नाना पाटेकर के निधन पर तनुश्री दत्ता के 'इविल डेड' बयान की एआईसीडब्ल्यू ने की कड़ी निंदा
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें 'इविल डेड' कहा, जिसके बाद सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना का सिलसिला शुरू हो गया। 9 अक्टूबर 2026 को ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (एआईसीडब्ल्यू) ने इस बयान को 'इंसानियत के खिलाफ' करार देते हुए औपचारिक रूप से निंदा की।
एआईसीडब्ल्यू की आधिकारिक प्रतिक्रिया
एआईसीडब्ल्यू के अध्यक्ष इंजीनियर सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक आधिकारिक वक्तव्य जारी किया। उन्होंने कहा, "एआईसीडब्ल्यू, महान अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर तनुश्री दत्ता के 'इविल डेड' वाले बयान की कड़ी निंदा करता है। पूरी फिल्म इंडस्ट्री और पूरा देश नाना पाटेकर के निधन पर शोक में है।"
गुप्ता ने नाना पाटेकर की विरासत को रेखांकित करते हुए कहा कि वे पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित थे, कारगिल युद्ध के दौरान उन्होंने देश की सेवा की थी और उनके नाम की फाउंडेशन संकट में किसानों के परिवारों के साथ खड़ी रही। उन्होंने संगठन की ओर से दिवंगत अभिनेता को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिवार के प्रति संवेदनाएँ व्यक्त कीं।
बयान को 'इंसानियत के खिलाफ' बताया
सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने कहा, "किसी व्यक्ति की मौत के बाद ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करना इंसानियत के खिलाफ है। आज तक हमारी फिल्म इंडस्ट्री में किसी ने किसी के निधन के बाद ऐसा बयान नहीं दिया है।" उन्होंने तनुश्री दत्ता को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि "आप पहली हैं और हम प्रार्थना करते हैं कि आप आखिरी हों।"
उनका यह वक्तव्य बॉलीवुड में शोक की मर्यादा और सार्वजनिक बोलचाल की सीमाओं को लेकर एक व्यापक बहस को जन्म देता है। गौरतलब है कि नाना पाटेकर का निधन देश के लिए एक बड़ी सांस्कृतिक क्षति मानी जा रही है।
तनुश्री दत्ता को सीधी हिदायत
गुप्ता ने अभिनेत्री को उनके काम से मतलब रखने की नसीहत देते हुए कहा, "आपने कहा कि आप एक बड़े कार्यक्रम के लिए लखनऊ जा रही हैं और आपका पूरा दिन पहले से तय है। अपना काम करिए, किसी ने भी आपसे इस पर प्रतिक्रिया देने के लिए नहीं कहा था।"
उन्होंने आगे कहा, "जिस दिन देश एक महान कलाकार के निधन पर शोक मना रहा है, उस दिन अपने कार्यक्रम और अपनी योजनाओं के बारे में बात करना बहुत छोटी सोच को दिखाता है। आपको अपनी जुबान पर नियंत्रण रखना चाहिए था।" इस वक्तव्य के साथ उन्होंने यह भी कहा कि इंडस्ट्री के लोग जानते हैं कि ऐसे मौके पर क्या बोलना है और कब चुप रहना है।
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया
तनुश्री दत्ता के बयान के बाद सोशल मीडिया पर व्यापक आलोचना हुई। नाना पाटेकर की सामाजिक सेवाओं और उनकी सिनेमाई विरासत को याद करते हुए अनेक लोगों ने इस बयान को अनुचित और असंवेदनशील बताया। यह ऐसे समय में आया है जब पूरी फिल्म इंडस्ट्री और देश शोक में है।
एआईसीडब्ल्यू ने अंत में नाना पाटेकर की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और इस विवाद के आगे भी फिल्म जगत में शिष्टाचार की परंपरा बनाए रखने का आह्वान किया।