जाकिर खान ने टूर से 2 साल का ब्रेक लेने की वजह बताई, बोले— '75 साल तक शो करना है'
सारांश
मुख्य बातें
मशहूर स्टैंड-अप कॉमेडियन जाकिर खान ने अभिनेत्री नेहा धूपिया और अभिनेता-पति अंगद बेदी के शो 'डबल डेट' में हिस्सा लेते हुए अपने टूर से ब्रेक लेने की असली वजह सार्वजनिक की। उनके साथ पूर्व भारतीय क्रिकेटर इरफान पठान भी मौजूद थे। इस बातचीत में जाकिर ने खुलासा किया कि 10 साल के लगातार काम ने उनकी सेहत पर गंभीर असर डाला है, और अब वे लंबे करियर के लिए खुद को संभालना चाहते हैं।
क्यों लिया ब्रेक
जाकिर खान ने शो में कहा, 'मुझे मेरा काम बहुत प्यारा है और मैं चाहता हूं कि जब मैं 75 साल का हो जाऊं, तो जावेद साहब की तरह मैं भी टॉक्स करूं, शो करूं।' उन्होंने स्वीकार किया कि 10 साल की अथक मेहनत ने उनके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाया है। उनके शब्दों में— 'हालांकि, 10 साल लगातार काम करके मैंने अपनी जो सेहत खराब की है, उसे मुझे पहले ठीक करना होगा। बस इसलिए मैंने 2 साल का ब्रेक लिया है।'
मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात
जाकिर ने अपनी मेंटल हेल्थ को लेकर एक दिलचस्प बात कही— 'मेरी मेंटल हेल्थ अपनी पीक पर है, इसी वजह से मेरी फिजिकल हेल्थ ठीक नहीं है।' यह बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि मानसिक रूप से अत्यधिक सक्रिय रहने से शारीरिक थकान बढ़ सकती है — एक ऐसा पहलू जिस पर मनोरंजन उद्योग में अक्सर खुलकर बात नहीं होती।
गौरतलब है कि यह ब्रेक पूर्ण विराम नहीं है। जाकिर ने स्पष्ट किया, 'मेरा ब्रेक सिर्फ दूसरे शहरों में टूर करने से है, मैं शहर के अंदर ट्रैवल करता रहूंगा।' यानी वे स्थानीय परफॉर्मेंस जारी रखेंगे, बस लंबे आउटस्टेशन दौरों से दूरी बना रहे हैं।
जाकिर खान का करियर और उपलब्धियाँ
यूट्यूब पर 50 लाख से अधिक सब्सक्राइबर्स के साथ जाकिर भारत के सबसे बड़े स्टैंड-अप कॉमेडियनों में गिने जाते हैं। करियर की शुरुआत में उन्होंने दिल्ली में थिएटर और रेडियो प्रोग्रामिंग में काम किया। 2012 में कॉमेडी सेंट्रल की 'इंडियाज बेस्ट स्टैंड अप' प्रतियोगिता जीतकर उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली।
अमेज़न प्राइम वीडियो पर उनके कई चर्चित स्टैंड-अप स्पेशल रिलीज हुए— 'हक से सिंगल' (2017), 'कक्षा ग्यारहवीं' (2018), 'तथास्तु' (2022), 'मनपसंद' (2023) और 'देलुलु एक्सप्रेस' (2025)। इसके अलावा उन्होंने लोकप्रिय वेब सीरीज 'चाचा विधायक हैं हमारे' में मुख्य भूमिका निभाई और लेखन भी किया।
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हिंदी का परचम
जाकिर खान ने लंदन के प्रतिष्ठित रॉयल अल्बर्ट हॉल और न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में हिंदी में परफॉर्म करके एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया। इरफान पठान और जाकिर ने शो में रिश्तों, निजी भावनाओं और जिंदगी के उन पहलुओं पर भी बात की जो आमतौर पर सार्वजनिक मंचों पर कम ही सुनने को मिलते हैं।
एक ऐसे उद्योग में जहाँ कलाकार अक्सर थकान को छिपाते हैं, जाकिर की यह स्वीकारोक्ति न केवल उनकी दीर्घकालिक सोच दर्शाती है बल्कि युवा कॉमेडियनों के लिए एक ज़रूरी संदेश भी है।