टीवी से बॉलीवुड में पहुंचना: उल्का गुप्ता की संघर्ष भरी कहानी
सारांश
Key Takeaways
- उल्का गुप्ता ने टीवी से फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा।
- उन्हें 'झांसी की रानी' में पहचान मिली।
- उल्का का कहना है कि महत्वपूर्ण मेहनत और संघर्ष है।
- फिल्में समाज की सच्चाई को दर्शाती हैं।
- उल्का ने 'सिम्बा' और 'केरल स्टोरी 2' में महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाईं।
मुंबई, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। हर कलाकार की यात्रा एक्टिंग इंडस्ट्री में अनोखी होती है। कुछ कलाकार फिल्मों से शुरुआत करते हैं जबकि कई टीवी के माध्यम से अपने करियर की ओर बढ़ते हैं, लेकिन एक प्लेटफॉर्म पर पहचान बनाकर दूसरे में कदम रखना कभी आसान नहीं होता।
अभिनेत्री उल्का गुप्ता के लिए भी टीवी से फिल्मों में आना एक चुनौतीपूर्ण अनुभव रहा है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत टीवी से की थी और धीरे-धीरे फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाई। उल्का ने राष्ट्र प्रेस को दिए एक इंटरव्यू में अपने करियर की यात्रा का जिक्र किया।
उल्का ने कहा, "टीवी से फिल्म इंडस्ट्री तक का सफर बिल्कुल सरल नहीं था। मैंने कई सालों तक छोटे पर्दे पर काम किया और अभिनय की बारीकियों को सीखा, लेकिन जब फिल्मों में कदम रखा तो कई ऑडिशन्स से गुजरना पड़ा और खुद को साबित करना पड़ा। आज मैं जहां हूं, वहां तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत की है।"
ज्ञात रहे कि उल्का ने अपने करियर की शुरुआत लोकप्रिय टीवी शो 'झांसी की रानी' से की थी। इस शो में उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई के बचपन के किरदार 'मणिकर्णिका' की भूमिका निभाई, जिसने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। इस शो के बारे में उन्होंने कहा, "इसने मेरे करियर को एक मजबूत नींव दी और मुझे एक बेहतर कलाकार बनने में मदद की।"
उल्का ने अपना फिल्मी सफर 'सिम्बा' से शुरू किया, जिसमें उन्होंने अभिनेता रणवीर सिंह की बहन का रोल निभाया। इसके अलावा, 'केरल स्टोरी 2' में उन्होंने 'सुरेखा' का किरदार निभाया।
इस संबंध में उन्होंने कहा, "फिल्में समाज का आईना होती हैं। समाज में जो कुछ भी घटित होता है, वही फिल्मों के जरिए दिखाया जाता है, और कई बार समस्या का समाधान भी प्रस्तुत करती हैं।"