उर्वशी रौतेला का नैनीताल से अनूठा संबंध, यहां आकर करती हैं ये खास गतिविधियां
सारांश
Key Takeaways
- उर्वशी रौतेला का नैनीताल से गहरा रिश्ता है।
- वह नैनीताल में नाव की सवारी करना पसंद करती हैं।
- उर्वशी की सोशल मीडिया पर सक्रियता उनके प्रशंसकों के लिए खास है।
- उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मॉडलिंग से की थी।
- नैनीताल उनके ननिहाल का स्थान है।
मुंबई, 24 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रसिद्ध अभिनेत्री उर्वशी रौतेला ने हमेशा अपनी अदाकारी और ग्लैमर के लिए सुर्खियां बटोरी हैं। चाहे बॉलीवुड हो या साउथ सिनेमा, उन्होंने अपनी अनोखी पहचान अपने स्टाइल, प्रदर्शन और ऊर्जा से बनाई है। जितना उन्हें अभिनय और नृत्य पसंद है, उतना ही यात्रा करना भी। उनकी सबसे प्रिय जगह नैनीताल है, जिसका उनके साथ गहरा रिश्ता है।
उर्वशी रौतेला का जन्म 25 फरवरी 1994 को उत्तर प्रदेश के भरतपुर में हुआ। बचपन से ही उन्हें कला और अभिनय का शौक था। उन्होंने स्कूल और कॉलेज के दिनों में ही कार्यक्रमों में भाग लेना शुरू कर दिया था। उनके परिवार ने हमेशा उनके उत्साह और जुनून को बढ़ावा दिया।
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मॉडलिंग से की और कई ब्यूटी पेजेंट्स में भाग लिया। 2012 में उन्हें फेमिना मिस इंडिया एंटरटेनमेंट क्वीन का खिताब मिला, जो उनके करियर का पहला महत्वपूर्ण मोड़ था। इसके बाद उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा और फिल्मों में अभिनय करने लगीं।
उर्वशी ने कई बॉलीवुड और साउथ इंडियन फिल्मों में अभिनय किया। उन्होंने 2013 में 'सिंह साहब द ग्रेट' से अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद 'सनम रे' (2016), 'ग्रेट ग्रैंड मस्ती' (2016), 'हेट स्टोरी 4' (2018), 'पागलपंती' (2019), और 'वर्जिन भानुप्रिया' (2020) जैसी फिल्मों में नजर आईं। इसके साथ ही, उन्होंने 'डाकू महाराज', 'सिंगल' और अन्य कई फिल्मों में कार्य किया। उनके गाने और स्टाइलिश अंदाज ने दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई।
उर्वशी केवल फिल्मों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वह सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय रहती हैं। वह अपनी सफलताओं और अनुभवों को अपने प्रशंसकों के साथ साझा करती हैं। नैनीताल पर उन्होंने एक पोस्ट साझा करते हुए इस स्थान से अपने विशेष संबंधों के बारे में खुलकर बात की।
उन्होंने कहा कि नैनीताल उनके लिए केवल एक छुट्टी की जगह नहीं है, बल्कि यह उनकी बचपन की यादों का एक हिस्सा है। यह उनका ननिहाल भी है। जब भी वह यहां आती हैं, तो वह झील में नाव की सवारी, तिब्बती बाजार और मालरोड की सैर जरूर करती हैं। इसके साथ ही, वह नैना देवी मंदिर भी जाती हैं।