बप्पी लाहिड़ी के पोते रेगो बी बोले — '20-30 हज़ार लोगों के सामने दादा जी के साथ गाया, वो यादें जिंदगीभर साथ रहेंगी'
सारांश
मुख्य बातें
सिंगर रेगो बी, दिवंगत म्यूजिक लेजेंड बप्पी लाहिड़ी के पोते, इन दिनों अपने नए गाने 'चांद' को लेकर सुर्खियों में हैं। 21 सितंबर 2026 को अपने 17वें जन्मदिन पर रिलीज़ हुए इस गाने की चर्चा के बीच उन्होंने अपने दादा जी के साथ बिताए बचपन के उन अनमोल पलों को साझा किया, जब महज 6-7 साल की उम्र में वह हज़ारों दर्शकों के सामने स्टेज पर परफॉर्म किया करते थे।
स्टेज की वो यादें जो कभी नहीं भूलेंगी
रेगो ने बताया कि बचपन में वह बप्पी दा के साथ कॉन्सर्ट और चैरिटी इवेंट्स में जाया करते थे, और कई बार स्टेज पर उनके साथ गाना भी गाते थे। अपनी उस उम्र को याद करते हुए रेगो ने कहा, 'मैं अक्सर अपने दादा जी के साथ स्टेज पर गाता था और कभी-कभी सामने 20 से 30 हज़ार लोगों की भीड़ होती थी। उस उम्र में मुझे अंदाज़ा नहीं था कि मैं कितने बड़े ऑडियंस के सामने परफॉर्म कर रहा हूँ, लेकिन बप्पी दा के साथ स्टेज शेयर करने की एनर्जी और खुशी मुझे हमेशा महसूस होती थी।'
उन्होंने आगे कहा, 'ये अनुभव आज भी मेरे लिए बेहद खास हैं और मैं इन यादों को पूरी ज़िंदगी अपने साथ लेकर चलूँगा।' यह ऐसे समय में आया है जब युवा कलाकारों की पीढ़ी संगीत की विरासत और पहचान दोनों को एक साथ थामने की कोशिश कर रही है।
म्यूजिक की तालीम: बप्पी दा का सबक
रेगो ने बताया कि उनके दादाजी ने उन्हें केवल धुनें नहीं, बल्कि गायकी की बारीकियाँ भी सिखाईं। उनके अनुसार, 'म्यूजिक के मामले में बप्पी दा ने मुझे तालीम और एक्सप्रेशन की अहमियत समझाई। इसके साथ ही वह गाते समय हर शब्द को साफ तरीके से बोलने पर भी काफी ज़ोर देते थे।' रेगो का कहना है कि ये सभी बातें आज उनके सिंगिंग स्टाइल का अभिन्न हिस्सा बन चुकी हैं।
जीवन का सबक: विनम्रता और संयम
म्यूजिक से परे बप्पी लाहिड़ी की सबसे बड़ी सीख को याद करते हुए रेगो ने कहा, 'मेरे दादाजी हमेशा विनम्र, शांत और ज़मीन से जुड़े रहने की सीख देते थे। उनका मानना था कि इंसान को कितनी भी सफलता मिल जाए, उसे अपने व्यवहार में बदलाव नहीं लाना चाहिए।' उन्होंने कहा कि वह भी अपनी ज़िंदगी में इस सीख को अपनाने की कोशिश करते हैं।
गौरतलब है कि बप्पी लाहिड़ी भारतीय डिस्को संगीत के पितामह माने जाते हैं, जिनकी धुनों ने कई दशकों तक फिल्म इंडस्ट्री को रंगीन रखा। उनके निधन के बाद उनकी विरासत को रेगो जैसे युवा कलाकार आगे ले जाने की कोशिश में हैं।
'चांद' गाने की कहानी
रेगो बी का नया गाना 'चांद' जी म्यूज़िक कंपनी के प्रेज़ेंटेशन में रिलीज़ हुआ है। सिंगर ने कहा कि यह गाना उस एहसास को दर्शाता है जब कोई इंसान अपनी ज़िंदगी में किसी ऐसे शख्स को तलाश करना चाहता है जिसे वह अपना कह सके। यह गाना उनके पाँच साल के म्यूज़िक सफर में एक नया अध्याय है।
पाँच साल का संगीत सफर
रेगो बी ने महज 12 साल की उम्र में 'बच्चा पार्टी' गाने से अपनी पहचान बनानी शुरू की थी। अब 17 साल की उम्र में वह संगीत की दुनिया में अपनी अलग छाप छोड़ने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। आने वाले समय में उनकी अगली म्यूज़िकल प्रस्तुतियाँ इस विरासत की अगली कड़ी बनेंगी।