अल्सर में सही डाइट लेना क्यों है जरूरी?
सारांश
Key Takeaways
- अल्सर के उपचार में सही आहार महत्वपूर्ण है।
- सुबह का नाश्ता हल्का होना चाहिए।
- खट्टे फलों से दूरी बनाएं।
- रात का खाना हमेशा हल्का रखें।
- बार-बार चाय पीने से परहेज करें।
नई दिल्ली, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अल्सर पेट के अंदर की परत में उत्पन्न एक घाव होता है, जो आमतौर पर गलत आहार, अत्यधिक एसिड उत्पादन, मानसिक तनाव या लंबे समय तक अस्वस्थ जीवनशैली के कारण होता है। केवल दवाइयों के सेवन से राहत मिलना आवश्यक नहीं है। यदि आहार सही नहीं है, तो दवाइयाँ भी प्रभावी नहीं होंगी। इसलिए अल्सर के मामले में दवा के साथ-साथ सही आहार लेना अत्यंत आवश्यक है।
जब पेट में घाव होता है, तो अनुचित आहार एसिड के उत्पादन को बढ़ा देता है। अधिक एसिड से घाव में जलन होती है और भरने में अधिक समय लगता है। दूसरी ओर, यदि भोजन हल्का, साधारण और समय पर लिया जाए, तो पेट को आराम मिलता है और घाव भरने की प्रक्रिया तेज होती है। इसलिए अल्सर के मरीज को पूरे दिन के आहार पर ध्यान देना चाहिए।
सुबह उठने पर खाली पेट कुछ बहुत तीखा या भारी नहीं लेना चाहिए। हल्का गुनगुना पानी पीना सबसे अच्छा होता है। यदि शरीर को सहन हो तो थोड़ा नारियल पानी भी लिया जा सकता है। सुबह खाली पेट चाय या कॉफी पीने की आदत अल्सर के लिए हानिकारक हो सकती है, इसलिए इससे बचना चाहिए।
नाश्ते में दलिया एक सुरक्षित और अच्छा विकल्प है। इसके अलावा ओट्स या पतली खिचड़ी भी ली जा सकती है। साधारण ब्रेड पर थोड़ा घी लगाया जा सकता है, लेकिन बहुत मसालेदार पराठे या तले-भुने नाश्ते से परहेज करना चाहिए। फलों का सेवन भी सोच-समझकर करना चाहिए। पका केला अल्सर के लिए फायदेमंद होता है और पपीता पेट को ठंडक देता है। सेब को छीलकर खाना बेहतर है। संतरा, नींबू, अनानास और कच्चे आम जैसे खट्टे फलों से दूर रहना चाहिए क्योंकि ये एसिड बढ़ाते हैं।
दोपहर के खाने में साधारण चावल या रोटी लें। मूंग दाल या अरहर दाल हल्की होती हैं। लौकी, तोरी और टिंडे जैसी सब्जियां पेट के लिए अच्छी मानी जाती हैं। इस समय बहुत भारी खाना, तली हुई चीजें, अचार और अधिक मसालेदार सब्जियों से बचना चाहिए। भरपेट खाना भी हानिकारक हो सकता है।
शाम को हल्की भूख लगे तो भुना चना या मुरमुरा लिया जा सकता है। हर्बल चाय ठीक रहती है, लेकिन बिस्किट और नमकीन से बचना चाहिए। दिन में बार-बार चाय पीना हानिकारक है और कॉफी अल्सर में ठीक नहीं मानी जाती।
रात का खाना हमेशा हल्का रखें। खिचड़ी या सब्जी-रोटी पर्याप्त होती है। सोने से 2-3 घंटे पहले खाना खा लेना चाहिए। बहुत भारी, तेल-मसाले वाला भोजन, देर रात दूध पीना और खाने के तुरंत बाद लेटना अल्सर के लिए बड़ी गलती मानी जाती है।