क्या आमिर खान ने टीजीएफ में खेल के महत्व पर जोर दिया?
सारांश
Key Takeaways
- खेल बच्चों के विकास में महत्वपूर्ण है।
- आमिर खान ने खेल के माध्यम से व्यक्तित्व के निर्माण पर जोर दिया।
- टीजीएफ युवा प्रतिभाओं को अवसर प्रदान करता है।
- बच्चों को आत्मविश्वास और जिम्मेदारी सिखाने के लिए खेल जरूरी है।
- खेल में मार्गदर्शन का होना आवश्यक है।
मुंबई, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बॉलीवुड के महानायक आमिर खान ने 'द गोल्फ फाउंडेशन' (टीजीएफ) के 18वें वार्षिक गोल्फ टूर्नामेंट में भाग लिया। यह आयोजन ऐतिहासिक बंबई प्रेसिडेंसी गोल्फ क्लब में हुआ। इस अवसर पर आमिर खान ने बच्चों के जीवन में खेल के महत्व पर जोर दिया।
अभिनेता का मानना है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर हर बच्चा अपनी प्रतिभा को दुनिया के सामने ला सकता है और अपने जीवन में स्थायी परिवर्तन कर सकता है। कार्यक्रम में खेल, बॉलीवुड, व्यापार और समाजसेवा से जुड़े कई प्रमुख अतिथियों ने भाग लिया।
आमिर खान ने कहा, "खेल केवल मनोरंजन या प्रतियोगिता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों के व्यक्तित्व और जीवन को बदलने की ताकत रखता है। खेल हमें धैर्य, विनम्रता और मुश्किलों का सामना करने की क्षमता सिखाता है और ये गुण जीवन के हर क्षेत्र में काम आते हैं।"
टीजीएफ के 26 वर्षों के कार्य को सराहते हुए आमिर खान ने कहा, "यह संस्था बच्चों को केवल खेल तक पहुँचाने का काम नहीं करती, बल्कि उन्हें खुद पर विश्वास और जीवन में सफल होने का अवसर भी प्रदान करती है।"
यह टूर्नामेंट ऐतिहासिक बंबई प्रेसिडेंसी गोल्फ क्लब में आयोजित किया गया। इसमें संगीतकार राघव सच्चर, नगर निगम के आयुक्त कैलाश शिंदे, वार्नर ब्रोस के प्रबंध निदेशक अर्जुन नोहवार और साशी रेड्डी, आयकर विभाग के दिलीप शर्मा और बीएमडब्ल्यू नवनीत मोटर्स के जॉन विलकॉक्स सहित कई अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने भाग लिया। आयोजन का उद्देश्य बच्चों को खेल के अवसर प्रदान करना और उनके विकास के लिए फंड जुटाना था।
आमिर खान ने इस अवसर पर कहा कि खेल का सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर बच्चे जीवन में न केवल बेहतर खिलाड़ी बन सकते हैं, बल्कि आत्मविश्वासी और जिम्मेदार व्यक्ति भी बन सकते हैं।
द गोल्फ फाउंडेशन की स्थापना 2000 में अमित लूथरा ने की थी। वे खुद राष्ट्रीय गोल्फ चैंपियन रह चुके हैं और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित हैं। उन्होंने गोल्फ को केवल विशेष वर्ग तक सीमित समझने की सोच को बदलने का लक्ष्य रखा।
अमित लूथरा ने कहा, "जब हमने शुरुआत की थी, तो लक्ष्य सरल और स्पष्ट था कि किसी भी बच्चे की प्रतिभा उसकी परिस्थितियों से सीमित न हो। आज 26 साल बाद भी यही उद्देश्य है, लेकिन जिम्मेदारी और बढ़ गई है। हम केवल गोल्फ खिलाड़ी नहीं बना रहे हैं, बल्कि ऐसे व्यक्ति तैयार कर रहे हैं जिनमें अनुशासन, चरित्र और जीवन के हर क्षेत्र में सफल होने की क्षमता हो।"