19 सितंबर 2026
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सायनी घोष का आह्वान: राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस-TMC गठबंधन बने, नंदीग्राम प्रत्याशी गिरफ्तारी पर भी बोलीं

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सायनी घोष का आह्वान: राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस-TMC गठबंधन बने, नंदीग्राम प्रत्याशी गिरफ्तारी पर भी बोलीं

सारांश

TMC सांसद सायनी घोष ने राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस-TMC गठबंधन की खुलकर वकालत की — साथ ही नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ा। मंत्री दिलीप घोष ने TMC की वापसी पर कांग्रेस की 'राजनीतिक संस्कृति' पर तंज कसा।

मुख्य बातें

TMC सांसद सायनी घोष ने 19 सितंबर 2026 को कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस-TMC गठबंधन बनना चाहिए ताकि विपक्षी एकता का असली संदेश जाए।
नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी पर घोष ने कहा — उन पर पहले से मामले लंबित थे, कोई भी चुनाव आयोग या अदालत जा सकता है।
ममता बनर्जी के कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन देने के सवाल पर घोष का जवाब — 'यह दोनों पार्टियों के बीच की बात है।' मंत्री दिलीप घोष ने TMC उम्मीदवार की वापसी पर कहा — बार-बार ऐसा करने से 'चुनाव ही खत्म हो जाएंगे', कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति पर निशाना साधा।
नंदीग्राम पश्चिम बंगाल की राजनीति में संवेदनशील सीट — 2021 विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी बनाम शुभेंदु अधिकारी की टक्कर यहीं हुई थी।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद सायनी घोष ने 19 सितंबर 2026 को कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कांग्रेस को राहुल गांधी के नेतृत्व में TMC के साथ औपचारिक गठबंधन करना चाहिए, ताकि विपक्षी एकता का वास्तविक संदेश जाए। उन्होंने यह भी कहा कि नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी के मामले में कोई भी चुनाव आयोग (ECI) या अदालत का रुख कर सकता है।

गठबंधन पर सायनी घोष का बयान

सायनी घोष ने पत्रकारों के सामने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'मुझे उम्मीद है कि राहुल गांधी की लीडरशिप में कांग्रेस, TMC के साथ गठबंधन करेगी। अगर ऐसा होता है, तो इससे एक बड़ा संदेश जाएगा कि यह गठबंधन असल मायनों में एक गठबंधन है, न कि सिर्फ कहने के लिए।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन में तालमेल को लेकर बार-बार सवाल उठते रहे हैं।

नंदीग्राम उपचुनाव और प्रत्याशी गिरफ्तारी

नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी के सवाल पर सायनी घोष ने कहा, 'कांग्रेस से उम्मीदवार बने नेता के बारे में मुझे कल तक जो पता था, उसके मुताबिक उन पर कुछ मामले लंबित थे। कोई भी चुनाव आयोग या अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है।' उन्होंने जोड़ा कि लोकतंत्र में कांग्रेस, TMC या भारतीय जनता पार्टी (BJP) — हर कोई अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का उपयोग करने के लिए स्वतंत्र है।

ममता बनर्जी के समर्थन पर प्रतिक्रिया

कांग्रेस प्रत्याशी को ममता बनर्जी के समर्थन से जुड़े सवाल पर सायनी घोष ने कहा कि 'यह राजनीति है और चुनाव से पहले क्या फैसले लिए जा सकते हैं, यह दोनों पार्टियों के बीच की बात है।' इस बयान को राजनीतिक विश्लेषक TMC की सतर्क कूटनीति के रूप में देख रहे हैं।

दिलीप घोष की तीखी टिप्पणी

उधर, पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने TMC उम्मीदवार के नामांकन वापस लेने पर कटाक्ष करते हुए कहा, 'बार-बार ऐसा करने से चुनाव खत्म हो जाएंगे। वे उम्मीदवार भी नहीं उतार पाएंगे और न ही चुनाव लड़ पाएंगे।' दिलीप घोष ने आगे कहा, 'ऐसा सिर्फ कांग्रेस और उनकी राजनीतिक संस्कृति से निकली पार्टियों के साथ ही होता है।' गौरतलब है कि यह बयान पश्चिम बंगाल में विपक्षी दलों के बीच चल रही खींचतान की पृष्ठभूमि में आया है।

राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह

नंदीग्राम उपचुनाव पश्चिम बंगाल की राजनीति में हमेशा से संवेदनशील रहा है। 2021 के विधानसभा चुनाव में इसी सीट पर ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच कड़ी टक्कर हुई थी। ऐसे में सायनी घोष का गठबंधन-आह्वान और दिलीप घोष की पलटवार टिप्पणी यह संकेत देती है कि उपचुनाव की प्रचार-राजनीति तेज़ होने वाली है। विपक्षी एकता की परीक्षा अब मैदान में होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ज़मीन पर बिखरा हुआ है। कांग्रेस और TMC के बीच पश्चिम बंगाल में सीटों पर सहमति की कमी बार-बार विपक्षी एकता की कहानी को कमज़ोर करती रही है। नंदीग्राम उपचुनाव में एक-दूसरे के उम्मीदवारों पर बयानबाज़ी यही दर्शाती है कि गठबंधन के दावे और धरातल की राजनीति के बीच गहरी खाई है। मुख्यधारा की कवरेज बयानों पर टिकी है — असली सवाल यह है कि क्या दोनों दल 2029 से पहले सीट-बंटवारे पर कभी सहमत हो पाएंगे।
RashtraPress
19 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सायनी घोष ने कांग्रेस-TMC गठबंधन पर क्या कहा?
TMC सांसद सायनी घोष ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस को TMC के साथ गठबंधन करना चाहिए, ताकि विपक्षी एकता का एक वास्तविक संदेश जाए। उनके अनुसार बिना औपचारिक गठबंधन के यह महज़ दिखावा बनकर रह जाएगा।
नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी को क्यों गिरफ्तार किया गया?
सायनी घोष के अनुसार कांग्रेस उम्मीदवार पर पहले से कुछ मामले लंबित थे। उन्होंने गिरफ्तारी की विस्तृत जानकारी नहीं दी, लेकिन कहा कि इस मामले में चुनाव आयोग या अदालत का दरवाजा खटखटाया जा सकता है।
दिलीप घोष ने TMC उम्मीदवार की वापसी पर क्या टिप्पणी की?
पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि बार-बार नामांकन वापस लेने से चुनाव ही खत्म हो जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यह प्रवृत्ति कांग्रेस और उसकी राजनीतिक संस्कृति से निकली पार्टियों में ही देखने को मिलती है।
नंदीग्राम राजनीतिक रूप से इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
नंदीग्राम 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में उस सीट के रूप में चर्चित हुई जहाँ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और BJP के शुभेंदु अधिकारी के बीच कड़ी टक्कर हुई थी। इस सीट पर राजनीतिक प्रतिस्पर्धा राज्य की सत्ता-राजनीति का प्रतीक बन चुकी है।
क्या 'इंडिया' गठबंधन में कांग्रेस और TMC के बीच सीट-बंटवारा तय है?
फिलहाल पश्चिम बंगाल में कांग्रेस और TMC के बीच सीट-बंटवारे पर कोई औपचारिक सहमति नहीं बनी है। सायनी घोष का बयान इसी अनिश्चितता को उजागर करता है और दर्शाता है कि राष्ट्रीय स्तर पर 'इंडिया' गठबंधन राज्य-स्तर पर बिखरा हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
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