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विकास खन्ना की दिवंगत बहन राधिका को रोज़ सुबह फूलों की रंगोली से श्रद्धांजलि, 'शेखर टुनाइट' में भावुक खुलासा

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विकास खन्ना की दिवंगत बहन राधिका को रोज़ सुबह फूलों की रंगोली से श्रद्धांजलि, 'शेखर टुनाइट' में भावुक खुलासा

सारांश

विकास खन्ना का न्यूयॉर्क रेस्टोरेंट महज़ एक बिजनेस नहीं — यह दिवंगत बहन राधिका से किए वादे की रोज़ाना याद है। हर सुबह फूलों की रंगोली और हाथ जोड़कर की जाने वाली यह रस्म बताती है कि कैसे एक बहन की इच्छा ने एक शेफ को फिर से खड़ा किया।

मुख्य बातें

विकास खन्ना ने 'शेखर टुनाइट' में दिवंगत बहन राधिका को श्रद्धांजलि देने की अपनी रोज़ाना रस्म का खुलासा किया।
वे हर सुबह न्यूयॉर्क रेस्टोरेंट की कांच की छत के नीचे फूलों से रंगोली बनाकर बहन को याद करते हैं।
राधिका की बीमारी और निधन के बाद विकास ने नया रेस्टोरेंट खोलने का विचार लगभग छोड़ दिया था; माँ की याद दिलाई गई बहन की इच्छा ने उन्हें प्रेरित किया।
राधिका का मानना था कि दुनिया के 30 प्रतिशत लोग विकास को परिवार के सदस्य जैसा मानते हैं और उन्हें ऐसी जगह बनानी चाहिए जो घर जैसी लगे।
रेस्टोरेंट राधिका के जन्मदिन पर बिना रिजर्वेशन के खोला गया।

सेलिब्रिटी शेफ विकास खन्ना ने स्ट्रीमिंग चैट शो 'शेखर टुनाइट' में अपनी दिवंगत बहन राधिका को याद करते हुए एक गहरी भावुक बात साझा की — वह हर सुबह अपने न्यूयॉर्क स्थित रेस्टोरेंट की कांच की छत के नीचे जाकर फूलों से रंगोली बनाते हैं और हाथ जोड़कर बहन को याद करते हैं। यह रस्म उनके लिए महज़ एक आदत नहीं, बल्कि राधिका से किए उस वादे की रोज़ाना याद है जिसे पूरा करने के लिए उन्होंने दोबारा रेस्टोरेंट की दुनिया में कदम रखा।

राधिका की इच्छा और रेस्टोरेंट की नींव

विकास ने शो में बताया कि राधिका की बीमारी और निधन के बाद उन्होंने नया रेस्टोरेंट खोलने का विचार लगभग छोड़ दिया था। उनका मानना था कि 50 साल से अधिक उम्र में यह जोखिम उठाना ज़रूरी नहीं। लेकिन उनकी माँ ने उन्हें राधिका की अंतिम इच्छा याद दिलाई, जिसके बाद उन्होंने इस दिशा में फिर से कदम बढ़ाया।

विकास के अनुसार, कोरोना महामारी से पहले राधिका अक्सर उन्हें कहती थीं कि दुनिया के करीब 30 प्रतिशत लोग उन्हें परिवार के सदस्य जैसा मानते हैं। राधिका चाहती थीं कि विकास सिर्फ एक रेस्टोरेंट न खोलें, बल्कि ऐसी जगह बनाएँ जो लोगों को घर जैसा एहसास दे।

बहन की वह बात जो मन में बैठ गई

विकास ने राधिका के उन शब्दों को दोहराया जो उनके दिल में घर कर गए हैं। उन्होंने कहा, 'राधिका मुझसे कहा करती थीं कि पैसे से रेस्टोरेंट खोला जा सकता है, लेकिन सिर्फ पैसे से घर नहीं बनाया जा सकता। घर लोगों के साथ मिलकर बनता है।' रेस्टोरेंट निर्माण के दौरान जैसे-जैसे काम आगे बढ़ता गया, उन्हें बार-बार ये बातें याद आती रहीं।

उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि शुरुआत में वे इस प्रोजेक्ट के बिल्कुल पक्ष में नहीं थे। लेकिन धीरे-धीरे उन्हें महसूस हुआ कि यह केवल एक व्यावसायिक निर्णय नहीं, बल्कि बहन से किए वादे को निभाने का सवाल है।

माँ की भूमिका और आखिरी वादा

विकास ने बताया कि उनकी माँ ने उन्हें याद दिलाया कि यह वह आखिरी वादा है जिसे उन्हें पूरा करना है। उन्होंने कहा, 'मुझे बार-बार ऐसा महसूस होता था कि राधिका मुझे देख रही हैं।' इस भावना ने उन्हें उस बड़े सपने को एक छोटे रेस्टोरेंट के रूप में शुरू करने की हिम्मत दी।

राधिका के जन्मदिन पर बिना रिजर्वेशन के उद्घाटन

विकास ने खुलासा किया कि उन्होंने यह रेस्टोरेंट राधिका के जन्मदिन पर बिना किसी रिजर्वेशन के खोला — ताकि हर कोई बिना किसी औपचारिकता के आ सके, ठीक वैसे जैसे घर में आते हैं। तब से हर सुबह वे कांच की छत के नीचे फूलों से रंगोली बनाते हैं, हाथ जोड़ते हैं और कहते हैं, 'अगर तुम देख रही हो, तो यह तुम्हारे लिए है।'

यह भावुक खुलासा दर्शाता है कि विकास खन्ना के लिए यह रेस्टोरेंट केवल एक पाककला का मंच नहीं, बल्कि एक जीती-जागती श्रद्धांजलि है — उस बहन को जिसने उन्हें खुद को पहचानना सिखाया।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठता है कि क्या 'घर जैसी जगह' का यह विचार व्यावसायिक दबावों के बीच टिका रह सकता है। फिर भी, किसी सार्वजनिक हस्ती का इस तरह खुलकर शोक और प्रेरणा साझा करना दर्शकों से एक ईमानदार संवाद है जो आज के मीडिया परिदृश्य में दुर्लभ है।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विकास खन्ना अपनी बहन राधिका को कैसे याद करते हैं?
विकास खन्ना हर सुबह अपने न्यूयॉर्क रेस्टोरेंट की कांच की छत के नीचे फूलों से रंगोली बनाते हैं, हाथ जोड़ते हैं और कहते हैं, 'अगर तुम देख रही हो, तो यह तुम्हारे लिए है।' यह उनकी रोज़ाना की भावुक रस्म है।
विकास खन्ना ने न्यूयॉर्क रेस्टोरेंट क्यों खोला?
राधिका के निधन के बाद विकास ने नया रेस्टोरेंट खोलने का विचार छोड़ दिया था, लेकिन माँ ने उन्हें बहन की अंतिम इच्छा याद दिलाई। राधिका चाहती थीं कि विकास एक ऐसी जगह बनाएँ जो लोगों को घर जैसा एहसास दे, और इसी वादे को पूरा करने के लिए उन्होंने रेस्टोरेंट खोला।
विकास खन्ना ने 'शेखर टुनाइट' में क्या खुलासा किया?
'शेखर टुनाइट' में विकास खन्ना ने बताया कि वे दिवंगत बहन राधिका की याद में हर सुबह एक खास रस्म निभाते हैं। उन्होंने यह भी साझा किया कि राधिका की इच्छा और माँ की प्रेरणा ने उन्हें 50 साल की उम्र में दोबारा रेस्टोरेंट शुरू करने की हिम्मत दी।
राधिका खन्ना का विकास के करियर पर क्या प्रभाव था?
राधिका विकास को हमेशा उनका हुनर पहचानने के लिए प्रेरित करती थीं। उनका मानना था कि दुनिया के करीब 30 प्रतिशत लोग विकास को परिवार जैसा मानते हैं और उन्हें इस रिश्ते को एक खास जगह के ज़रिए सम्मान देना चाहिए।
विकास खन्ना का रेस्टोरेंट किस खास दिन खोला गया?
विकास खन्ना ने अपना रेस्टोरेंट राधिका के जन्मदिन पर बिना किसी रिजर्वेशन के खोला, ताकि हर कोई बिना औपचारिकता के आ सके — ठीक वैसे जैसे घर में आते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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