विक्रम भट्ट का खुलासा: 'हॉन्टेड 3डी' निर्देशक ने बताया क्यों डर ही है हर भावना की जड़
सारांश
मुख्य बातें
निर्देशक विक्रम भट्ट की नई फिल्म 'हॉन्टेड 3डी' सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है, और इस मौके पर उन्होंने पहली बार विस्तार से बताया कि हॉरर शैली उन्हें इतनी गहराई से क्यों आकर्षित करती है। मुंबई में फिल्म के प्रमोशन के दौरान भट्ट ने कहा कि उनके लिए डर महज एक सिनेमाई तत्व नहीं, बल्कि मानव मनोविज्ञान की बुनियाद है।
डर को लेकर विक्रम भट्ट का नज़रिया
भट्ट ने कहा, 'मुझे लगता है कि डर ही दुनिया की बाकी सभी भावनाओं का आधार है। अगर किसी इंसान को अपने किसी करीबी व्यक्ति को खोने का डर होता है, तो वही डर उसके अंदर अधिकार जताने की भावना पैदा करता है।' उन्होंने आगे जोड़ा कि जिसे लोग लालच कहते हैं, वह दरअसल 'पर्याप्त न होने का डर' है, और जो होड़ दिखती है, वह 'पीछे छूट जाने के डर' से जन्म लेती है।
निर्देशक के अनुसार, 'अक्सर लोग इन भावनाओं को अलग-अलग नाम देते हैं, लेकिन अगर गहराई से देखा जाए तो इनके पीछे डर ही छिपा होता है। दुनिया में बहुत बड़ी संख्या में लोग किसी न किसी डर के साथ जी रहे हैं, लेकिन उन्हें यह एहसास नहीं होता कि उनकी कई भावनाओं की असली वजह डर ही है।'
जीव-जगत और जीवन-रक्षा में डर की भूमिका
भट्ट ने अपनी बात को और व्यापक संदर्भ में रखते हुए कहा, 'सिर्फ इंसानों की दुनिया ही नहीं, बल्कि पूरा जीव-जगत डर के आधार पर चलता है। डर जिंदा रहने के लिए जरूरी है। अगर कोई व्यक्ति किसी खतरनाक जानवर को देखकर नहीं डरेगा, तो उसकी जान खतरे में पड़ सकती है।' यह दृष्टिकोण उनकी फिल्मों में बार-बार झलकता है — जहाँ भय केवल चौंकाने का माध्यम नहीं, बल्कि पात्रों की भीतरी दुनिया को उजागर करने का औज़ार बनता है।
इंसान का छिपा हुआ पक्ष और फिल्मों की विषय-वस्तु
विक्रम भट्ट ने बताया कि उन्होंने अपने पूरे करियर में उन्हीं विषयों को चुना है जिन पर समाज खुलकर बात करने से बचता है — रिश्तों की जटिलताएँ, मन का अंधेरा पक्ष और दबी हुई भावनाएँ। उनके शब्दों में, 'इंसान की असली पहचान कई बार उसके इंटरनेट पर किए गए सर्च से समझी जा सकती है। लोग दुनिया के सामने एक चेहरा दिखाते हैं, लेकिन उनके मन में कई ऐसे सवाल, इच्छाएं और डर होते हैं, जिन्हें वे किसी से साझा नहीं करते।'
उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति के भीतर एक ऐसा पक्ष होता है जिसे दुनिया नहीं जानती, और उसी अनजाने पक्ष को परदे पर उतारना उनका मुख्य रचनात्मक लक्ष्य है। यह नज़रिया उनकी हॉरर फिल्मों को महज 'जम्प-स्केयर' से अलग करता है।
हॉरर शैली में विक्रम भट्ट की पहचान
गौरतलब है कि विक्रम भट्ट हिंदी सिनेमा में हॉरर शैली के सबसे सक्रिय निर्देशकों में से एक माने जाते हैं। पिछले कई वर्षों में उन्होंने एक के बाद एक ऐसी फिल्में दी हैं जो दर्शकों को भयभीत करने के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक स्तर पर भी झकझोरती हैं। 'हॉन्टेड 3डी' इसी सिलसिले की नई कड़ी है।
'हॉन्टेड 3डी' के साथ भट्ट एक बार फिर उस अंधेरे कोने में झाँकने की कोशिश कर रहे हैं जिसे दर्शक देखना तो चाहते हैं, लेकिन अकेले नहीं जाना चाहते।