उनके बारे में लिखना मेरे लिए बेहद दर्दनाक है। उनके निधन की खबर से मेरा दिल काफी दुख रहा है।'

सिंगीतम श्रीनिवास राव का सिनेमाई योगदान

सिंगीतम श्रीनिवास राव अपने अनूठे और अभिनव कहानी कहने के अंदाज के लिए भारतीय सिनेमा में विशिष्ट स्थान रखते थे। उन्होंने तेलुगु, तमिल और हिंदी सहित कई भारतीय भाषाओं में फिल्में बनाईं। 'राजा पारवाई', 'अपूर्वा सहोधररगल', 'माइकल मदना कामा राजन', 'कधला कधला', 'आदित्य 369', 'पुष्पक विमान' और 'लिटिल जॉन' जैसी कालजयी फिल्में उनकी बहुमुखी प्रतिभा की गवाह हैं।

गौरतलब है कि 'मयूरी' — जिसने सुधा चंद्रन को स्टारडम दिलाया — एक वास्तविक जीवन पर आधारित कहानी थी जिसमें सुधा ने खुद का किरदार निभाया था। यह फिल्म न केवल एक कलाकार की आत्मकथा थी, बल्कि संघर्ष और साहस का प्रतीक भी बनी।

फिल्म इंडस्ट्री की श्रद्धांजलि

एस. एस. राजामौली ने सिंगीतम को याद करते हुए लिखा, 'सिंगीतम श्रीनिवास राव के निधन की खबर बेहद दुखद है। वह ऐसे फिल्मकार थे जिन्होंने अपने समय से आगे की सोच के साथ काम किया। उनकी फिल्मों में ऐसा नजरिया था, जो आज भी नई पीढ़ी को उतना ही ताजा महसूस होता है। उनके परिवार के प्रति मेरी संवेदना है। भगवान उनकी आत्मा को शांति दें।'

जूनियर एनटीआर ने भी अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा, 'उन्होंने अपनी अलग कहानी और नए अंदाज से दर्शकों के बीच खास जगह बनाई। उनका जाना सिनेमा के लिए बड़ी क्षति है।' इसके अलावा विजय देवरकोंडा, कमल हासन, विष्णु मांचू, रवि तेजा और नानी ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी।

कमल हासन का भावुक संस्मरण

कमल हासन और सिंगीतम के बीच लंबे समय से करीबी पेशेवर और निजी रिश्ता रहा। कमल हासन ने लिखा, 'सिंगीतम ने अपनी जिंदगी में हमेशा युवापन और नई सोच को जिंदा रखा। वह अपने दोस्तों और शिष्यों के साथ कदम से कदम मिलाकर चले और उनका हाथ थामे रखा — मैं उनमें से एक हूं। मैं उनकी तरह जिंदगी जीना चाहता हूं।'

यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय सिनेमा अपनी कुछ सबसे दूरदर्शी प्रतिभाओं को खो रहा है। सिंगीतम की विरासत उनकी फिल्मों और उन कलाकारों के माध्यम से जीवित रहेगी जिन्हें उन्होंने तराशा — जिनमें सुधा चंद्रन और कमल हासन सबसे प्रमुख हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जरूरी सवाल यह है कि क्या उनके प्रयोगधर्मी सिनेमा को आज की OTT-संचालित इंडस्ट्री में वह जगह मिलती जिसके वे हकदार थे।
RashtraPress
4 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिंगीतम श्रीनिवास राव कौन थे?
सिंगीतम श्रीनिवास राव भारतीय सिनेमा के दिग्गज फिल्मकार थे जिन्होंने तेलुगु, तमिल और हिंदी सहित कई भाषाओं में फिल्में बनाईं। 'पुष्पक विमान', 'मयूरी', 'आदित्य 369' और 'माइकल मदना कामा राजन' जैसी फिल्में उनकी अनूठी कहानी कहने की शैली की मिसाल हैं।
सिंगीतम श्रीनिवास राव का निधन कब और किस उम्र में हुआ?
सिंगीतम श्रीनिवास राव का निधन 95 वर्ष की आयु में हुआ। उनके जाने से भारतीय सिनेमा जगत में शोक की लहर है।
सुधा चंद्रन का सिंगीतम से क्या संबंध था?
सिंगीतम श्रीनिवास राव ने सुधा चंद्रन को फिल्म 'मयूरी' में निर्देशित किया था, जो तेलुगु सिनेमा में उनकी पहली फिल्म थी। सुधा ने उन्हें अपना 'फिल्मों का पहला गुरु' बताया और कहा कि उन्होंने उन्हें 'गीली मिट्टी से आकार दिया।'
किन-किन सितारों ने सिंगीतम को श्रद्धांजलि दी?
एस. एस. राजामौली, कमल हासन, जूनियर एनटीआर, विजय देवरकोंडा, विष्णु मांचू, रवि तेजा और नानी सहित कई नामचीन सितारों ने सिंगीतम को श्रद्धांजलि दी और भारतीय सिनेमा में उनके योगदान को याद किया।
सिंगीतम की सबसे यादगार फिल्में कौन-सी हैं?
सिंगीतम की सबसे यादगार फिल्मों में 'पुष्पक विमान', 'मयूरी', 'आदित्य 369', 'राजा पारवाई', 'अपूर्वा सहोधररगल', 'माइकल मदना कामा राजन', 'कधला कधला' और 'लिटिल जॉन' शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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