गणेश उत्सव पर सुनीता आहूजा पहुंचीं कृष्णा अभिषेक के घर, पोतों रयान-कृषांग ने छुए पैर
सारांश
मुख्य बातें
सुनीता आहूजा, बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा की पत्नी, 19 सितंबर 2026 को अपने बेटे यशवर्धन आहूजा के साथ मुंबई में कृष्णा अभिषेक और उनकी पत्नी कश्मीरा शाह के घर गणपति दर्शन के लिए पहुंचीं। करीब 14 साल की पारिवारिक अनबन के बाद यह एक भावनात्मक और ऐतिहासिक पुनर्मिलन का क्षण था, जिसने त्योहार की खुशी को दोगुना कर दिया।
पोतों ने किया भावभीना स्वागत
सुनीता जैसे ही कृष्णा अभिषेक के घर में दाखिल हुईं, कृष्णा के जुड़वां बेटों रयान और कृषांग ने आगे बढ़कर अपनी दादी के पैर छुए और आशीर्वाद लिया। इस गर्मजोशी भरे स्वागत पर सुनीता ने भी दोनों पोतों पर भरपूर प्यार लुटाया। इस पल ने गणेश उत्सव के उत्सव को एक गहरा पारिवारिक रंग दे दिया।
14 साल बाद टूटी पारिवारिक दूरी
यह मुलाकात किसी साधारण त्योहारी मिलन से कहीं अधिक थी। गोविंदा और कृष्णा अभिषेक के परिवारों के बीच करीब 14 साल तक मनमुटाव रहा था। सुनीता ने इससे पहले रियलिटी शो 'लाफ्टर शेफ्स अनलिमिटेड एंटरटेनमेंट' सीजन 3 में सरप्राइज़ अपीयरेंस दी थी, जहाँ उन्होंने पहली बार सार्वजनिक रूप से कृष्णा और कश्मीरा से मुलाकात की थी। उस मौके पर सुनीता ने कहा था कि उन्होंने बीती बातों को भुलाकर कृष्णा और कश्मीरा को माफ करने का फैसला किया है।
उत्सव में परिवार ने एक साथ लिया आनंद
इस खास अवसर पर सुनीता आहूजा लाल बॉर्डर वाली पीली प्रिंटेड साड़ी में सजी-धजी नज़र आईं, जिसके साथ उन्होंने पारंपरिक आभूषण और बालों में फूल सजाए थे। कश्मीरा शाह ने मैचिंग चोली के साथ नीले रंग का एम्बेलिश्ड लहंगा पहना था, जबकि कृष्णा अभिषेक पर्ल व्हाइट कुर्ते में उपस्थित थे। गणपति सेलिब्रेशन के दौरान पूरे परिवार ने साथ मिलकर यादगार तस्वीरें खिंचवाईं।
कृष्णा ने जताई खुशी
इस पुनर्मिलन पर कृष्णा अभिषेक ने मीडिया के सामने अपनी प्रसन्नता जाहिर की। गौरतलब है कि सुनीता, कृष्णा की मामी हैं — वे बॉलीवुड सुपरस्टार गोविंदा की पत्नी और कृष्णा की मामा की धर्मपत्नी हैं। इस रिश्ते में सालों से जो दूरी थी, वह इस गणेश उत्सव पर प्रेम और आशीर्वाद में तब्दील होती दिखी।
पारिवारिक सुलह का संदेश
यह पारिवारिक मिलन इस बात का प्रतीक है कि त्योहार केवल आस्था का नहीं, बल्कि रिश्तों को फिर से जोड़ने का भी अवसर होते हैं। रयान और कृषांग के लिए यह पल विशेष रूप से अहम रहा, क्योंकि उन्होंने पहली बार अपनी दादी के साथ घर पर गणपति उत्सव मनाया। आने वाले समय में यह पारिवारिक मेल-मिलाप और गहरा होने की उम्मीद जताई जा रही है।