टीएमसी का पलटवार: कुणाल घोष बोले — राहुल गांधी बंगाल में भाजपा को फायदा पहुंचा रहे
सारांश
Key Takeaways
- टीएमसी नेता कुणाल घोष ने राहुल गांधी को 'गद्दार' और 'विफल नेता' बताया।
- कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी बंगाल में वोट बांटकर भाजपा को फायदा पहुंचा रहे हैं।
- राहुल गांधी ने दक्षिण 24 परगना की रैली में भाजपा-टीएमसी की मिलीभगत का आरोप लगाया।
- 2021 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बंगाल में एक भी सीट नहीं मिली थी, फिर भी पार्टी 2026 में स्वतंत्र रूप से मैदान में है।
- राष्ट्रीय स्तर पर इंडिया गठबंधन के सहयोगी बंगाल में एक-दूसरे के खिलाफ लड़ रहे हैं।
- यह विवाद अंतिम चरण के मतदान से ठीक पहले उभरा है, जो मतदाताओं के मन पर असर डाल सकता है।
कोलकाता, 26 अप्रैल: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण के मतदान से ठीक पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव तीखा हो गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बंगाल में ममता बनर्जी सरकार पर जोरदार हमला बोला, जिसके जवाब में टीएमसी नेता कुणाल घोष ने राहुल गांधी को 'गद्दार' और 'विफल नेता' करार दिया।
बेलियाघाटा में नुक्कड़ सभा से कुणाल घोष का हमला
तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार कुणाल घोष ने कोलकाता के बेलियाघाटा स्थित कोलकाता नगर निगम के वार्ड संख्या 28 में एक नुक्कड़ सभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधा।
कुणाल घोष ने कहा, "राहुल गांधी एक नाकाम नेता हैं। भाजपा उन्हें 'पप्पू' कहती है और उनकी नजर में यह बिल्कुल सही भी है।" उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी बंगाल में वोट बांटने और भाजपा को लाभ पहुंचाने के लिए घूम रहे हैं।
राहुल गांधी पर 'गद्दारी' का आरोप
कुणाल घोष ने कहा, "जिन राज्यों में कांग्रेस की जिम्मेदारी थी — हरियाणा, दिल्ली, बिहार और महाराष्ट्र — वहां राहुल गांधी भाजपा को जीतने से नहीं रोक पाए।" उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी बंगाल में भाजपा को रोकने की लड़ाई लड़ रही हैं, जबकि राहुल गांधी यहां आकर वोट बांट रहे हैं।
टीएमसी नेता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि "राहुल गांधी गद्दारी कर रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस कभी राष्ट्रीय राजनीति में गद्दारी नहीं करती।" यह बयान राजनीतिक हलकों में हलचल मचाने वाला माना जा रहा है।
राहुल गांधी ने क्या कहा था?
इससे पहले राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना में एक जनसभा को संबोधित किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और टीएमसी मिलकर बंगाल को तबाह करने में जुटे हैं।
राहुल गांधी ने कहा, "बंगाल में रोजगार तभी मिलता है जब आप टीएमसी से जुड़े हों। आम लोग बस हाथ मलते रह जाते हैं। भ्रष्टाचार में ममता बनर्जी किसी से कम नहीं हैं।" उन्होंने एक जनहितैषी सरकार बनाने का संकल्प दोहराया।
राजनीतिक संदर्भ और गहरा विश्लेषण
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब इंडिया गठबंधन के भीतर दरारें पहले से ही उजागर हो चुकी हैं। पश्चिम बंगाल में टीएमसी ने कांग्रेस के साथ कोई सीट-बंटवारा नहीं किया, जिससे दोनों दल अलग-अलग मैदान में हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस की उपस्थिति बंगाल में टीएमसी विरोधी वोटों को विभाजित कर सकती है, जिसका सीधा फायदा भाजपा को मिल सकता है।
गौरतलब है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस बंगाल में लगभग पूरी तरह साफ हो गई थी और उसे एक भी सीट नहीं मिली थी। इसके बावजूद पार्टी ने 2026 में स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने का फैसला किया, जिसे टीएमसी अपने लिए खतरे के रूप में देख रही है।
विडंबना यह है कि राष्ट्रीय स्तर पर दोनों दल भाजपा के विरुद्ध एकजुट होने का दावा करते हैं, लेकिन बंगाल में एक-दूसरे पर भाजपा की मदद करने का आरोप लगा रहे हैं। यह स्थिति विपक्षी एकता की असलियत को उजागर करती है।
आगे क्या होगा?
पश्चिम बंगाल में अंतिम चरण का मतदान होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि कांग्रेस की उपस्थिति ने वास्तव में किसे नुकसान पहुंचाया। नतीजों के बाद इंडिया गठबंधन के भीतर सीट-बंटवारे और रणनीतिक समन्वय पर बड़ा विमर्श शुरू होने की संभावना है।