नीलू फुले की 17वीं पुण्यतिथि पर जैकी श्रॉफ ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि, 250+ फिल्मों के महान अभिनेता को किया याद
सारांश
मुख्य बातें
मराठी और हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नीलू फुले की 17वीं पुण्यतिथि पर सोमवार, 13 जुलाई 2026 को अभिनेता जैकी श्रॉफ ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। फुले को मराठी सिनेमा और रंगमंच के सबसे प्रभावशाली कलाकारों में गिना जाता है, जिन्होंने अपने करियर में 250 से अधिक मराठी और हिंदी फिल्मों में अभिनय किया।
जैकी श्रॉफ की भावुक श्रद्धांजलि
जैकी श्रॉफ ने दिवंगत अभिनेता की एक पुरानी तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, 'नीलू फुले जी को उनकी पुण्यतिथि पर याद कर रहा हूं।' हाथ जोड़ने वाले इमोजी के साथ साझा की गई इस पोस्ट ने फिल्म जगत और प्रशंसकों के बीच भावनात्मक लहर पैदा की। चार दशकों से अधिक समय से हिंदी फिल्म उद्योग का हिस्सा रहे श्रॉफ अपने साथियों और पूर्वजों की महत्वपूर्ण तारीखों को याद करने के लिए जाने जाते हैं।
नीलू फुले: एक अद्वितीय अभिनय यात्रा
नीलू फुले का जन्म महाराष्ट्र में हुआ था और वे मराठी रंगमंच से अपनी यात्रा शुरू कर सिनेमा की दुनिया में छा गए। पर्दे पर उनकी दमदार उपस्थिति — चाहे बेरहम जमींदार का किरदार हो, भ्रष्ट नेता हो, चालाक गाँव के मुखिया हो या खलनायक — दर्शकों के मन में गहरी छाप छोड़ती थी। उन्होंने नकारात्मक भूमिकाओं को जिस सूक्ष्मता और गहराई से निभाया, वह उन्हें अपने समकालीनों से अलग करती थी।
फुले केवल एक अभिनेता नहीं थे — वे एक सामाजिक कार्यकर्ता और रंगमंच कलाकार के रूप में भी समाज में अत्यंत सम्मानित थे। उनकी यह बहुआयामी पहचान उन्हें महाराष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा बनाती है।
यादगार फिल्में और विरासत
मराठी सिनेमा में उनकी कुछ सर्वाधिक चर्चित फिल्मों में 'सामना', 'सिंहासन', 'जैत रे जैत', 'एक होता विदूषक', 'पिंजरा' और 'सोबती' शामिल हैं। हिंदी सिनेमा में भी उन्होंने 'मशाल', 'कुली', 'सारांश', 'नरम गरम' और 'प्रेम प्रतिज्ञा' जैसी फिल्मों में अपनी अमिट छाप छोड़ी। इन फिल्मों की विविधता यह दर्शाती है कि फुले ने कभी खुद को किसी एक भाषा या शैली तक सीमित नहीं किया।
निधन और अंतिम विदाई
नीलू फुले का निधन 13 जुलाई 2009 को 78 वर्ष की आयु में एसोफेजियल कैंसर के कारण हुआ था। उनके जाने से मराठी और हिंदी सिनेमा ने एक ऐसा स्तंभ खो दिया जिसकी भरपाई आज भी संभव नहीं हो पाई है। हर वर्ष उनकी पुण्यतिथि पर फिल्म जगत के कलाकार उन्हें याद कर उनकी विरासत को जीवंत रखते हैं।
जैकी श्रॉफ: परंपरा के संरक्षक
बॉलीवुड में जैकी श्रॉफ को उनके साथियों और पूर्वजों की महत्वपूर्ण तारीखों को याद करने की परंपरा के लिए विशेष रूप से सराहा जाता है। उन्हें हाल ही में अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, रवीना टंडन और लारा दत्ता के साथ फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' में देखा गया था। नीलू फुले जैसे दिग्गजों को याद करने की उनकी यह आदत हिंदी फिल्म उद्योग में उनकी विनम्रता और सांस्कृतिक जागरूकता का प्रमाण है।