11 अगस्त 2026
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क्या मीडिया संस्थान से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सुनील जाखड़ ने पंजाब सरकार को तमाचा कहा?

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क्या मीडिया संस्थान से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सुनील जाखड़ ने पंजाब सरकार को तमाचा कहा?

सारांश

सुप्रीम कोर्ट ने एक मीडिया संस्थान के खिलाफ पंजाब सरकार की कार्रवाई को गलत ठहराया है। सुनील जाखड़ ने इसे मीडिया की स्वतंत्रता की जीत बताया है। इस फैसले ने भगवंत मान सरकार के रवैये को कठघरे में खड़ा कर दिया है। क्या यह निर्णय पंजाब सरकार के लिए नई चुनौतियाँ लेकर आएगा?

मुख्य बातें

सुप्रीम कोर्ट का फैसला मीडिया की स्वतंत्रता को सुनिश्चित करता है।
भगवंत मान सरकार को इस फैसले से सबक लेना चाहिए।
प्रिंटिंग प्रेस को बंद करने का कोई औचित्य नहीं है।

नई दिल्ली, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब सरकार द्वारा एक मीडिया संस्थान पर की गई कार्रवाई से संबंधित मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने खुले दिल से स्वागत किया है। उन्होंने इसे मीडिया की स्वतंत्रता की जीत और भगवंत मान सरकार के रवैये पर एक करारा तमाचा बताया है।

सुनील जाखड़ ने अपने सोशल मीडिया खाते 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा, "सुप्रीम कोर्ट का निर्णय मीडिया की स्वतंत्रता को बनाए रखते हुए भगवंत मान सरकार के दमनकारी रवैये से आजाद मीडिया को दबाने की कोशिशों पर रोक लगा देता है। यह घमंडी आप सरकार के चेहरे पर एक तमाचा है। बेहतर होगा कि सरकार इससे सबक ले। हम सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का स्वागत करते हैं।"

वास्तव में, एक अखबार समूह ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी, जिसमें बताया गया था कि पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने उसके एक प्रिंटिंग प्रेस और प्रबंधन से जुड़े एक होटल को बंद कर दिया है। याचिकाकर्ता ने इस कार्रवाई को गलत और मनमाना बताया।

मामले की सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल राहत देते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रिंटिंग प्रेस को बंद नहीं किया जाएगा। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने साफ किया कि सरकार चाहे तो व्यवसाय या होटल पर कार्रवाई कर सकती है, लेकिन अखबार को बंद नहीं किया जा सकता। अदालत ने यह भी कहा कि प्रदूषण का बहाना बनाकर अखबारों को बंद करना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

सुप्रीम कोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम टिप्पणी किए बिना यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया और निर्देश दिया कि प्रिंटिंग प्रेस बिना किसी रुकावट के चलता रहे। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि उसका होटल से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन प्रेस को बंद करना गलत है।

इसके अलावा, पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि संबंधित होटल में प्रदूषण से जुड़ी समस्याएं पाई गई थीं। इसके अलावा, सरकार ने यह भी दावा किया कि प्रिंटिंग प्रेस में शराब की दो बोतलें मिली हैं। इस मामले में हाईकोर्ट पहले ही विस्तृत सुनवाई कर फैसला सुरक्षित रख चुका है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुप्रीम कोर्ट का फैसला किस मामले में आया?
सुप्रीम कोर्ट का फैसला पंजाब सरकार द्वारा एक मीडिया संस्थान पर की गई कार्रवाई से संबंधित है।
सुनील जाखड़ ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर क्या कहा?
सुनील जाखड़ ने इसे मीडिया की स्वतंत्रता की जीत और भगवंत मान सरकार के रवैये पर एक तमाचा बताया।
सुप्रीम कोर्ट ने प्रिंटिंग प्रेस को बंद करने के बारे में क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रिंटिंग प्रेस को बंद नहीं किया जाएगा और इसे बिना रुकावट चलने दिया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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