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वरुण धवन की असली कहानी: पिता डेविड धवन ने लॉन्च करने से किया इनकार, खुद बनाई बॉलीवुड में पहचान

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वरुण धवन की असली कहानी: पिता डेविड धवन ने लॉन्च करने से किया इनकार, खुद बनाई बॉलीवुड में पहचान

सारांश

बॉलीवुड अभिनेता वरुण धवन ने पिता डेविड धवन के लॉन्च करने से इनकार के बाद असिस्टेंट डायरेक्टर से शुरुआत की और 2012 में 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर' से स्टार बने। लगातार 11 हिट फिल्मों का रिकॉर्ड उनकी मेहनत और लगन की कहानी कहता है।

मुख्य बातें

वरुण धवन का जन्म 24 अप्रैल 1987 को मुंबई में हुआ, वे निर्देशक डेविड धवन के बेटे हैं।
पिता डेविड धवन ने वरुण को अपने बैनर से लॉन्च करने से इनकार किया और खुद मेहनत करने की सीख दी।
वरुण ने नॉटिंघम ट्रेंट यूनिवर्सिटी, इंग्लैंड से बिजनेस मैनेजमेंट की डिग्री ली।
फिल्म 'माई नेम इज खान' में करण जौहर के साथ असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में करियर शुरू किया।
साल 2012 में 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर' से अभिनेता के रूप में डेब्यू किया, फिल्म सुपरहिट रही।
करियर में लगातार 11 हिट फिल्में देने का रिकॉर्ड बनाया; 2021 में नताशा दलाल से विवाह किया।

मुंबई, 23 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बॉलीवुड अभिनेता वरुण धवन की सफलता की कहानी उन तमाम युवाओं के लिए प्रेरणा है जो यह मानते हैं कि फिल्मी परिवार में जन्म लेने से करियर अपने आप बन जाता है। मशहूर निर्देशक डेविड धवन के बेटे होने के बावजूद वरुण को बॉलीवुड में अपनी जगह बनाने के लिए कड़ी मेहनत और धैर्य का रास्ता चुनना पड़ा। डेविड धवन ने साफ तौर पर यह तय किया था कि वे अपने बेटे को अपने बैनर तले लॉन्च नहीं करेंगे।

फिल्मी घराने में जन्म, फिर भी संघर्ष का रास्ता

24 अप्रैल 1987 को मुंबई में जन्मे वरुण धवन बचपन से ही फिल्मी दुनिया की चकाचौंध के बीच पले-बढ़े। उनके पिता डेविड धवन हिंदी सिनेमा के सबसे कामयाब कॉमेडी निर्देशकों में शुमार हैं, जिन्होंने दशकों तक दर्शकों को हंसाया। उनके बड़े भाई रोहित धवन भी एक जाने-माने निर्देशक हैं।

घर में सलमान खान, गोविंदा और अक्षय कुमार जैसे बड़े सितारों का आना-जाना लगा रहता था। इसी माहौल ने वरुण के मन में अभिनय के प्रति गहरी रुचि जगाई। हालांकि उनके पिता ने पहले पढ़ाई को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

वरुण ने मुंबई में शुरुआती शिक्षा पूरी करने के बाद इंग्लैंड की प्रतिष्ठित नॉटिंघम ट्रेंट यूनिवर्सिटी से बिजनेस मैनेजमेंट में डिग्री हासिल की। यह कदम इस बात का संकेत था कि उनके पिता चाहते थे कि वरुण के पास फिल्मों से इतर भी एक मजबूत आधार हो।

असिस्टेंट डायरेक्टर से हुई असली शुरुआत

पढ़ाई पूरी कर भारत लौटने के बाद वरुण ने सीधे अभिनेता बनने की बजाय कैमरे के पीछे काम करने का फैसला किया। उन्होंने करण जौहर की फिल्म 'माई नेम इज खान' में बतौर सहायक निर्देशक काम किया। इस अनुभव ने उन्हें फिल्म निर्माण की बारीकियां सिखाईं और स्क्रीन के सामने आने से पहले उद्योग को गहराई से समझने का मौका दिया।

यह वो दौर था जब हर किसी की नजर इस बात पर थी कि डेविड धवन अपने बेटे को किस धमाकेदार तरीके से लॉन्च करेंगे। लेकिन डेविड धवन ने इस उम्मीद को दरकिनार करते हुए साफ कर दिया कि वरुण को अपनी मेहनत से ही आगे बढ़ना होगा। यह फैसला भले ही उस वक्त कठिन लगा हो, लेकिन इसी ने वरुण धवन को एक परिपक्व और बहुआयामी कलाकार बनाया।

करण जौहर ने दिया बड़ा ब्रेक, 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर' से रातोंरात बने स्टार

साल 2012 में करण जौहर ने वरुण धवन को फिल्म 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर' से बड़े पर्दे पर उतारा। इस फिल्म में उनके साथ आलिया भट्ट और सिद्धार्थ मल्होत्रा भी थे। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता हासिल की और वरुण युवाओं के चहेते बन गए।

इस लॉन्च की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि यह उनके पिता के बैनर से नहीं, बल्कि एक अलग और स्वतंत्र प्रोडक्शन हाउस से हुई। इससे वरुण ने यह साबित किया कि उनकी पहचान सिर्फ डेविड धवन के बेटे के रूप में नहीं, बल्कि अपने दम पर बनी है।

लगातार 11 हिट फिल्में और बहुआयामी अभिनय

पहली फिल्म की सफलता के बाद वरुण धवन ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। 'हम्प्टी शर्मा की दुल्हनियां', 'बदलापुर', 'एबीसीडी 2', 'जुड़वा 2', 'अक्टूबर' और 'सुई धागा' जैसी फिल्मों में उन्होंने विविध किरदार निभाए। खास बात यह रही कि उन्होंने कॉमेडी के साथ-साथ गंभीर और भावनात्मक भूमिकाओं में भी अपनी अभिनय क्षमता का लोहा मनवाया।

एक समय ऐसा आया जब वरुण की लगातार 11 फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सफल रहीं — यह उपलब्धि बॉलीवुड में बड़े सितारों के लिए भी दुर्लभ मानी जाती है। इस रिकॉर्ड ने उन्हें शाहरुख खान, सलमान खान और अक्षय कुमार जैसे दिग्गजों की श्रेणी में ला खड़ा किया।

निजी जिंदगी और बचपन की दोस्त से शादी

वरुण धवन की निजी जिंदगी भी हमेशा सुर्खियों में रही। उन्होंने अपनी बचपन की दोस्त नताशा दलाल के साथ लंबे समय तक रिश्ते को परवान चढ़ाया और साल 2021 में दोनों ने विवाह के बंधन में बंधने का फैसला किया। उनकी यह प्रेम कहानी भी बॉलीवुड में एक मिसाल बनकर उभरी।

वरुण धवन की कहानी इस बात का प्रमाण है कि फिल्मी पृष्ठभूमि होने के बावजूद अगर माता-पिता बच्चे को स्वावलंबी बनाने की राह दिखाएं, तो वह कलाकार न सिर्फ टिकाऊ करियर बनाता है, बल्कि पीढ़ियों के लिए प्रेरणा भी बन जाता है। आने वाले समय में वरुण की अपकमिंग परियोजनाओं पर सभी की नजर रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो आज के दौर में दुर्लभ है। यह सोचने वाली बात है कि जब बॉलीवुड पर स्टार किड्स को अनुचित बढ़ावा देने के आरोप लगते हैं, तब डेविड धवन का यह फैसला एक अलग पेरेंटिंग मॉडल प्रस्तुत करता है। वरुण की सफलता यह भी दर्शाती है कि असिस्टेंट डायरेक्टर जैसी जमीनी भूमिका से शुरुआत करने वाले कलाकार अक्सर उन लोगों से ज्यादा टिकाऊ करियर बनाते हैं जिन्हें सीधे स्टारडम थमा दिया जाता है। मुख्यधारा की कवरेज सिर्फ उनकी हिट फिल्मों पर केंद्रित रहती है, लेकिन असली कहानी उस पारिवारिक अनुशासन में छिपी है जिसने एक फिल्मी घराने के बेटे को सच्चा कलाकार बनाया।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वरुण धवन को उनके पिता डेविड धवन ने क्यों लॉन्च नहीं किया?
डेविड धवन चाहते थे कि वरुण अपनी मेहनत और काबिलियत के बल पर बॉलीवुड में जगह बनाएं, न कि पिता के नाम पर। इसीलिए उन्होंने वरुण को अपने बैनर से लॉन्च करने से साफ इनकार कर दिया।
वरुण धवन ने बॉलीवुड में करियर की शुरुआत कैसे की?
वरुण धवन ने करण जौहर की फिल्म 'माई नेम इज खान' में बतौर सहायक निर्देशक काम करके अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद 2012 में 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर' से उन्होंने बतौर अभिनेता डेब्यू किया।
वरुण धवन की कितनी फिल्में लगातार हिट रहीं?
वरुण धवन की लगातार 11 फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सफल रहीं, जो बॉलीवुड में एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। इस रिकॉर्ड ने उन्हें इंडस्ट्री के शीर्ष सितारों की श्रेणी में स्थापित किया।
वरुण धवन ने किससे और कब शादी की?
वरुण धवन ने अपनी बचपन की दोस्त नताशा दलाल से साल 2021 में शादी की। दोनों लंबे समय से एक-दूसरे को जानते थे और रिश्ते में थे।
वरुण धवन की सबसे यादगार फिल्में कौन सी हैं?
वरुण धवन की सबसे चर्चित फिल्मों में 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर', 'बदलापुर', 'एबीसीडी 2', 'जुड़वा 2', 'अक्टूबर' और 'सुई धागा' शामिल हैं। इन फिल्मों में उन्होंने कॉमेडी से लेकर गंभीर भूमिकाओं तक अपनी बहुमुखी प्रतिभा दिखाई।
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