क्या जैकी श्रॉफ ने नंदा को भावुक श्रद्धांजलि दी है?

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क्या जैकी श्रॉफ ने नंदा को भावुक श्रद्धांजलि दी है?

सारांश

आज नंदा का जन्मदिन है, और जैकी श्रॉफ ने उन्हें एक भावुक श्रद्धांजलि दी है। इस लेख में जानें नंदा की अद्वितीयता और जैकी का खास वीडियो।

मुख्य बातें

नंदा का जन्म 8 जनवरी 1939 को हुआ था।
उन्होंने 30 साल का सफल करियर बिताया।
जैकी श्रॉफ ने नंदा को श्रद्धांजलि दी है।
नंदा का अंतिम फिल्म 'मजदूर' थी, जो 1983 में रिलीज हुई।
उनकी फिल्मों में उनकी अदाकारी आज भी याद की जाती है।

मुंबई, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम युग की प्रमुख अभिनेत्रियों में से एक, नंदा को आज भी उनकी सरलता, मासूमियत और दृढ़ अभिनय के लिए याद किया जाता है। उन्होंने उस समय फिल्मों में काम किया, जब महिला पात्रों को सीमित दायरों में देखा जाता था, लेकिन नंदा ने अपनी अदाकारी से उन सीमाओं को तोड़ा। उनकी अभिनय शैली में एक अलग तरह की गरिमा थी, जो उन्हें भीड़ से अलग बनाती थी।

उनका जन्म 8 जनवरी 1939 को हुआ था। आज भी फिल्म जगत से जुड़े लोग उन्हें याद कर रहे हैं। इसी कड़ी में अभिनेता जैकी श्रॉफ ने भी नंदा को भावनात्मक श्रद्धांजलि दी।

गुरुवार को जैकी श्रॉफ ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक खास वीडियो साझा किया। उन्होंने नंदा की विभिन्न फिल्मों और क्षणों की तस्वीरों को जोड़कर इसे बनाया, जिसने पुरानी यादों को ताजा कर दिया।

इस वीडियो के लिए उन्होंने बैकग्राउंड म्यूजिक के रूप में फिल्म 'जब जब फूल खिले' के प्रसिद्ध गीत 'ये समां समां है प्यार का' का उपयोग किया। यह गाना नंदा की पहचान था, जो आज भी लोगों के दिलों में बसा हुआ है। इस फिल्म का निर्देशन सूरज प्रकाश ने किया था और यह 1965 में रिलीज हुई थी।

जैकी श्रॉफ ने कैप्शन में लिखा, "हम नंदा जी को उनकी जयंती पर याद करते हैं।"

नंदा का फिल्मी करियर लगभग 30 वर्षों का रहा। उन्होंने चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में फिल्मों में कदम रखा था और धीरे-धीरे हिंदी सिनेमा की शीर्ष अभिनेत्रियों में अपनी जगह बनाई। 'छोटी बहन', 'धूल का फूल', 'भाभी', 'काला बाजार', 'कानून', 'हम दोनों', 'जब जब फूल खिले', 'गुमनाम', 'इत्तेफाक', 'द ट्रेन', और 'प्रेम रोग' जैसी फिल्मों में उनका अभिनय आज भी याद किया जाता है।

नंदा आखिरी बार 1983 में आई फिल्म 'मजदूर' में दिखाई दी थीं। इस फिल्म का निर्देशन रवि चोपड़ा ने किया था। इसमें दिलीप कुमार, राज बब्बर, सुरेश ओबेरॉय, रति अग्निहोत्री और जॉनी वॉकर जैसे बड़े कलाकार शामिल थे। इसके बाद नंदा ने फिल्मों से दूरी बना ली।

साल 2014 में नंदा का दिल का दौरा पड़ने से मुंबई स्थित उनके घर में निधन हो गया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

और उनका योगदान आज भी याद किया जाता है। जैकी श्रॉफ द्वारा दी गई श्रद्धांजलि ने हमें नंदा की अदाकारी की याद दिलाई है। यह दिखाता है कि सिनेमा में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नंदा का जन्म कब हुआ था?
नंदा का जन्म 8 जनवरी 1939 को हुआ था।
जैकी श्रॉफ ने नंदा को कैसे याद किया?
जैकी श्रॉफ ने नंदा के लिए एक भावनात्मक वीडियो साझा किया।
नंदा की कौन-कौन सी प्रमुख फिल्में हैं?
नंदा की प्रमुख फिल्मों में 'छोटी बहन', 'धूल का फूल', 'जब जब फूल खिले', आदि शामिल हैं।
नंदा का निधन कब हुआ?
साल 2014 में नंदा का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया।
नंदा के अभिनय की विशेषताएँ क्या थीं?
उनके अभिनय में सादगी, मासूमियत और गरिमा थी।
राष्ट्र प्रेस
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