सायनी घोष का आह्वान: राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस-TMC गठबंधन बने, नंदीग्राम प्रत्याशी गिरफ्तारी पर भी बोलीं
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद सायनी घोष ने 19 सितंबर 2026 को कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कांग्रेस को राहुल गांधी के नेतृत्व में TMC के साथ औपचारिक गठबंधन करना चाहिए, ताकि विपक्षी एकता का वास्तविक संदेश जाए। उन्होंने यह भी कहा कि नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी के मामले में कोई भी चुनाव आयोग (ECI) या अदालत का रुख कर सकता है।
गठबंधन पर सायनी घोष का बयान
सायनी घोष ने पत्रकारों के सामने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'मुझे उम्मीद है कि राहुल गांधी की लीडरशिप में कांग्रेस, TMC के साथ गठबंधन करेगी। अगर ऐसा होता है, तो इससे एक बड़ा संदेश जाएगा कि यह गठबंधन असल मायनों में एक गठबंधन है, न कि सिर्फ कहने के लिए।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन में तालमेल को लेकर बार-बार सवाल उठते रहे हैं।
नंदीग्राम उपचुनाव और प्रत्याशी गिरफ्तारी
नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी के सवाल पर सायनी घोष ने कहा, 'कांग्रेस से उम्मीदवार बने नेता के बारे में मुझे कल तक जो पता था, उसके मुताबिक उन पर कुछ मामले लंबित थे। कोई भी चुनाव आयोग या अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है।' उन्होंने जोड़ा कि लोकतंत्र में कांग्रेस, TMC या भारतीय जनता पार्टी (BJP) — हर कोई अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का उपयोग करने के लिए स्वतंत्र है।
ममता बनर्जी के समर्थन पर प्रतिक्रिया
कांग्रेस प्रत्याशी को ममता बनर्जी के समर्थन से जुड़े सवाल पर सायनी घोष ने कहा कि 'यह राजनीति है और चुनाव से पहले क्या फैसले लिए जा सकते हैं, यह दोनों पार्टियों के बीच की बात है।' इस बयान को राजनीतिक विश्लेषक TMC की सतर्क कूटनीति के रूप में देख रहे हैं।
दिलीप घोष की तीखी टिप्पणी
उधर, पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने TMC उम्मीदवार के नामांकन वापस लेने पर कटाक्ष करते हुए कहा, 'बार-बार ऐसा करने से चुनाव खत्म हो जाएंगे। वे उम्मीदवार भी नहीं उतार पाएंगे और न ही चुनाव लड़ पाएंगे।' दिलीप घोष ने आगे कहा, 'ऐसा सिर्फ कांग्रेस और उनकी राजनीतिक संस्कृति से निकली पार्टियों के साथ ही होता है।' गौरतलब है कि यह बयान पश्चिम बंगाल में विपक्षी दलों के बीच चल रही खींचतान की पृष्ठभूमि में आया है।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
नंदीग्राम उपचुनाव पश्चिम बंगाल की राजनीति में हमेशा से संवेदनशील रहा है। 2021 के विधानसभा चुनाव में इसी सीट पर ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच कड़ी टक्कर हुई थी। ऐसे में सायनी घोष का गठबंधन-आह्वान और दिलीप घोष की पलटवार टिप्पणी यह संकेत देती है कि उपचुनाव की प्रचार-राजनीति तेज़ होने वाली है। विपक्षी एकता की परीक्षा अब मैदान में होगी।