क्या फिटकरी पानी से पौधों की सेहत और फूलों की वृद्धि में सच में मदद मिलती है?
सारांश
Key Takeaways
- फिटकरी का पानी पौधों की सेहत के लिए लाभकारी हो सकता है।
- इसका उपयोग सही मात्रा में करना आवश्यक है।
- कुछ पौधों के लिए यह हानिकारक हो सकता है।
- फिटकरी मिट्टी के पीएच को संतुलित करती है।
- इसका सही उपयोग करने से फूलों की संख्या बढ़ सकती है।
नई दिल्ली, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सोशल मीडिया पर अक्सर ऐसे पोस्ट मिलते हैं, जिनमें पौधों की सेहत के लिए विभिन्न घरेलू उपायों को बताया जाता है। उनमें से एक उपाय है फिटकरी, जिसके बारे में कहा जाता है कि इसका पानी डालने से पौधे तेज़ी से बढ़ते हैं और गमलों में 100 की बजाय 200 फूल आने लगते हैं। लेकिन क्या यह सच में इतना अद्भुत है?
वास्तव में, फिटकरी कोई सुपर-फूड या खाद नहीं है, बल्कि यह मिट्टी का सही पीएच बनाए रखने और कीटाणुओं को हटाने का एक उपाय है। इसका उचित मात्रा में उपयोग पौधों के लिए लाभकारी होता है, लेकिन अधिक या गलत तरीके से डालने पर पौधे को नुकसान भी पहुंच सकता है।
फिटकरी मिट्टी को हल्का अम्लीय बनाती है। कुछ पौधों के लिए यह बहुत फायदेमंद होती है, जैसे गुलाब, गुड़हल, ब्लू अपराजिता, हाइड्रेंजिया, साइट्रस और बेरीज़। जब मिट्टी का पीएच सही होता है, तो इन पौधों में फूल जल्दी आते हैं, कलियां अधिक होती हैं और पत्तियां भी चमकदार दिखाई देती हैं। इसके अतिरिक्त, फिटकरी में एंटी-फंगल और एंटी-बैक्टीरियल गुण भी होते हैं। इसका मतलब है कि जड़ों में सड़न कम होती है, कीटाणु कम होते हैं, और मिट्टी हल्की और साफ रहती है।
इसके अलावा, फिटकरी जड़ों को मजबूत बनाती है और नमी को पकड़ने की क्षमता बढ़ाती है। इससे पौधा स्वस्थ रहता है और फूल और फल अपने आप बढ़ते हैं। यही कारण है कि लोग कहते हैं कि फिटकरी डालने से फूल दोगुने हो गए।
लेकिन ध्यान रखना आवश्यक है कि फिटकरी कोई NPK वाली खाद नहीं है। इसलिए इसे अधिक डालने से पौधा जल सकता है और पोषण की कमी भी हो सकती है। हमेशा इसे खाद या वर्मी कम्पोस्ट के साथ मिलाकर डालें।
फिटकरी का पानी बनाने का सरल तरीका यह है कि 1 लीटर पानी में लगभग 2 ग्राम फिटकरी डालकर रातभर भिगो दें और अगले दिन इसे पौधों में डालें। इसका उपयोग हर 20-25 दिन में एक बार करें। अगर स्प्रे करना हो तो 1 लीटर पानी में 1 ग्राम फिटकरी डालकर पत्तियों और मिट्टी पर हल्का छिड़काव करें, महीने में केवल 1 बार। हालांकि, मनी प्लांट, स्नेक प्लांट, पोथोस, एलोवेरा और सक्यूलेंट्स में कभी फिटकरी का पानी न डालें क्योंकि यह इन पौधों को नुकसान पहुंचा सकता है।